MP के चमत्कारी धाम, यहां बजरंगबली के दर्शन मात्र से पूरे होते हैं सारे बिगड़े काम
Kaushiki | Apr 12, 2025, 13:30 IST
1 / 7
उल्टे हनुमान (इंदौर)Image credit : Kaushiki
इंदौर से करीब 30 किमी दूर सांवेर गांव में हनुमान जी की उल्टी प्रतिमा स्थित है। यह प्रतिमा पूरी दुनिया में अपनी तरह की एकमात्र उल्टी हनुमान प्रतिमा मानी जाती है। इसके पीछे एक पौराणिक कथा है, जिसमें हनुमान जी ने पाताल लोक से भगवान राम और लक्ष्मण को मुक्त कराया था। इस घटना के कारण हनुमान जी की मूर्ति उल्टी स्थित है।
2 / 7
हड्डी जोड़ने वाले हनुमान (कटनी)Image credit : Kaushiki
कटनी जिले के मोहास गांव में स्थित हनुमान मंदिर को हड्डी जोड़ने वाले हनुमान धाम के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर में हड्डी जोड़ने के लिए एक जड़ी का प्रयोग किया जाता है, जो नि:शुल्क दी जाती है।
3 / 7
जामसांवली हनुमान धाम (छिंदवाड़ा)Image credit : Kaushiki
जामसांवली हनुमान मंदिर छिंदवाड़ा जिले में स्थित है, जहां हनुमान जी की 15 फीट लंबी मूर्ति शयन मुद्रा में विराजमान हैं। यहां की विशेषता यह है कि मूर्ति की नाभि से जलधारा निरंतर बहती रहती है और इसे चर्मरोगों से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है। इस मंदिर का इतिहास 100 साल से भी पुराना है।
4 / 7
हनुमान जयंतीImage credit : Kaushiki
मध्यप्रदेश में हनुमान जयंती के अवसर पर कई हनुमान मंदिरों में विशेष श्रृंगार और आयोजन किए गए हैं। इन मंदिरों में श्रद्धालुओं को चमत्कारी हनुमान धामों के दर्शन का अवसर मिल रहा है, जहां अद्भुत और दिव्य श्रृंगार किया गया है।
5 / 7
धार्मिक महत्वImage credit : Kaushiki
इन अद्भुत और चमत्कारी हनुमान मंदिरों की विशेषता न केवल धार्मिक महत्व है, बल्कि इनसे जुड़ी पौराणिक कथाएं और चमत्कारी घटनाएं श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती हैं।
6 / 7
सिद्धवीर खेड़ापति हनुमान (शाजापुर)Image credit : Kaushiki
शाजापुर जिले के बोलाई गांव में स्थित सिद्धवीर खेड़ापति हनुमान मंदिर 600 साल पुराना है और यह अपने चमत्कारी गुणों के लिए प्रसिद्ध है। यहां हनुमान जी और गणेश जी की एक ही मूर्ति में पूजा होती है। कहा जाता है कि इस मंदिर में आने वाले लोगों को उनके भविष्य के बारे में पहले ही जानकारी मिल जाती है।
7 / 7
छींद वाले हनुमान (रायसेन)Image credit : Kaushiki
रायसेन जिले के बरेली तहसील के छींद गांव में स्थित हनुमान मंदिर को 'रोगों से बचाने वाले हनुमान' के नाम से जाना जाता है। मंदिर में हनुमान जी की दक्षिणमुखी प्रतिमा है, जिसे स्वयंभू माना जाता है। यह मंदिर 200 साल पुराना है और यहां की ख्याति प्रदेशभर में फैली हुई है।