राधा अष्टमी पर घर में इस विधि से करें राधा रानी की पूजा, मिलेगा सौभाग्य और समृद्धि का आशीर्वाद
Kaushiki | Aug 31, 2025, 08:33 IST
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मंत्र जाप और भोगImage credit : Kaushiki
राधा अष्टमी पूजा विधि के दौरान "ॐ ह्रीं राधिकायै नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें। पूजा के अंत में राधा-कृष्ण की आरती करें और तुलसी दल के साथ फल या मिठाई का भोग लगाएं। यह मंत्र जीवन की परेशानियों को दूर करने में सहायक है।
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राधा रानी का जन्मोत्सवImage credit : Kaushiki
Radha Ashtami: भारत की धार्मिक संस्कृति में राधा और कृष्ण का नाम हमेशा साथ लिया जाता है। राधा अष्टमी का पर्व भगवान कृष्ण की प्रिय राधा रानी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार जन्माष्टमी के ठीक 15 दिन बाद भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष अष्टमी को आता है।
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चौकी और कलश स्थापनाImage credit : Kaushiki
पूजा के लिए एक चौकी पर पीले रंग का वस्त्र बिछाकर राधा जी की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद, पूजा की शुरुआत में मिट्टी या तांबे के कलश में जल भरकर उसे स्थापित करें। यह कलश पूजा की शुभता का प्रतीक माना जाता है।
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तारीख और शुभ मुहूर्तImage credit : Kaushiki
पंचांग के मुताबिक, इस साल राधा अष्टमी का पावन पर्व 31 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त आज 11:05 AM से 01:38 PM तक है। इसके अलावा, अभिजीत मुहूर्त 11:56 AM से 12:47 PM तक और विजय मुहूर्त 02:29 PM से 03:20 PM तक है।
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पूजा की तैयारीImage credit : Kaushiki
पूजा शुरू करने से पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ कपड़े पहनें। अपने पूजा स्थान को अच्छे से साफ करके गंगाजल का छिड़काव करें। यह पूजा के लिए एक पवित्र और शुद्ध वातावरण तैयार करता है।
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व्रत के नियमImage credit : Kaushiki
व्रत करने वालों को पूरे दिन अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए, बल्कि फलाहार कर सकते हैं। व्रत का पारण अगले दिन सुबह पूजा के बाद ही करें। इस दिन दान-धर्म और ब्राह्मणों को भोजन कराना भी बहुत शुभ माना जाता है। यह दिन आपको राधाकृष्ण की भक्ति में लीन होने का एक सुनहरा मौका देता है।
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व्रत का आध्यात्मिक लाभImage credit : Kaushiki
राधा अष्टमी का व्रत करने से प्रेम, सौभाग्य और सुख-शांति मिलती है। राधा रानी को देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है, इसलिए उनकी पूजा से धन और समृद्धि भी प्राप्त होती है। संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले भक्त भी इस दिन मनोकामना मांग सकते हैं।
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अभिषेक और श्रृंगारImage credit : Kaushiki
राधा रानी को पंचामृत से स्नान कराएं और फिर साफ जल से धोएं। इसके बाद, उनका सुंदर श्रृंगार करें, जिसमें चुनरी, माला और तिलक शामिल हैं। उन्हें फूल, धूप और दीप अर्पित करना भी न भूलें।