शिवलिंग के सामने तीन ताली बजाने का क्या है रहस्य, रावण से जुड़ी है इसकी कथा

Kaushiki | Jul 14, 2026, 16:00 IST
Shivling Puja Rules
शिवलिंग के सामने लोग अक्सर श्रद्धा में ताली बजाते हैं। शास्त्रों के अनुसार शिवलिंग के पास तेज आवाज में ताली बजाना वर्जित है। हालांकि नियम के अनुसार तीन बार शालीनता से ताली बजाने से महादेव प्रसन्न होते हैं और हर मनोकामना पूरी करते हैं।

Shivling Puja Rules: सनातन धर्म में देवों के देव महादेव की पूजा सबसे आसान मानी जाती है। भोलेनाथ मात्र एक लोटा जल और बेलपत्र चढ़ाने से ही अपने भक्तों पर प्रसन्न हो जाते हैं। यही वजह है कि शिव मंदिरों में हमेशा भक्तों की भारी भीड़ लगी रहती है। अक्सर हम देखते हैं कि लोग शिवलिंग की पूजा करते समय जोर-जोर से ताली बजाते हैं।



कई लोग इसे अपनी अगाध भक्ति का हिस्सा मानते हैं। लेकिन क्या शिवलिंग के सामने इस तरह ताली बजाना सच में सही है? आइए जानें कि इस बारे में हमारे शास्त्र और ज्योतिषाचार्य क्या कहते हैं।



शिवलिंग के पास ताली बजाने के नियम

ज्योतिषाचार्य और शिव पुराण के मुताबिक, मनमाने ढंग से ताली बजाना पूरी तरह वर्जित है। अगर आप मंदिर में ताली बजाना चाहते हैं तो इसके लिए तीन ताली का नियम है। शास्त्रों में तीन बार ताली बजाने का एक विशेष और बहुत ही गहरा रहस्य बताया गया है।



पौराणिक कथा के मुताबिक, लंकापति रावण शिवजी का सबसे बड़ा परम भक्त था। रावण ने भी महादेव को प्रसन्न करने के लिए तीन बार ताली बजाकर स्तुति की थी। इस पूजा से प्रसन्न होकर महादेव ने उसे सोने की लंका और अपार शक्तियां दी थीं। तभी से यह नियम बेहद लोकप्रसिद्ध हो गया।



Shivling Puja Rules


तीन तालियों का रहस्य

शास्त्रों के मुताबिक, शिव मंदिर में पहली ताली भगवान के दरबार में अपनी हाजिरी लगाने के लिए बजाई जाती है। इस ताली की आवाज से महादेव का ध्यान अपने भक्त की तरफ जाता है।



ये इस बात का संकेत है कि आप भगवान के द्वार पर आ चुके हैं। दूसरी ताली बजाने का उद्देश्य अपनी इच्छा या मनोकामना को भगवान के सामने रखना होता है।



मान्यता है कि दूसरी ताली बजाने से घर की दरिद्रता और तंगहाली हमेशा के लिए दूर हो जाती है। इससे घर में सुख, समृद्धि और वैभव का वास होता है।



तीसरी ताली पूरी तरह से भगवान शिव के चरणों में खुद को समर्पित करने के लिए है। इस ताली का मतलब है कि आप महादेव की शरण में आ गए हैं। ऐसा करने से जीवन के सभी बड़े संकटों और शत्रुओं से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है।



Shivling Puja Rules


क्यों माना जाता है इसे पाप

जहां तीन बार नियम से ताली बजाने के बड़े लाभ हैं, वहीं कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं। ज्योतिषियों के मुताबिक, शिवलिंग के बिल्कुल पास जाकर चिल्लाना या जोर से ताली बजाना पाप माना गया है। इसके पीछे एक बहुत ही महत्वपूर्ण धार्मिक और व्यावहारिक कारण छिपा हुआ है।



भगवान शिव (भगवान शिव का पूजन) को योग, ध्यान और समाधि का सबसे बड़ा देवता माना जाता है। महादेव अक्सर अपनी गहरी समाधि में लीन रहते हैं। ऐसे में शिवलिंग के करीब जाकर तेज आवाज करने से उनके ध्यान में बाधा आती है। शास्त्रों में इसे एक तरह का अपराध माना गया है।



आरती के दौरान मंदिर में शंख, घंटे और ढोल की आवाज के साथ ताली बजाना बेहद शुभ है। लेकिन जब आप अकेले पूजा कर रहे हों या जल चढ़ा रहे हों, तब पूरी तरह शांति बनाए रखें। इस दौरान मन ही मन 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का निरंतर जाप करते रहें।



शिवलिंग (शिव पुराण कथा) से थोड़ी दूरी बनाकर बहुत ही शालीनता के साथ केवल तीन बार ताली बजानी चाहिए। मंदिर की शांति को भंग किए बिना पूजा करने से ही आपको पूरा पुण्य फल प्राप्त होता है। अपनी भक्ति में मर्यादा का पालन करने से शिव जी की कृपा हमेशा बनी रहती है।



डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। shivling ki pooja



FAQ

  1. क्या शिवलिंग के बिल्कुल सामने तेज आवाज में ताली बजाना पाप है?
    हां, शिवलिंग के बिल्कुल करीब जाकर जोर से ताली बजाना या शोर करना गलत माना गया है। इससे महादेव के ध्यान और समाधि में बाधा आती है, जिसे शास्त्रों में दोष या पाप माना गया है।
  2. शिव मंदिर में तीन बार ताली बजाने के क्या फायदे होते हैं?
    तीन बार ताली बजाने से महादेव का ध्यान आपकी ओर आकर्षित होता है। इससे घर की गरीबी दूर होती है, हर मनोकामना पूरी होती है और जातक को जीवन के सभी संकटों से मुक्ति मिलती है।
  3. किस पौराणिक पात्र ने सबसे पहले तीन बार ताली बजाकर शिव जी को प्रसन्न किया था?
    पौराणिक कथाओं के अनुसार लंकापति रावण ने सबसे पहले भगवान शिव के सामने तीन बार ताली बजाकर उनकी स्तुति की थी, जिससे उसे सोने की लंका और कई वरदान प्राप्त हुए थे।

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