सावन में घर पर कर रहे हैं रुद्राभिषेक, तो भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां

Kaushiki | Jul 26, 2026, 16:05 IST
sawan-rudrabhishek-vidhi-benefits
सावन का पवित्र महीना शिव पूजा के लिए खास माना जाता है। इस दौरान रुद्राभिषेक करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। सरसों के तेल से अभिषेक करने से शत्रु बाधा दूर होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

Benefits of Rudrabhishek: सावन का महीना आते ही हर तरफ भक्ति का माहौल बन जाता है। श्रद्धालु अपने आराध्य देव महादेव को प्रसन्न करने में जुट जाते हैं। इस पावन महीने में शिवजी की पूजा का खास फल मिलता है। धार्मिक शास्त्रों में रुद्राभिषेक को सबसे फलदायी पूजा बताया गया है।



सावन में रुद्राभिषेक करने से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। सावन का महीना 30 जुलाई से शुरू हो गया है। सावन का यह पवित्र महीना 28 अगस्त तक चलने वाला है। लोग अपने घरों और मंदिरों में पंडितों को बुलाकर अभिषेक कराते हैं। सावन के हर सोमवार को मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ती है। महादेव अपने भक्तों की हर सच्ची पुकार जरूर सुनते हैं।



rudrabhishek


रुद्राभिषेक का महत्व

रुद्राभिषेक का अर्थ है रुद्र यानी शिव का पवित्र जल से स्नान। इस अनुष्ठान में वेद मंत्रों का लगातार पाठ किया जाता है। मंत्रों की ध्वनि से घर का वातावरण पूरी तरह शुद्ध हो जाता है। मन की बेचैनी और तनाव पूरी तरह से समाप्त हो जाते हैं।



शिवपुराण के मुताबिक, सावन का महीना महादेव को बहुत प्रिय है। इस दौरान वे माता पार्वती के साथ पृथ्वी पर निवास करते हैं। जो भक्त इस समय उनकी पूजा करता है, उसे अक्षय पुण्य मिलता है। उसकी सभी मनोकामनाएं बहुत जल्द पूरी हो जाती हैं।



ज्योतिष शास्त्र में रुद्राभिषेक को बहुत लाभकारी माना गया है। इससे व्यक्ति को लंबी उम्र और उत्तम स्वास्थ्य का वरदान मिलता है। व्यापार में आ रही रुकावटें भी धीरे-धीरे दूर हो जाती हैं।



यदि घर में लगातार क्लेश और तनाव की स्थिति बनी रहे। या फिर कारोबार में बार-बार बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा हो। तो सावन में विधिपूर्वक रुद्राभिषेक कराने से तुरंत राहत मिलती है।



ग्रहों के दोष भी इस पूजा से पूरी तरह शांत हो जाते हैं। कुंडली का कालसर्प दोष और शनि का प्रभाव खत्म होता है। आपके रुके हुए काम बहुत तेजी से बनने लगते हैं। सावन महीने जरुर करें रुद्राभिषेक।



rudrabhishek


सरसों तेल से अभिषेक के जानिए फायदे

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, रुद्राभिषेक में अलग-अलग चीजों का प्रयोग खास फल देता है। सरसों के तेल से शिवलिंग का अभिषेक करना बहुत शुभ है। इससे शत्रुओं पर आसानी से विजय प्राप्त की जा सकती है। यदि कोई गुप्त शत्रु आपको परेशान कर रहा है, तो राहत मिलेगी।



सरसों के तेल से रुद्राभिषेक करने पर मुकदमे में जीत मिलती है। कोर्ट-कचहरी के मामलों से जल्द ही छुटकारा मिल जाता है। यह उपाय इंसान को हर तरह के भय से मुक्ति दिलाता है। समाज में आपका मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा काफी बढ़ जाती है।



Rudrabhishek Puja at Ramghat, Ujjain | Pujari Ji


अलग-अलग चीजों से अभिषेक का महत्व

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, अगर आप व्यापार में तरक्की और धन लाभ चाहते हैं। तो नमकम्-चमकम् पाठ के साथ गन्ने के रस से अभिषेक करें। गन्ने के रस से अभिषेक करने से दरिद्रता दूर होती है। नौकरी में पदोन्नति के योग बहुत तेजी से बनते हैं।



असाध्य बीमारियों से मुक्ति के लिए कुशोदक जल का उपयोग करें। जल में कुशा मिलाकर अभिषेक करने से बीमारियां ठीक होती हैं। अकाल मृत्यु के डर से बचने के लिए यह अच्छा उपाय है। व्यक्ति की आयु बढ़ती है और शरीर निरोगी बना रहता है।



दूध से अभिषेक करने पर योग्य संतान की प्राप्ति होती है। शहद से अभिषेक करने पर पुरानी बीमारियां खत्म हो जाती हैं। घी से अभिषेक करने से वंश की वृद्धि होती रहती है। शुद्ध जल से अभिषेक करने पर मन को शांति मिलती है।



rudrabhishek_puja.webp


रुद्राभिषेक करने की सही पूजन विधि

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, रुद्राभिषेक किसी योग्य वैदिक ब्राह्मण के मार्गदर्शन में ही कराएं।



  • शुद्ध मंत्रोच्चारण से ही पूजा का पूरा फल प्राप्त होता है।
  • पूजा में 2, 5, 11 या 21 विद्वान पंडित शामिल हो सकते हैं।
  • वे श्रीरुद्र के वैदिक मंत्रों का लगातार पाठ करते हैं।
  • मंदिर में पूजा करते समय वेदी की जरूरत नहीं होती है।
  • लेकिन घर पर पूजा करते समय मंडलों का पूजन जरूरी है।
  • घर में लिंगतोभद्र और नवग्रह मंडल की पूजा की जाती है।
  • षोडश मातृका का पूजन करके देवताओं का वाहन करें।
  • इसके बाद विधिपूर्वक जप, हवन और शिवजी का अभिषेक करें।
  • अंत में आरती करके प्रसाद सभी लोगों में बांट दें।

शिवपुराण में पौराणिक कथा

शिवपुराण में रुद्राभिषेक की कथा का सुंदर वर्णन मिलता है। जब देवताओं और असुरों ने मिलकर समुद्र मंथन किया था। उस समय समुद्र से बहुत ही जहरीला हलाहल विष निकला था।



विष की गर्मी से पूरी सृष्टि जलने लगी थी। तब सभी देव और ऋषि महादेव की शरण में पहुंचे थे। भगवान शिव ने सृष्टि को बचाने के लिए विष पी लिया। विष की भयंकर गर्मी से शिवजी का शरीर तपने लगा था। तब देवताओं ने उन पर लगातार शीतल जल चढ़ाया था।



जल चढ़ाने से शिवजी को जलन से बहुत राहत मिली थी। तभी से शिवलिंग पर जल और अभिषेक करने की परंपरा शुरू हुई। सावन के महीने में जल चढ़ाने से महादेव बहुत प्रसन्न होते हैं। वे भक्तों के सारे दुख और कष्ट दूर कर देते हैं।



cd368fa4-c50


घर पर रुद्राभिषेक में रखें ये सावधानियां

पूजा का स्थान पूरी तरह से स्वच्छ और पवित्र होना चाहिए। पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री एकदम ताजी होनी चाहिए। अभिषेक के दौरान आपका मुंह उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। उत्तर दिशा को भगवान शिव की प्रिय दिशा माना गया है।



तांबे के बर्तन में कभी भी दूध डालकर अभिषेक न करें। दूध के लिए हमेशा पीतल या चांदी के बर्तन का उपयोग करें। शिवलिंग पर कभी भी तुलसी के पत्ते अर्पित न करें।



केतकी के फूल भी पूजा में चढ़ाना पूरी तरह वर्जित है। पूजा के दौरान मन में कोई भी गलत विचार न लाएं। पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान शिव का ध्यान करें।



सावन में मांस-मंदिरा का सेवन पूरी तरह से त्याग दें। ब्रह्मचर्य का पालन करें और सात्विक भोजन ही ग्रहण करें। नियमित रूप से 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करते रहें।



ऐसा करने से शिवजी की कृपा हमेशा बनी रहती है। आपके जीवन में कभी भी कोई संकट नहीं आएगा। सावन का यह पावन महीना आपके लिए शुभ साबित होगा।



डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।



FAQ

  1. सावन में रुद्राभिषेक क्यों किया जाता है?
    सावन में रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव अति प्रसन्न होते हैं। इससे जीवन के समस्त ग्रहदोष, रोग, भय और बीमारियां दूर होती हैं तथा मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
  2. सरसों के तेल से रुद्राभिषेक करने का क्या फल है?
    सरसों के तेल से शिवलिंग का रुद्राभिषेक करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। इसके अलावा कोर्ट-कचहरी के विवाद सुलझते हैं और हर प्रकार की बाधाएं खत्म होती हैं।
  3. घर पर रुद्राभिषेक करते समय किस बात का ध्यान रखना चाहिए?
    घर पर रुद्राभिषेक हमेशा योग्य वैदिक ब्राह्मणों द्वारा ही कराना चाहिए। पूजा में नवग्रह मंडल पूजन, सही मंत्रोच्चारण और शुद्ध सामग्री का होना बेहद जरूरी है।

ये खबरें भी पढ़ें....



त्रेतायुग से पुराना है एमपी के गुना का केदारनाथ धाम, सावन पर मचेगी धूम



सावन में महाकाल के भक्तों का स्वागत करने को तैयार उज्जैन, अलर्ट मोड पर रेलवे



कब है सावन का पहला मंगला गौरी व्रत, इन 16 चीजों से करें मां पार्वती का पूजन



सावन में सिंह राशि में प्रवेश करेंगे सूर्य, बदल जाएगी इन राशि वालों की किस्मत



Tags:
  • भगवान शिव
  • रुद्राभिषेक
  • सावन महीने जरुर करें रुद्राभिषेक
  • रुद्राभिषेक का महत्व
  • सावन