किसानों के लिए क्यों खास माना जाता है आषाढ़ अमावस्या, जानें इस दिन के जरूरी उपाय
2026: आषाढ़ मास की अमावस्या का हिंदू धर्म में एक बहुत बड़ा और खास स्थान है। इस बार ये पवित्र तिथि 14 जुलाई को आ रही है। इस विशेष अमावस्या को देश के कई हिस्सों में हलहारिणी अमावस्या भी कहा जाता है।
ये दिन मुख्य रूप से हमारे देश के अन्नदाताओं यानी किसानों को समर्पित है। इस पावन दिन पर किसान भाई अपने खेती के औजारों की विशेष पूजा करते हैं। इसके बाद ही खेतों में नई फसल के काम शुरू किए जाते हैं।
मानसून में बीज बोने का शुभ समय
यह समय पूरे देश में सुंदर वर्षा ऋतु यानी मानसून का होता है। रिमझिम बारिश के बीच इस अमावस्या को बेहद शुभ माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, इस दिन खेतों में नए बीज बोना बहुत अच्छा होता है।
इस समय बोए गए बीजों से फसल बहुत अच्छी होती है। किसान पूजा के बाद अपने हल से खेतों को जोतने की परंपरा निभाते हैं। इससे उनके घरों में कभी भी अनाज की कोई कमी नहीं होती।
पितरों की शांति के लिए करें उपाय
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, आषाढ़ अमावस्या पर पितरों की पूजा जरूर करनी चाहिए। इस दिन अपने पूर्वजों के नाम पर ध्यान और पिंडदान करना शुभ होता है।
ऐसा करने से पितृ दोष दूर होते हैं और तरक्की के रास्ते खुलते हैं। इस दिन किसी खाली जगह पर एक छायादार छोटा पौधा जरूर लगाना चाहिए। बारिश के मौसम में इस पौधे के बढ़ने की संभावना सबसे ज्यादा होती है।
सुबह उठकर सूर्य देव को दें अर्घ्य
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, हलहारिणी अमावस्या तिथि (पितृ मोक्ष अमावस्या) के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लेना चाहिए। इसके बाद तांबे के लोटे में साफ जल लेकर सूर्य देव को चढ़ाएं।
सूर्य को चढ़ाने वाले जल में थोड़ा सा कुमकुम और लाल फूल डालें। साथ ही जल अर्पित करते समय 'ऊँ सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करें। इसके बाद अपने घर के मंदिर में भगवान गणेश और शिवजी की पूजा करें।
नदियों में स्नान का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करना बेहद शुभ है। लोग गंगा, यमुना या नर्मदा नदी में आस्था की डुबकी लगाते हैं।
माना जाता है कि इस दिन नदी में नहाने से सारे पाप मिट जाते हैं। अगर बाहर जाना संभव न हो, तो घर पर ही नहाएं। नहाने के पानी में थोड़ा सा पवित्र गंगाजल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं। नहाते समय मन में सभी पवित्र तीर्थों का ध्यान जरूर करें।
संकटमोचन हनुमान जी की पूजा
इस बार अमावस्या मंगलवार के खास संयोग में आ रहा है। इसलिए इस दिन संकटमोचन हनुमान जी की पूजा करना बिल्कुल न भूलें। हनुमान जी के सामने शुद्ध घी या चमेली के तेल का दीपक जलाएं। इसके बाद पूरी श्रद्धा के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करें। आप चाहें तो इस दिन सुंदरकांड का पाठ भी कर सकते हैं।
दान और तुलसी पूजा से चमकेगी किस्मत
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, अमावस्या के दिन जरूरतमंद लोगों को अपनी इच्छा के अनुसार दान दें। अनाज, धन, कपड़े या फिर नए जूते-चप्पल दान कर सकते हैं। शाम के समय घर के आंगन में लगी तुलसी के पास दीपक जलाएं।
दीपक जलाने के बाद तुलसी माता की कम से कम तीन परिक्रमा करें। इस तरह पूजा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा हमेशा के लिए दूर होती है। इसके अगले दिन यानी 15 जुलाई से गुप्त नवरात्रि शुरू होगी।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
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