23 साल बाद सावन सोमवार पर नाग पंचमी का महासंयोग, इन उपायों से दूर होंगे राहु केतु दोष

Kaushiki | Jul 15, 2026, 15:00 IST
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साल 2026 का सावन महीना शिव भक्तों के लिए बेहद खास है। इस बार सावन के तीसरे सोमवार को नाग पंचमी का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इसके साथ ही रक्षाबंधन पर इस बार भद्रा का साया नहीं रहेगा, जिससे बहनें पूरे दिन राखी बांध सकेंगी।

Sawan Somwar 2026: इस साल सावन का महीना शिव भक्तों के लिए बहुत खास है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, इस बार कई अद्भुत संयोग एक साथ बन रहे हैं। यह दुर्लभ संयोग कई सालों के बाद देखने को मिल रहे हैं। इस बार सावन में कुल चार सोमवार व्रत पड़ रहे हैं। इनमें से दो सोमवार तो अध्यात्म के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।



सबसे बड़ा और मुख्य संयोग सावन के तीसरे सोमवार को बनेगा। इस बार 17 अगस्त को सावन का तीसरा सोमवार पड़ रहा है। इसी खास दिन पर नाग पंचमी का त्योहार भी मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार यह बहुत ही दुर्लभ घटना मानी जा रही है।



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पूरे 23 साल बाद बना यह अद्भुत संयोग

पंचांग के मुताबिक, आमतौर पर नाग पंचमी और सावन सोमवार अलग दिनों पर होते हैं। लेकिन इस साल यह दोनों एक ही दिन एक साथ आ रहे हैं। ऐसा सुंदर संयोग पूरे 23 साल के बाद बना है।



इससे पहले साल 2003 में यह खास स्थिति देखने को मिली थी। ज्योतिष के अनुसार इस दिन पूजा करने से दोगुना फल मिलता है। भगवान शिव और नाग देवता की कृपा साथ मिलती है।



धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पूजा करना बहुत शुभ होता है। सुबह के समय शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाना बहुत अच्छा माना जाता है। इससे जीवन की सभी परेशानियां धीरे-धीरे समाप्त हो जाती हैं।



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राहु केतु दोष से मुक्ति के उपाय

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, इस विशेष संयोग पर शिव जी की पूजा का महत्व बढ़ जाता है। नाग पंचमी के दिन महादेव को जल चढ़ाना बहुत लाभकारी होता है। इससे कुंडली के कई बड़े दोष शांत हो जाते हैं। जिन लोगों की कुंडली में राहु या केतु की समस्या है, उन्हें राहत मिलती है। इस दिन कालसर्प दोष की पूजा करना भी बहुत उत्तम होता है।



इससे जीवन में सुख और सकारात्मकता का संचार होता है। मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों के लिए यह दिन शुभ है। इस दिन का व्रत रखने से मन को शांति मिलती है। रुके हुए सभी काम भी आसानी से पूरे होने लगते हैं।



सिंह संक्रांति और छत्र भंग योग का असर

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, इसी विशेष सोमवार को सूर्य देव भी अपनी राशि बदलने वाले हैं। सूर्य देव कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के इस राशि परिवर्तन को सिंह संक्रांति कहते हैं।



जब सावन सोमवार के दिन सिंह संक्रांति होती है, तब एक योग बनता है। ज्योतिष शास्त्र में इस विशेष योग को छत्र भंग योग कहते हैं। इसे बड़े बदलावों का एक मजबूत संकेत माना जाता है।



इस योग के कारण देश की सत्ता में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। शासन और व्यवस्था के स्तर पर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। हालांकि आम जनता के लिए यह समय अच्छा रहेगा।



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आम लोगों के जीवन में आएगी नई स्थिरता

सोमवार का दिन मुख्य रूप से चंद्रमा का दिन माना जाता है। ज्योतिष में चंद्रमा को मन और शांति का कारक माना गया है। इसलिए यह संयोग लोगों के मानसिक संतुलन को सुधारेगा।



यह समय समाज में शांति और संतोष लेकर आ सकता है। लोगों के आपसी रिश्तों में काफी सुधार देखने को मिल सकता है। परिवार में चल रहे पुराने विवाद भी अब सुलझ सकते हैं।



बिजनेस करने वाले लोगों के लिए भी यह समय मुनाफे वाला होगा। नए काम की शुरुआत के लिए यह दिन बहुत शुभ है। निवेश करने से पहले अनुभवी लोगों की सलाह जरूर लें।



भद्रा के साए से मुक्त रहेगा रक्षाबंधन

ज्योतिषों के मुताबिक, इस साल सावन माह में भाई-बहन का त्योहार रक्षाबंधन भी बेहद खास होने वाला है। इस साल 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। सबसे अच्छी बात यह है कि इस दिन भद्रा नहीं रहेगी। रक्षाबंधन के दिन भद्रा का न होना बहुत शुभ माना जाता है।



ऐसा संयोग पूरे 5 साल के लंबे इंतजार के बाद आया है। इससे पहले साल 2021 में भद्रा रहित रक्षाबंधन था। भद्रा का समय शास्त्रों में शुभ नहीं माना जाता है। लेकिन इस बार भद्रा न होने से बहनें खुश हो सकती हैं। वे पूरे दिन में कभी भी भाई को राखी बांध सकती हैं।



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सावन पूर्णिमा तिथि और राखी का शुभ मुहूर्त

द्रिक पंचांग के मुताबिक, सावन महीने की पूर्णिमा तिथि (शिव और सावन) बहुत खास है। पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 8 मिनट पर शुरू होगी। इसका समापन 28 अगस्त को सुबह 9 बजकर 48 मिनट पर होगा।



शास्त्रों के नियमों के मुताबिक उदय तिथि को ही महत्व दिया जाता है। इसलिए रक्षाबंधन का त्योहार 28 अगस्त को ही पूरे देश में मनाया जाएगा। इस दिन सुबह से ही शुभ समय शुरू हो जाएगा।



राखी बांधने का सबसे उत्तम समय सुबह 5 बजकर 57 मिनट से शुरू होगा। यह शुभ मुहूर्त सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहने वाला है। यह कुल 3 घंटे 51 मिनट का सबसे अच्छा समय है।



डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।



FAQ

  1. साल 2026 में सावन सोमवार और नाग पंचमी का संयोग किस तारीख को बन रहा है?
    इस साल सावन का तीसरा सोमवार 17 अगस्त 2026 को है। इसी दिन नाग पंचमी का त्योहार भी मनाया जाएगा। यह दुर्लभ और बेहद शुभ संयोग पूरे 23 साल के बाद बन रहा है।
  2. सावन सोमवार के दिन सिंह संक्रांति से कौन सा योग बन रहा है और इसका क्या असर होगा?
    इस दिन सूर्य के सिंह राशि में जाने से छत्र भंग योग बन रहा है। ज्योतिष के अनुसार यह योग सत्ता और व्यवस्था में बड़े बदलाव लाता है, जबकि चंद्रमा के प्रभाव से आम लोगों के जीवन में स्थिरता आती है।
  3. साल 2026 में रक्षाबंधन कब है और राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त क्या है?
    इस साल रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन भद्रा का साया नहीं रहेगा। राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 05 बजकर 57 मिनट से सुबह 09 बजकर 48 मिनट तक रहेगा।

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