नवरात्री पर इस खास विधि से करें कन्या पूजन, देवी मां तुरंत पूरी करेंगी हर मनोकामनाएं
Aman Vaishnav | Sept 27, 2025, 16:42 IST
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नवरात्रि का समापनImage credit : Aman Vaishnav
नवरात्रि का पवित्र पर्व जल्द ही संपन्न होने वाला है। (shardiya navratri 2025) यह 1 अक्टूबर (बुधवार) को महानवमी की तिथि पर कन्यापूजन के साथ पूरा होगा।
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भोग की सामग्रीImage credit : Aman Vaishnav
कन्या पूजन के दिन, कन्याओं को प्रेमपूर्वक हलवा, पूड़ी, काला चना और खीर आदि का भोग कराएं। ऐसा करना देवी मां को अत्यंत प्रिय है।
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कन्या भोजन का भुभ मुहूर्तImage credit : Aman Vaishnav
कन्या पूजन के लिए शुभ समय 1 अक्टूबर को रहेगा। यह मुहूर्त सुबह 8 बजकर 10 मिनट से शुरू होकर 9 बजकर 58 मिनट तक मान्य रहेगा।
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मां सिद्धिदात्री की पूजाImage credit : Aman Vaishnav
नवरात्रि की नवमी तिथि के दिन मां सिद्धिदात्री की विशेष आराधना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन्हें सभी प्रकार की सिद्धियों (शक्तियों) की दात्री, यानी देने वाली देवी माना जाता है।
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दक्षिणा और आशीर्वादImage credit : Aman Vaishnav
भोजन के बाद कन्याओं को प्रेम से दक्षिणा (पैसे) और उपहार देकर विदा करें। उनके चरण छूकर आशीर्वाद लेना सबसे जरूरी है, जिससे देवी मां की कृपा मिलती है।
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स्वागत और सम्मानImage credit : Aman Vaishnav
भोजन से पहले, सबसे पहले कन्याओं के चरण धोकर उनका आदरपूर्वक स्वागत करें। फिर उन्हें स्वच्छ आसन पर बिठाकर कुमकुम और अक्षत से तिलक करें।
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कन्या पूजन के नियमImage credit : Aman Vaishnav
कन्या पूजन के लिए 1 से 10 वर्ष की छोटी कन्याओं को ही आमंत्रित करना चाहिए। शास्त्रों में इन्हीं बालिकाओं को देवी स्वरूप माना गया है
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कन्या पूजन का महत्वImage credit : Aman Vaishnav
नवरात्रि के सभी अनुष्ठानों में, कन्या पूजन को सबसे मुख्य और महत्वपूर्ण माना गया है। यह भक्ति का वह खास तरीका है, जिससे देवी मां जल्दी प्रसन्न होती हैं।
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भैरव का पूजनImage credit : Aman Vaishnav
पूजा को संपूर्ण करने के लिए, कन्याओं के साथ एक छोटे बालक को भी जरूर बुलाएँ। इन्हें भैरव का स्वरूप मानकर पूजने की परंपरा है।