सावन के आखिरी सोमवार पर शिवलिंग पर जरूर चढ़ाएं ये चीजें, पूरी होगी आपकी हर मनोकामना

Kaushiki | Aug 03, 2025, 16:55 IST
fourth monday of savan
सावन मास के अंतिम सोमवार 4 अगस्त 2025 को है, जो भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का शुभ अवसर है। इस दिन व्रत रखने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और स्वास्थ्य संबंधी कष्टों से मुक्ति मिलती है।

सावन या श्रावण मास की शुरुआत 11 जुलाई को हुई थी जिसकी समाप्ति रक्षाबंधन के दिन, यानी 9 अगस्त 2025 को सावन पूर्णिमा के साथ हो जाएगी। इस बीच चार सावन सोमवार व्रत पड़े। अंतिम या चौथा सावन सोमवार व्रत 4 अगस्त 2025 को रखा जाएगा।



ऐसे में भगवान शिव की कृपा पाने के लिए यह दिन एक शुभ अवसर की तरह होता है। धार्मिक मान्यता है कि, पूरे सावन मास में भगवान शिव का वास पृथ्वीलोक में होता है और वे भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं। इसलिए इस पूरे महीने भक्त भगवान शिव की पूजा-अर्चना में लीन रहते हैं।



खासकर सावन महीने में पड़ने वाले सोमवार के दिन का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। इस दिन व्रत रखने का विधान है। तीन सावन सोमवार बीतने के बाद अब सावन मास के अंतिम सोमवार का व्रत 4 अगस्त को है।



क्यों खास है सावन का अंतिम सोमवार

वैसे तो भोलेबाबा स्वभाव से बहुत सरल प्रकृति के होते हैं और इन्हें प्रसन्न करने के लिए किसी विशेष पकवान या दुर्लभ वस्तुओं की जरूरत नहीं होती। बल्कि भगवान शिव तो ऐसी चीजों से प्रसन्न हो जाते हैं जोकि प्रकृति से जुड़ी होती हैं और आसानी से सभी स्थानों पर मिल जाती हैं।



ऐसे में सावन के आखिरी सोमवार पर भोलेबाबा को प्रसन्न करने के लिए आप अपनी राशिनुसार शिवलिंग पर मंत्रजाप करते हुए कुछ चीजें चढ़ा सकते हैं।



धार्मिक मान्यता के मुताबिक अंतिम सोमवार का अपना एक अलग महत्व है क्योंकि इस दिन,



  • माह की पूर्णाहुति: यह सावन मास के सोमवार व्रतों की पूर्णाहुति का दिन होता है, जिसमें पूरे माह की पूजा का फल मिलता है।
  • शिव का आशीर्वाद: माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न मुद्रा में होते हैं और भक्तों की प्रार्थनाएं जल्दी सुनते हैं।
  • मनोकामना पूर्ति: इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा और अर्पित की गई वस्तुओं से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
  • अखंड सौभाग्य: अविवाहित कन्याएं इस दिन व्रत रखकर योग्य वर की कामना करती हैं, जबकि विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए पूजा करती हैं।
  • रोगों से मुक्ति: सावन सोमवार पर शिव पूजा से कई तरह के रोगों और कष्टों से मुक्ति मिलती है

राशि (राशिफल) मुताबिक शिवलिंग पर मंत्र के साथ चढ़ाएं ये चीज

जोतिषशास्त्र के मुताबिक,



मेष (Aries)


मंत्र: ॐ महाकालाय नमः


चढ़ाने की चीज: जल में गुड़ मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें।



वृषभ (Taurus)


मंत्र: ॐ नमः शिवाय


चढ़ाने की चीज: जल मिश्रित दूध, दही, चंदन और सफेद फूल चढ़ाएं।



मिथुन (Gemini)


मंत्र: ॐ त्र्यम्बकाय नमः


चढ़ाने की चीज: गन्ने के रस से शिवलिंग अभिषेक करें और तीन बेलपत्र चढ़ाएं।



कर्क (Cancer)


मंत्र: ॐ चन्द्रशेखराय नमः


चढ़ाने की चीज: देसी घी से शिवलिंग का अभिषेक करें।



सिंह (Leo)


मंत्र: ॐ रुद्राय नमः


चढ़ाने की चीज: गुड़ मिश्रित जल से अभिषेक करें और गेहूं चढ़ाएं।



कन्या (Virgo)


मंत्र: ॐ हराय नमः


चढ़ाने की चीज: गन्ने के रस से शिवलिंग अभिषेक करें और भांग का पत्ता चढ़ाएं।



तुला (Libra)


मंत्र: ॐ ईशानाय नमः


चढ़ाने की चीज: दूध से शिवलिंग अभिषेक करें।



वृश्चिक (Scorpio)


मंत्र: ॐ नीलकण्ठाय नमः


चढ़ाने की चीज: पंचामृत से शिवलिंग अभिषेक करें और मिश्री का भोग लगाएं।



धनु (Sagittarius)


मंत्र: ॐ शिवाय नमः


चढ़ाने की चीज: केसर युक्त दूध से शिवलिंग अभिषेक करें, पीले फूल और बेलपत्र चढ़ाएं।



मकर (Capricorn)


मंत्र: ॐ महेश्वराय नमः


चढ़ाने की चीज: गंगाजल से शिवलिंग अभिषेक करें और एक मुट्ठी अक्षत चढ़ाएं।



कुंभ (Aquarius)


मंत्र: ॐ भोलानाथाय नमः


चढ़ाने की चीज: जल में सफेद तिल डालकर अभिषेक करें।



मीन (Pisces)


मंत्र: ॐ पशुपतये नमः


चढ़ाने की चीज: शहद से शिवलिंग का अभिषेक करें।



तो इस अंतिम सावन सोमवार(सावन का चौथा सोमवार) पर इन पवित्र दान को करके भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करें और अपने जीवन को खुशहाल बनाएं।



डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।



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