Karwa Chauth 2026: रात को कितने बजे दिखेगा करवा चौथ का चांद, भूलकर भी न करें ये गलती, वरना टूट सकता है नियम

Kaushiki | Oct 22, 2026, 13:22 IST
करवा चौथ व्रत नियम 2026
Karwa Chauth 2026: हर सुहागिन महिला को करवा चौथ का बेसब्री से इंतजार रहता है। यह त्योहार पति-पत्नी के रिश्ते को बहुत मजबूत बनाता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। दिनभर पानी की एक बूंद भी नहीं पीती हैं। शाम को पूजा करके चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है। पंचांग के मुताबिक, कार्तिक कृष्ण चतुर्थी 29 अक्टूबर को है। इसलिए करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर 2026 को ही रखा जाएगा। आइए जानें पूजा का शुभ मुहूर्त...

करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त

करवा चौथ पर पूजा का सही समय जानना बहुत जरूरी है। 29 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:58 से 5:46 तक रहेगा। अमृत काल सुबह 8:17 से 9:44 बजे तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 5:42 से 6:30 बजे तक रहेगा।



पूजा का सबसे उत्तम समय शाम को रहेगा। करवा चौथ पूजा मुहूर्त शाम 5:38 से 6:56 तक रहेगा। इस दौरान महिलाएं एक साथ बैठकर कथा सुन सकती हैं। भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर सकती हैं।



भद्रा 28 अक्टूबर को सुबह 5:31 बजे शुरू होगी। यह 29 अक्टूबर को सुबह 4:27 बजे खत्म हो जाएगी। भद्रा सुबह ही खत्म हो जाएगी। इसलिए सुबह सरगी खाने में कोई परेशानी नहीं होगी। महिलाएं आराम से ब्रह्म मुहूर्त में सरगी खा सकती हैं।



चांद निकलने का समय

करवा चौथ के दिन चांद का इंतजार सबसे ज्यादा होता है। महिलाएं छत पर जाकर चांद का रास्ता देखती हैं। 29 अक्टूबर को चांद रात 7:57 बजे निकलेगा। अलग-अलग शहरों में समय थोड़ा बदल सकता है।



कुछ जगहों पर चांद 8:17 बजे तक दिखेगा। चांद देखने के बाद ही महिलाएं अपना व्रत खोलेंगी। छलनी से पहले चांद को देखा जाएगा। फिर छलनी से पति का चेहरा देखा जाएगा। इसके बाद पति के हाथ से जल पीकर व्रत पूरा होगा।



करवा चौथ की कथा

करवा चौथ से कई पौराणिक कहानियां जुड़ी हुई हैं। एक कहानी करवा नाम की पतिव्रता महिला की है। वह अपने पति के साथ नदी किनारे रहती थी। एक दिन उसका पति नदी में नहा रहा था। अचानक एक मगरमच्छ ने उसका पैर पकड़ लिया।



पति ने अपनी पत्नी करवा को पुकारा। करवा दौड़कर नदी के पास पहुंची। उसने मगरमच्छ को कच्चे धागे से बांध दिया। करवा सीधे यमराज के पास पहुंच गई। उसने यमराज से मगरमच्छ को यमलोक भेजने को कहा। यमराज ने कहा कि मगरमच्छ की उम्र अभी बाकी है।



करवा ने कहा कि वह यमराज को भी श्राप दे सकती है। यमराज डर गए और मगरमच्छ को मार दिया। यमराज ने उसके पति को लंबी उम्र का वरदान दिया। तभी से करवा माता की पूजा होने लगी।



व्रत के जरूरी नियम

करवा चौथ का व्रत केवल सुहागिन महिलाएं रखती हैं। जिन लड़कियों की सगाई हो चुकी है, वे भी रख सकती हैं। पत्नी बीमार हो तो पति भी व्रत रख सकता है। इस दिन घर में कलेश या गुस्सा नहीं करना चाहिए। यह व्रत सूर्योदय से पहले सरगी खाकर शुरू होता है। इसके बाद रात तक पानी भी नहीं पिया जाता। अगर सेहत ठीक न हो तो जल पिया जा सकता है।



पूजा में मिट्टी के करवे का इस्तेमाल होता है। गणेश जी, शिव जी और पार्वती जी की पूजा होती है। पूजा करते समय महिला का मुख पूर्व की ओर होना चाहिए। इस दिन लाल या पीले कपड़े पहनना बहुत शुभ होता है। काले कपड़े बिल्कुल भी न पहनें। महिलाओं को पूरा 16 श्रृंगार करना चाहिए।



डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।



FAQs:



  1. करवा चौथ 2026 में व्रत कब होगा?
    करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा।
  2. करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
    करवा चौथ का पूजा मुहूर्त 29 अक्टूबर को शाम 5:38 से 6:56 बजे तक रहेगा।
  3. करवा चौथ पर चांद देखने का समय क्या है?
    करवा चौथ के दिन चांद 29 अक्टूबर को रात 7:57 बजे निकलेगा।
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