आज बन रहा महासंयोग, एक ही दिन तीज, गणेश उत्सव और सोमवार का संगम

Kaushiki | Sept 09, 2026, 14:20 IST
Ganesh Chaturthi 2026
आज 14 सितंबर 2026 को हरतालिका तीज, गणेश चतुर्थी और सोमवार का अद्भुत संयोग बन रहा है। इस दिन शिव परिवार की पूजा से अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि मिलेगी। इन राशि के जातकों को विशेष धन लाभ और सफलता मिलेगी।

Ganesh Chaturthi 2026:भारतीय संस्कृति में भाद्रपद का महीना बहुत ही पवित्र और खास माना जाता है। इस महीने में कई बड़े और पावन व्रत त्योहार मनाए जाते हैं। आज 14 सितंबर 2026 का दिन बेहद चमत्कारी और खास रहने वाला है।



इस दिन एक नहीं बल्कि तीन-तीन शुभ संयोग एक साथ बन रहे हैं। इस दिन सुहागिनों का सबसे बड़ा त्योहार हरतालिका तीज का व्रत रखा जाएगा। इसके साथ ही विघ्नहर्ता श्री गणेश जी का जन्मोत्सव गणेश चतुर्थी भी है।



तीसरा सबसे बड़ा संयोग यह है कि आज सोमवार का दिन है। सोमवार का दिन स्वयं देवाधिदेव महादेव की भक्ति को समर्पित माना जाता है। एक ही दिन में तीज, गणेश चतुर्थी और सोमवार का मिलन बेहद दुर्लभ है।



ऐसे अवसर पर पूरे शिव परिवार की एक साथ पूजा का फल मिलता है। यह संयोग साधकों के जीवन से सभी कष्टों और दुखों को दूर करेगा। इस दिन किए गए व्रत और पूजन का कई गुना फल प्राप्त होता है।



Ganesh Chaturthi


कब है गणेश चतुर्थी 2026

पंचांग के मुताबिक, आज भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि का प्रारंभ होगा। चतुर्थी तिथि सुबह 7 बजकर 6 मिनट से शुरू होकर अगले दिन तक रहेगी। इसका समापन 15 सितंबर को सुबह 7 बजकर 44 मिनट पर होने वाला है।



द्रिक पंचांग के मुताबिक, आज 14 सितंबर को ही गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी। यह दिन घर-घर में गणपति बप्पा की स्थापना के लिए सबसे उत्तम है। बप्पा के आगमन से घर का सारा माहौल खुशियों से भर जाता है।



प्रथम पूज्य श्री गणेश जी को बुद्धि और शुभता का दाता माना जाता है। इनकी स्थापना करने से घर की सभी नकारात्मक ऊर्जा तुरंत समाप्त हो जाती है। गणपति स्थापना के समय पूरे मन से बप्पा का स्वागत करना चाहिए। शुभ मुहूर्त में प्रतिमा स्थापित करके दीप जलाकर आरती की शुरुआत की जाती है।



5a380193-136


सोमवार और हरतालिका तीज का मिलन

आज हरतालिका तीज व्रत भी सुहागिन महिलाओं द्वारा पूरी निष्ठा से रखा जाएगा। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करती हैं।



इस व्रत को करने से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद और सुखी वैवाहिक जीवन मिलता है। कुंवारी लड़कियां भी मनचाहा और योग्य वर पाने के लिए यह पावन व्रत रखती हैं। सोमवार का दिन होने के कारण भोलेनाथ की कृपा भी भक्तों पर बरसेगी।



इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र चढ़ाना बहुत शुभ फलदायी रहेगा। तीज और सोमवारी गणेश चतुर्थी का यह संगम शिव परिवार की उपासना का दुर्लभ अवसर देता है। इससे दांपत्य जीवन में मिठास आती है और पारिवारिक कलह खत्म होता है।



घर में रिद्धि-सिद्धि का वास होता है और हर प्रकार का वास्तु दोष समाप्त हो जाता है। गणेश जी के साथ शिव-पार्वती की आरती करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।



Mahashivratri 2026: 14 या 15 फरवरी कब है महाशिवरात्रि? दूर करें कन्फ्यूजन, जानें पूजा विधि और महत्व


सोमवार के दिन महादेव की विशेष पूजा

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, सोमवार का दिन भगवान शिव को बेहद प्रिय होता है। ऐसे में आज 14 सितंबर को सोमवार होने से इस दिन का महत्व काफी बढ़ गया है। ज्योतिषों के मुताबिक, इस दिन सुबह जल्दी उठकर किसी पास के शिवालय में जाना चाहिए।



शिवलिंग का जल और गंगाजल से विधि-विधान से अभिषेक करना बेहद शुभ रहेगा। इसके बाद शिवलिंग पर कच्चा दूध, दही, शहद, घी और शक्कर अर्पित करें। इस पंचामृत स्नान से भगवान शिव अपने भक्तों पर तुरंत प्रसन्न होते हैं।



इसके बाद शिव जी को प्रिय बेलपत्र, भांग और धतूरा जरूर चढ़ाएं। सफेद चंदन का तिलक लगाकर ओम नमः शिवाय का शांत मन से जाप करें। सोमवार को इस तरह पूजा करने से मानसिक तनाव से मुक्ति मिल जाती है। घर में सुख और समृद्धि का स्थायी वास हमेशा बना रहता है।



ganesh chaturthi vrat, ganesh puja vidhi, ganesh puja, old tradition about ganesh pujan


शिव परिवार की पूजा का दुर्लभ अवसर

तीज, गणेश चतुर्थी और सोमवार के इस मिलन से शिव परिवार पूजा का योग बना है। भक्त भगवान शिव, माता पार्वती और श्री गणेश की एक साथ पूजा करेंगे।शास्त्रों के मुताबिक, पूरे शिव परिवार की एक साथ उपासना करना बहुत फलदायी है।



इससे परिवार में प्रेम बढ़ता है और आपसी मनमुटाव हमेशा के लिए खत्म होता है। जिस घर में शिव परिवार की पूजा होती है, वहां रिद्धि-सिद्धि का वास होता है। कोई भी बुरी शक्ति या नकारात्मकता उस घर पर असर नहीं डाल पाती।



आज सुबह पूजा की चौकी पर पूरे शिव परिवार की फोटो रखें। सभी देवी-देवताओं को रोली, अक्षत, फल और फूल अर्पित कर आरती उतारें। पूरे परिवार के साथ बैठकर आरती करने से घर का वास्तु दोष दूर होता है। जीवन में नई सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह का नया संचार होने लगता है।



इन लकी राशियों का चमकेगा भाग्य

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, गणेश चतुर्थी पर ग्रहों की बहुत ही शुभ स्थिति बन रही है। इस दिन बुध ग्रह अपनी उच्च राशि में विराजमान रहने वाले हैं। इस शुभ संयोग से मुख्य रूप से पांच राशियों का भाग्य चमकने वाला है। प्रथम राशि मेष है, जिनके रुके हुए काम अब तेजी से पूरे होंगे।



  • मेष राशि:
    गणेश चतुर्थी पर बुध की शुभ स्थिति से आपके लंबे समय से रुके हुए काम तेजी से पूरे होंगे। नौकरी और व्यापार में तरक्की के साथ नए पद और भारी धन लाभ की प्रबल संभावना बन रही है।
  • मिथुन राशि:
    आपकी राशि के स्वामी बुध का उच्च होना आपके निर्णय लेने की क्षमता में जबरदस्त सुधार लाएगा। पैसों की तंगी दूर होगी और आय के नए व स्थायी स्रोत खुलेंगे।
  • कन्या राशि:
    आपकी राशि में बुध देव विराजमान रहेंगे, जिससे समाज और कार्यक्षेत्र में आपका मान-सम्मान बहुत बढ़ेगा। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
  • तुला राशि:
    इस शुभ योग से तुला राशि वालों के लिए नया मकान, जमीन या वाहन खरीदने का सपना पूरा हो सकता है। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति आएगी और निवेश से लाभ होगा।
  • मकर राशि:
    आपके जीवन से चल रही पुरानी आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव पूरी तरह से समाप्त होगा। रुके हुए धन की प्राप्ति होगी और व्यापार में मनचाहा लाभ मिलेगा।
Ganesh Chaturthi


बप्पा की कृपा पाने के लिए करें ये उपाय

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, आज गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए कुछ उपाय जरूर करें। पूजा के दौरान बप्पा को 21 दूर्वा यानी दूब घास बनाकर जरूर चढ़ाएं। गणेश जी को मोदक और बेसन के लड्डू बेहद प्रिय माने जाते हैं।



इसलिए पूजा में मोदक या बेसन के लड्डू का भोग जरूर लगाएं। पूजा के समय ऊं गं गणपतये नमः मंत्र का 108 बार जाप करें। इस मंत्र का जाप करने से बुद्धि तेज होती है और एकाग्रता बढ़ती है। गरीबों और जरूरतमंदों को फल या भोजन का दान करना बेहद शुभ रहेगा।



इससे बप्पा आपके जीवन के सभी दुखों को तुरंत हर लेंगे। सच्चे मन से की गई पूजा से आपके घर में खुशहाली और तरक्की आएगी। 14 सितंबर के इस महासंयोग का पूरा लाभ उठाकर अपना जीवन संवारें।



डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।



FAQ

  1. 14 सितंबर 2026 को कौन-कौन से प्रमुख व्रत और त्योहार एक साथ हैं?
    14 सितंबर 2026 (सोमवार) को हरतालिका तीज का व्रत, गणेश चतुर्थी (गणपति स्थापना) का पर्व और सोमवार का दिन एक साथ आ रहे हैं। इस कारण इस दिन शिव परिवार की पूजा का बहुत ही दुर्लभ और फलदायी संयोग बन रहा है।
  2. 14 सितंबर 2026 के महासंयोग से किन राशियों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा?
    ज्योतिषों के मुताबिक, इस दिन बनने वाले शुभ योगों से 5 राशियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। मेष, मिथुन, कन्या, तुला और मकर राशि के जातकों को करियर में तरक्की, अचानक धन लाभ, रुका हुआ पैसा और मान-सम्मान की प्राप्ति होगी।
  3. गणेश चतुर्थी पर भगवान श्री गणेश को प्रसन्न करने के लिए क्या अर्पित करें?
    गणेश चतुर्थी पर बप्पा को प्रसन्न करने के लिए 21 दूर्वा (दूब घास) की गांठ अर्पित करें। इसके साथ ही मोदक या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं और पूजा के समय 'ऊं गं गणपतये नमः' मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।

ये खबरें भी पढ़ें...



गणेश चतुर्थी पर चांद देखने से क्यों डरते हैं लोग, गलती से दिख जाए तो क्या करें



13 सितंबर को रातभर खुला रहेगा खजराना गणेश मंदिर, छह करोड़ के सोने से सजेंगे बप्पा



क्या था शिव जी का वो एक वरदान, जिसने बाल गणेश को बना दिया सभी देवताओं का स्वामी



क्यों नहीं करने चाहिए भगवान गणेश के इस अंग के दर्शन, दर्शन करने पर होगा नुकसान



Tags:
  • ज्योतिष शास्त्र
  • Ganesh Chaturthi
  • भारतीय संस्कृति
  • गणेश चतुर्थी
  • हरतालिका तीज व्रत
  • कब है गणेश चतुर्थी