इस बार देरी से क्यों शुरू हो रहे हैं नवरात्र 2026, जानें ज्योतिष कारण
Latest Religious News: साल 2026 देवी उपासना और शक्ति साधना के लिए बहुत ही मंगलकारी सिद्ध होने वाला है। इस साल पंचांग में एक बहुत ही दुर्लभ और अद्भुत संयोग बन रहा है। इसमें माघ और चैत्र नवरात्र दोनों ही 19 तारीख से प्रारंभ होंगे।
माघ महिना की गुप्त नवरात्रि 19 जनवरी से शुरू होकर साधकों को तंत्र-मंत्र की सिद्धि का अवसर देगी। 19 मार्च से चैत्र नवरात्र के साथ हिंदू नववर्ष का उल्लास छाएगा। पिछले साल की तुलना में इस बार माघ नवरात्र 10 दिन पहले आएगी।
ज्योतिषियों के मुताबिक, दोनों प्रमुख नवरात्र 2026 का 19 तारीख को होना बड़ा संयोग है। दो ज्येष्ठ मास (अधिक मास) होने के कारण इस बार तिथियों में बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगा। आइए जानें साल 2026 की नवरात्र तिथियों और उनके विशेष महत्व के बारे में।
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तिथियों में बदलाव का बड़ा कारण
पंचांग के मुताबिक, इस साल तिथियों में काफी अंतर दिखाई देगा। वर्ष 2026 में हिंदी कैलेंडर के मुताबिक दो ज्येष्ठ माह पड़ रहे हैं। इसे अधिकमास की स्थिति कहा जाता है जिसके कारण तिथियां बदल रही हैं।
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, साल के पहले हिस्से की नवरात्र अपने समय से कुछ पहले आएंगी। वहीं साल के दूसरे हिस्से की नवरात्र में करीब 18 दिन की देरी होगी। आषाढ़ गुप्त नवरात्र इस बार 15 जुलाई से शुरू होने की उम्मीद है। वहीं शारदीय नवरात्र भी इस बार 11 अक्टूबर से शुरू होगी।
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साधना और शक्ति का महापर्व
धार्मिक मान्यताओं में माघ नवरात्र को गुप्त साधना के लिए श्रेष्ठ माना है। ये नवरात्र तंत्र विद्या और विशेष अनुष्ठानों के लिए बहुत फलदायी होती है। चैत्र नवरात्र हिंदू नव संवत्सर और शक्ति आराधना का प्रतीक मानी जाती है।
आषाढ़ की गुप्त नवरात्र भी साधकों के लिए सिद्धि प्राप्त करने का समय है। शारदीय नवरात्र दुर्गा पूजा और विजयादशमी के त्योहार से जुड़ी हुई होती है। इन सभी अवसरों पर माता के नौ रूपों की पूजा की जाती है। भक्त व्रत रखकर शक्ति की देवी मां दुर्गा का आशीर्वाद लेते हैं।
दान और जप के लिए फलदायी होगा साल
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, नवरात्र 2026 का ये संयोग आध्यात्मिक उन्नति का द्वार खोलेगा। तिथियों का यह फेरबदल जप-तप के लिए विशेष ऊर्जा लेकर आएगा। जो भक्त गुप्त नवरात्र में साधना करते हैं उन्हें विशेष सिद्धियां मिलेंगी।
चैत्र नवरात्र में मां की सेवा करने से सुख और शांति मिलेगी। शारदीय नवरात्र में देरी होने से पर्वों का उत्साह और अधिक बढ़ेगा। भक्तों को सलाह दी जाती है कि वे शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करें। सच्चे मन से की गई देवी उपासना जीवन के कष्टों को मिटा देगी।
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FAQ
- साल 2026 में माघ और चैत्र नवरात्र कब से शुरू हो रहे हैं?
माघ गुप्त नवरात्र 19 जनवरी 2026 से और चैत्र नवरात्र 19 मार्च 2026 से शुरू होगी। दोनों का 19 तारीख को शुरू होना एक बड़ा ज्योतिषीय संयोग है। - वर्ष 2026 में नवरात्र की तारीखों में इतना बदलाव क्यों आ रहा है?
इस साल पंचांग में दो 'ज्येष्ठ' मास (अधिक मास) होने के कारण तिथियां बदल गई हैं। इसी वजह से कुछ नवरात्र जल्दी और कुछ देरी से शुरू हो रही हैं। - शारदीय नवरात्र 2026 में किस तारीख से शुरू होने की संभावना है?
शारदीय नवरात्र इस साल 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। पिछले साल की तुलना में यह लगभग 18 दिन की देरी से शुरू होने जा रही है।
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