17 अक्टूबर से सूर्य, बुध और शुक्र मिलकर बदलेंगे इन राशि वालों के भाग्य, खुलेंगे तरक्की के द्वार

Kaushiki | Oct 07, 2026, 15:29 IST
तुला राशि में हो रहा सूर्य का गोचर
17 अक्टूबर 2026 को सूर्य देव तुला राशि में प्रवेश करेंगे। तुला राशि में पहले से बुध और शुक्र ग्रह मौजूद रहेंगे। इन तीनों ग्रहों के मिलने से त्रिग्रही योग का निर्माण होगा। इस बदलाव से बुधादित्य और शुक्रादित्य योग भी साथ बनेंगे। ग्रहों का यह महासंयोग सभी 12 राशियों के करियर, व्यापार और धन पर बड़ा असर डालेगा।

Surya Gochar 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि परिवर्तन का बहुत बड़ा महत्व माना जाता है। जब भी कोई बड़ा ग्रह अपनी चाल बदलता है, तो उसका सीधा असर हमारी जिंदगी पर पड़ता है। वैदिक ज्योतिष में सूर्य को आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, मान-सम्मान और पद का कारक माना गया है।



इसलिए सूर्य के इस बदलाव को करियर और व्यापार से जोड़कर देखा जाता है। खास बात यह है कि तुला राशि में पहले से बुध और शुक्र ग्रह विराजमान हैं। ऐसे में सूर्य के आते ही वहां तीन ग्रहों का एक दुर्लभ मेल बन जाएगा।



ज्योतिष में तीन ग्रहों के इस एक साथ बैठने को त्रिग्रही योग कहा जाता है। इसके साथ ही सूर्य-बुध से बुधादित्य और सूर्य-शुक्र से शुक्रादित्य योग भी बनेगा। आइए जानें इससे सभी 12 राशियों पर क्या असर होगा।



कब बन रहा त्रिग्रही योग

पंचांग के मुताबिक, इस बार त्रिग्रही योग 17 अक्टूबर 2026 से शुरू हो रहा है। इस दिन शाम 7:57 बजे सूर्य देव अपनी राशि बदलेंगे। सूर्य कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे।



सूर्य देव 16 नवंबर तक तुला राशि में ही विराजमान रहेंगे। इसके बाद वे वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य के इस बदलाव को करियर और व्यापार से जोड़कर देखा जाता है।



खास बात यह है कि तुला राशि में पहले से बुध और शुक्र ग्रह विराजमान हैं। ऐसे में सूर्य के आते ही वहां तीन ग्रहों का एक दुर्लभ मेल बन जाएगा। ज्योतिष में तीन ग्रहों के इस एक साथ बैठने को त्रिग्रही योग कहा जाता है।



इसके साथ ही सूर्य-बुध से बुधादित्य और सूर्य-शुक्र से शुक्रादित्य योग भी बनेगा। बुध ग्रह को बुद्धि, व्यापार और संवाद का प्रतीक माना जाता है। वहीं शुक्र ग्रह को सुख-सुविधा, धन और वैभव का कारक माना गया है।



जब ये तीनों शक्तिशाली ग्रह एक साथ तुला राशि में मिलते हैं, तो एक बड़ा बदलाव आता है। यह महासंयोग लोगों की आर्थिक स्थिति और करियर को नई दिशा देने की ताकत रखता है।



सूर्य गोचर: क्या होता है त्रिग्रही योग

ज्योतिष शास्त्र में जब आकाशमंडल में तीन मुख्य ग्रह एक ही राशि में आ जाते हैं, तब त्रिग्रही योग बनता है। इसे ज्योतिष में बहुत शुभ और फलदायी योग माना गया है। सूर्य से मिलने वाला तेज, बुध से मिलने वाली बुद्धि और शुक्र से मिलने वाला धन साथ आता है।



इन तीनों के मिलने से व्यक्ति को जीवन में हर दिशा से सफलता मिलने लगती है। यदि किसी जातक की कुंडली में यह स्थिति सही घर में बने, तो उसे अचानक धन लाभ होता है। उसकी नौकरी में तरक्की होती है और समाज में उसका मान-सम्मान बढ़ता है।



त्रिग्रही योग का सभी 12 राशियों पर प्रभाव

मेष राशि



आपके सातवें घर में यह गोचर होने जा रहा है, जिससे व्यापार में नए साझेदार मिल सकते हैं। इस योग के प्रभाव से जीवनसाथी के साथ आपके रिश्ते पहले से काफी बेहतर होंगे। साथ ही, कार्यक्षेत्र में आपकी बात मानी जाएगी और आपका प्रभाव बढ़ेगा।



वृषभ राशि



छठे घर में ग्रहों का यह मेल होने से विरोधियों पर आपकी शानदार जीत होगी। आपकी नौकरी में की गई पुरानी मेहनत का अब पूरा फल मिलने का समय आ गया है। हालांकि, आपको अपनी सेहत को लेकर थोड़ा सावधान रहने की जरूरत होगी।



मिथुन राशि



पांचवें घर में यह शुभ योग बनने से शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों को अच्छी सफलता मिलेगी। संतान पक्ष से आपको कोई बड़ी खुशखबरी सुनने को मिल सकती है। इसके अलावा, आपके आर्थिक मामलों में भी काफी सुधार के योग बन रहे हैं।



कर्क राशि



चौथे घर में गोचर होने से आपके घर-परिवार में खुशी और सुख का माहौल रहेगा। आप अपने लिए नया वाहन या मकान खरीदने का मन बना सकते हैं। इस दौरान आपको अपनी माता जी की सेहत का थोड़ा विशेष ध्यान रखना होगा।



सिंह राशि



आपके तीसरे घर में यह बड़ा बदलाव हो रहा है, जिससे आपके साहस और पराक्रम में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी। आपके लंबे समय से अटके हुए काम पूरे होने लगेंगे। इस अवधि में आपको अपने भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलता रहेगा।



कन्या राशि



दूसरे घर में ग्रहों की युति होने से आप धन की बचत करने में पूरी तरह सफल रहेंगे। आपकी वाणी में मिठास आएगी, जिससे लोग आपकी ओर आकर्षित होंगे। आपको पैतृक संपत्ति से भी कोई बड़ा लाभ होने की पूरी उम्मीद है।



तुला राशि



आपकी अपनी ही राशि यानी पहले घर में यह महासंयोग बनने जा रहा है। इसके प्रभाव से आपके व्यक्तित्व में एक अलग ही निखार और चमक देखने को मिलेगी। हालांकि, आपको अपने व्यवहार में थोड़ा संतुलन बनाए रखने की सलाह दी जाती है।



वृश्चिक राशि



बारहवें घर में यह गोचर होने से आपके लिए मनपसंद विदेश यात्रा के योग बन सकते हैं। इस समय आपको अपनी फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखना बहुत जरूरी होगा। आपका मन धार्मिक और आध्यात्मिक कामों में ज्यादा लगेगा।



धनु राशि



ग्यारहवें घर में गोचर होने से आपकी आमदनी बढ़ाने के नए-नए रास्ते खुलेंगे। लंबे समय से अटका हुआ आपका पैसा वापस मिल सकता है। इसके साथ ही आपको अपने बड़े भाइयों का लगातार सहयोग मिलता रहेगा।



मकर राशि



दसवें घर में त्रिग्रही योग बनने से आपके करियर में बहुत बड़ा और सकारात्मक उछाल आ सकता है। आपको नई नौकरी के कई शानदार अवसर मिलेंगे। कार्यक्षेत्र में आपके उच्च अधिकारियों से आपको खूब प्रशंसा मिलेगी।



कुंभ राशि



नौवें घर में यह बदलाव आपके भाग्य के बंद दरवाजे पूरी तरह खोल सकता है। इस दौरान की गई लंबी दूरी की यात्राएं आपके लिए सफल और लाभदायक रहेंगी। उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को बेहतरीन नतीजे हासिल होंगे।



मीन राशि



आठवें घर में यह स्थिति बनने से आपको हर काम में थोड़ा संभलकर चलना होगा। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें और सतर्क रहें। हालांकि, आपको कहीं से अचानक गुप्त धन मिलने की प्रबल संभावना बन सकती है।



नकारात्मक असर को दूर करने के लिए करें ये उपाए

सूर्य देव को अर्घ्य दें:



रोज सुबह तांबे के लोटे में जल, थोड़ा सा गुड़ और लाल फूल मिलाकर सूर्य देव को जल अर्पित करें। इससे समाज में मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और करियर में सफलता मिलती है।



माता लक्ष्मी और शुक्र ग्रह की पूजा करें:



शुक्रवार के दिन धन-वैभव और सुख-सुविधाओं के लिए मां लक्ष्मी की पूजा करें और उन्हें सफेद मिठाई या खीर का भोग लगाएं। इससे शुक्र का शुभ प्रभाव बढ़ता है।



गणेश जी की उपासना करें:



बुधवार के दिन भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक चढ़ाएं। 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का जाप करें, इससे बुध ग्रह मजबूत होगा और बुद्धि व व्यापार में लाभ मिलेगा।



गाय की सेवा और दान करें:



नियमित रूप से या शुक्रवार-बुधवार को पहली रोटी गाय को दें। इसके अलावा जरूरतमंदों को हरा चारा, मूंग की दाल या लाल/सफेद वस्त्र का दान करना बेहद फलदायी होता है।



गायत्री मंत्र का जाप करें:



प्रतिदिन गायत्री मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। इससे मन शांत रहेगा, व्यवहार में संतुलन आएगा और तीनों ग्रहों (सूर्य, बुध, शुक्र) के महासंयोग से जीवन में सकारात्मकता बढ़ेगी।



डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।



  1. सूर्य गोचर 2026 में त्रिग्रही योग का क्या महत्व है?
    सूर्य गोचर 2026 में त्रिग्रही योग का बड़ा महत्व है क्योंकि जब सूर्य, बुध, और शुक्र एक साथ तुला राशि में आते हैं, तो ये प्रमुख ग्रह शक्तिशाली प्रभाव डालते हैं, जो करियर और व्यापार में बदलाव लेकर आएगा।
  2. त्रिग्रही योग का किसानों और व्यवसायियों पर क्या असर होगा?
    त्रिग्रही योग से किसानों और व्यवसायियों को आर्थिक स्थिति में सुधार और करियर में नई दिशा मिलने की संभावना है, जैसे कि व्यापार में नए साझेदार मिलना और आर्थिक लाभ।
  3. क्या सूर्य के गोचर से सभी 12 राशियों पर समान असर पड़ेगा?
    नहीं, सूर्य के गोचर से सभी 12 राशियों पर अलग-अलग असर पड़ेगा। हर राशि के लिए इसकी स्थिति और प्रभाव अलग-अलग होंगे, जैसे कि मेष राशि में नए साझेदार मिल सकते हैं, जबकि मकर राशि में करियर में बड़ा उछाल आ सकता है।
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