जानिए कैसे अमृतसर का गोल्डन टेम्पल गुरु नानक जयंती पर बन जाता है स्वर्ग का द्वार
Aman Vaishnav | Nov 05, 2025, 10:20 IST
1 / 7
मुस्लिम संत ने रखी गोल्डन टेम्पल की नींवImage credit : Aman Vaishnav
अमृतसर का स्वर्ण मंदिर प्यार और भाईचारे की सबसे बड़ी निशानी है! जानते हैं, इसकी नींव एक मुस्लिम संत (हजरत मियां मीर) ने रखी थी।
2 / 7
अमृत सरोवर स्नान के फायदेImage credit : Aman Vaishnav
लाखों भक्त गुरुपर्व से पहले पवित्र जल (अमृत सरोवर) में स्नान करते हैं। यह एक गहरा विश्वास है कि इस पानी में डूबकी लगाने से मन को शांति मिलती है और सारे दुख-दर्द दूर हो जाते हैं।
3 / 7
गोल्डन टेम्पल में रात का नजाराImage credit : Aman Vaishnav
गुरु नानक जयंती पर श्री हरमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल) हजारों दियों और रंग-बिरंगी लाइटों से ऐसा जगमगा उठता है (गुरु नानक जयंती की धूम) कि रात का नजारा देखने लायक होता है।
4 / 7
दुनिया का सबसे बड़ा किचनImage credit : Aman Vaishnav
Amritsar Golden Temple में दुनिया का सबसे बड़ा किचन है, जो साल भर, दिन-रात चलता रहता है! गुरुपर्व पर तो यहां लाखों लोग एक साथ जमीन पर बैठकर लंगर खाते हैं।
5 / 7
गुरु ग्रंथ साहिब का पाठImage credit : Aman Vaishnav
Guru Nanak Jayanti से पहले, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का लगातार तीन दिन तक अखंड पाठ चलता है।
6 / 7
गुरु नानक जयंती जुलूसImage credit : Aman Vaishnav
गुरुपर्व के दिन, पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब जी को एक सुंदर पालकी में सजाकर पूरे नगर में जुलूस निकाला जाता है। इस शानदार नजारे को देखकर हर भक्त को लगता है, मानो गुरु नानक देव जी खुद सब को आशीर्वाद देने के लिए नगर में आए हों।
7 / 7
गोल्डन टेम्पल में 500 किलो सोनाImage credit : Aman Vaishnav
इस मंदिर की खूबसूरती का सबसे बड़ा कारण सोना है जो इस पर चढ़ा है। मंदिर पर 500 किलोग्राम से भी ज्यादा सोना लगा है।