29 अक्टूबर का करवाचौथ क्यों है खास, क्या पूजा में पड़ेगा भद्रा का साया, जानें आपके शहर में चंद्रोदय का सही समय

Kaushiki | Oct 25, 2026, 12:26 IST
करवाचौथ 2026
Karwa Chauth par Laxmi Narayan Rajyog banne se 4 rashiyon ko dhan labh aur tarakki milegi. 29 October ko yeh parv manaya jayega. Pehli baar nirjala vrat rakhne wale sehat ka dhyan rakhein.
करवाचौथ का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत पवित्र माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। पंचांग के मुताबिक, यह व्रत हर साल कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को आता है। इस साल यह पर्व 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, इस बार का करवाचौथ बेहद खास रहने वाला है।

इस दिन ग्रहों के एक दुर्लभ संयोग से लक्ष्मी नारायण राजयोग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिषशास्त्र में बुध और शुक्र ग्रह की युति को बहुत शुभ माना जाता है। इस योग के प्रभाव से धन, व्यापार और करियर में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं।लेकिन पूजा-पाठ के साथ सेहत का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी होता है।



जो महिलाएं पहली बार यह व्रत रख रही हैं, उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए। बिना पानी के पूरे दिन रहना शरीर के लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने पहली बार व्रत रखने वाली सुहागिनों के लिए जरूरी सलाह दी है। सही खान-पान और सावधानियों से आप बिना किसी परेशानी के व्रत पूरा कर सकती हैं।



लक्ष्मी नारायण राजयोग का महत्व

वैदिक ज्योतिष में बुध को बुद्धि और वाणी का कारक माना जाता है। वहीं शुक्र ग्रह धन, वैभव और सुख-सुविधाओं का प्रतीक होता है। जब ये दोनों ग्रह एक साथ मिलते हैं तो लक्ष्मी नारायण राजयोग बनता है। इस योग के असर से आर्थिक स्थिति में बहुत बड़ा सुधार देखने को मिलता है। नौकरी करने वाले लोगों को पदोन्नति और नई जिम्मेदारी मिलने के योग बनते हैं। व्यापारियों को नए ग्राहक मिलते हैं और उनका मुनाफा कई गुना बढ़ जाता है।



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चतुर्थी तिथि और भद्रा का समय

पंचांग के मुताबिक, कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर को रात 1:06 बजे शुरू होकर रात 10:09 बजे समाप्त होगी। अच्छी बात यह है कि करवा चौथ पर भद्रा का साया पूजा में बाधा नहीं डालेगा। भद्रा 29 अक्टूबर को सुबह 4:27 बजे ही समाप्त हो जाएगी, जिससे शाम की पूजा पूरी तरह भद्रा-मुक्त रहेगी।



पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त

29 अक्टूबर की शाम को करवा चौथ पूजा का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक रहेगा। इस 1 घंटे 18 मिनट की अवधि में शिव परिवार और करवा माता का पूजन तथा व्रत कथा सुनना अत्यंत शुभ माना गया है।शुभ मुहूर्त में पूजन करें और चंद्र दर्शन के बाद पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत खोलें।



पहली बार व्रत वालों के लिए टिप्स

  • अगर आप पहली बार करवाचौथ का निर्जला व्रत रख रही हैं तो सतर्क रहें।
  • खाली पेट लंबे समय तक रहने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है।
  • अचानक भोजन और पानी बंद करने से सिरदर्द या चक्कर आने की समस्या होती है।
  • इसलिए सुबह सरगी के समय सही आहार लेना बहुत जरूरी माना जाता है।
  • सरगी में ज्यादा मीठी या ज्यादा तली-भुनी चीजों को खाने से हमेशा बचें।
  • ऐसी चीजें खाने से दिन में बहुत ज्यादा प्यास और सुस्ती महसूस होती है।

डॉक्टरों की खास स्वास्थ्य सलाह

डॉक्टरों के मुताबिक, सरगी के समय नारियल पानी या ताजा जूस जरूर पिएं। इससे आपके शरीर में पूरे दिन पानी और जरूरी लवण का संतुलन बना रहेगा। अपने आहार में फल, मेवे और पनीर जैसी पौष्टिक चीजें शामिल करना बहुत बेहतर है। ये चीजें पचने में समय लेती हैं और शरीर को ताकत देती रहती हैं। अगर आपको डायबिटीज या बीपी की बीमारी है तो डॉक्टर से सलाह लें। गर्भवतियों को बिना डॉक्टर की अनुमति के कड़ा व्रत बिल्कुल नहीं रखना चाहिए।



शाम को कैसे खोले व्रत

रात को चांद देखने के बाद व्रत खोलते समय भी विशेष सावधानी रखनी चाहिए। एकदम से बहुत सारा पानी या भारी भोजन करने से पेट खराब हो सकता है। सबसे पहले एक या दो घूंट सादा पानी पीकर ही अपना व्रत तोड़ें। उसके बाद हल्का सुपाच्य भोजन या फिर ताजे फलों का सेवन करना सही रहता है। ज्यादा तेल-मसाले वाला खाना रात के समय पचने में काफी परेशानी पैदा करता है। सही तरीके से व्रत खोलने पर आपकी सेहत बिल्कुल ठीक और तंदुरुस्त रहेगी।



पूजा विधि और चंद्र देव का अर्घ्य

  • 29 अक्टूबर को करवाचौथ पर माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा की जाएगी।
  • साथ ही भगवान गणेश और कार्तिकेय जी की भी विधिवत पूजा का विधान है।
  • शाम को करवाचौथ की कथा सुनें और घर के बड़ों का आशीर्वाद लें।
  • रात में चांद निकलने पर छलनी से चांद और पति का दर्शन करें।
  • चंद्र देव को जल का अर्घ्य देकर अपने सुखी वैवाहिक जीवन की प्रार्थना करें।
  • इसके बाद पति के हाथों से जल पीकर अपना व्रत पूरा करें।
  • यह पावन पर्व आपके जीवन में ढेर सारा प्यार और खुशहाली लेकर आता है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।



FAQs:



  1. लक्ष्मी नारायण राजयोग क्या है और इसका महत्व क्या है?
    लक्ष्मी नारायण राजयोग उस समय बनता है जब बुध और शुक्र ग्रह एक साथ मिलते हैं। इसका महत्व आर्थिक स्थितियों में सुधार, व्यापार में वृद्धि और करियर में पदोन्नति लाने में होता है।
  2. करवा चौथ पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त कब है?
    करवा चौथ पूजा का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त 29 अक्टूबर की शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक है, जिसमें शिव परिवार और करवा माता की पूजा करना अत्यंत शुभ माना गया है।
  3. पहली बार करवा चौथ व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए स्वास्थ्य संबंधी सलाह क्या है?
    पहली बार करवा चौथ का निर्जला व्रत रखने वाली महिलाओं को स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सुबह सरगी में पौष्टिक आहार लेना, नारियल पानी या ताजा जूस पीना, और व्रत खोलते समय हल्का भोजन करना जरूरी है।
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