बप्पा को विदा करते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, जान लें गणपति विसर्जन के नियम

Kaushiki | Sept 19, 2026, 13:30 IST
Ganesh Visarjan Rules
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गणेश विसर्जन पर बप्पा की विदाई के समय पूजा सामग्री जैसे फूल, वस्त्र और सुपारी के सही इस्तेमाल को लेकर अक्सर असमंजस रहता है। धार्मिक और पर्यावरण के नियमों के मुताबिक इन चीजों को पानी में बहाने से बचाना चाहिए। जानें सही तरीके और नियम।

Ganesh Visarjan Rules: गणेश चतुर्थी का पावन पर्व आते ही हर घर में खुशियां छा जाती हैं। भक्त बड़े ही प्रेम और श्रद्धा से अपने प्यारे बप्पा को घर लेकर आते हैं। कोई एक दिन, तो कोई तीन, पांच, सात या पूरे 10 दिनों तक भगवान गणेश की सेवा करता है। लेकिन जैसे-जैसे विसर्जन का दिन करीब आता है, भक्तों का दिल भारी होने लगता है। साल 2026 में अनंत चतुर्दशी का यह पावन दिन 25 सितंबर को पड़ रहा है।



क्या आप जानते हैं कि बप्पा को विदा करते समय आपकी एक छोटी सी अनजाने में हुई गलती उनके आशीर्वाद को रोक सकती है? अक्सर भक्त विसर्जन की जल्दीबाजी में भगवान की प्रतिमा के साथ-साथ पूरी पूजा सामग्री, वस्त्र, फूल और सुपारी को भी जल में प्रवाहित कर देते हैं। लेकिन क्या ऐसा करना धार्मिक और पर्यावरण के लिहाज से सही है?



शास्त्रों के मुताबिक, बप्पा की विदाई और पूजा सामग्री का निस्तारण दो पूरी तरह से अलग प्रक्रियाएं हैं। अगर आप चाहते हैं कि बप्पा के जाने के बाद भी आपके घर में रिद्धि-सिद्धि और सुख-समृद्धि का वास बना रहे। तो विसर्जन से पहले और बाद के ये रहस्यमय नियम जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। आइए जानें बप्पा की विदाई के समय किन चीजों को संभालकर रखना चाहिए और किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।



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उत्तर पूजा करके करें बप्पा को विदा

गणपति प्रतिमा को उसके स्थान से उठाने से पहले उत्तर पूजा की जाती है। इसे बप्पा की अंतिम विदाई पूजा भी कहा जाता है। इस पूजा में बप्पा को ताजे फूल, दूर्वा और मोदक का भोग लगाएं।



इसके बाद पूरे भाव के साथ गणेश जी की आरती उतारें। पूजा के दौरान हुई किसी भी भूल के लिए प्रभु से क्षमा मांगें। अगले वर्ष दोबारा घर आने के लिए बप्पा से प्रार्थना करें।



इसके बाद प्रतिमा को उसके स्थान से थोड़ा सा आगे खिसका दें। प्रतिमा खिसकाना इस बात का संकेत है कि संकल्प पूरा हो गया। अब आप बप्पा को पूरे सम्मान के साथ विदा कर सकते हैं।



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फूल और मालाओं का क्या करना चाहिए

बप्पा पर चढ़ाए गए फूल और दूर्वा को विसर्जन से पहले उतार लें। इन प्राकृतिक चीजों को कभी भी नदी या नाले में न फेंकें। सूखे फूल और पत्तियों को एक जगह इकट्ठा करके खाद बनाएं। अगर खाद बनाना संभव न हो तो इन्हें साफ मिट्टी में दबा दें।



आप नगर निगम के बनाए निर्माल्य कलश में भी इन्हें डाल सकते हैं। प्लास्टिक की माला, चमकीली पन्नी और थर्मोकोल को बिल्कुल अलग रखें। इन्हें गीले कचरे के साथ न मिलाएं और सूखा कचरा केंद्र दें। केवल मिट्टी की इको-फ्रेंडली प्रतिमा ही पानी में विसर्जित करें।



भगवान के पहनाए वस्त्र कहां रखें

बप्पा के वस्त्रों को मूर्ति के साथ पानी में कभी न बहाएं। कपड़ों को सम्मानपूर्वक उतारकर किसी साफ और सुरक्षित स्थान पर रखें। इन कपड़ों को अगले साल बप्पा की चौकी पर बिछा सकते हैं। इनका उपयोग घर के पूजाघर में भी आसानी से किया जा सकता है।



यदि कपड़ा नया है तो किसी जरूरतमंद को भी दिया जा सकता है। मंदिर में वस्त्र देने से पहले वहां के नियम जरूर जान लें। कपड़े में लगे धातु या प्लास्टिक के तारों को हटाकर अलग करें। प्रदूषण से बचने के लिए सजावटी सामान जल में न डालें।



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पूजा की सुपारी और नारियल का नियम

पूजन में रखी गई सुपारी बहुत पवित्र और फलदायी मानी जाती है। इसे फेंकने के बजाय लाल या पीले कपड़े में लपेटकर रखें। इसे आप अपने घर की तिजोरी या पूजाघर में रख सकते हैं। यदि सुपारी को गणेश जी मानकर स्थापित किया था तो नियम अलग हैं।



पुरोहित की सलाह लेकर इसे संभालकर रखें या विसर्जित करें। पूजा का नारियल और फल परिवार में प्रसाद के रूप में बांटें। कलश का जल किसी गमले या पवित्र पौधे में डाल दें। कलश, सिक्के और आभूषण धोकर दोबारा पूजा में इस्तेमाल करें।



विसर्जन के बाद पूजा स्थल की सफाई

बप्पा के जाने के तुरंत बाद पूजा वाले स्थान को साफ करें। उस जगह को खाली और गंदा बिल्कुल भी न छोड़ें। आसन और चौकी को हटाकर वहां गंगाजल का छिड़काव करें। घर के वातावरण को शुद्ध करने के लिए धूप-दीप अवश्य जलाएं।



यदि अखंड दीपक जल रहा हो तो उसे तुरंत न बुझाएं। दीपक को अपनी अवधि पूरी करने दें और उस पर नजर रखें। पूजा का प्रसाद तुरंत सभी पड़ोसियों और परिजनों में बांट दें। साफ-सफाई करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है।



विदाई के बाद भूलकर न करें ये काम

बप्पा की विदाई के बाद घर में नकारात्मकता न आने दें। परिवार के सदस्यों के साथ किसी भी बहस से बचना चाहिए। घर में किसी भी तरह का कलेश या झगड़ा न करें। बच्चों पर गुस्सा न करें और उन्हें डांटने से बचें। गणेश मूर्ति विसर्जन गणपति विसर्जन



घर के बड़ों का सम्मान करें और वाणी में मधुरता रखें। विसर्जन के बाद मन में श्रद्धा और शांति का भाव रखें। बप्पा की कृपा पाने के लिए घर में पवित्र वातावरण बनाएं। सच्चे मन से की गई प्रार्थना से घर में समृद्धि आती है। अनंत चतुर्दशी को गणेश विसर्जन करें।



डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।



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