मुख्य द्वार की ये एक गलती रोक सकती है मां दुर्गा का आगमन, 11 अक्टूबर से पहले घर से बाहर कर दें ये कबाड़

Kaushiki | Oct 08, 2026, 15:45 IST
नवरात्र वास्तु टिप्स 2026
11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र शुरू हो रहे हैं। केवल धूल-मिट्टी हटाना पूजा के लिए काफी नहीं होता है। घर में रखी पुरानी कबाड़ चीजें नकारात्मकता को फैलाती हैं। जानिए नवरात्र वास्तु टिप्स और नवरात्र सफाई नियम के अनुसार घर से कौन सी 5 अशुभ चीजें तुरंत हटा देनी चाहिए, ताकि माता रानी का घर में शुभ आगमन हो सके।

शारदीय नवरात्र का त्योहार बहुत पास आ गया है। इस साल नवरात्र की शुरुआत 11 अक्टूबर से होने जा रही है। ऐसे में हर घर में साफ-सफाई का काम जोर-शोर से चल रहा है। लोग अपने घरों को चमकाने में दिन-रात लगे हुए हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि केवल धूल साफ करना काफी नहीं होता?



वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, घर में जमा पुरानी चीजें बुरा असर डालती हैं। ये बेकार पड़ी चीजें घर के अंदर नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती हैं। इससे परिवार के सदस्यों की प्रगति और तरक्की पूरी तरह रुक जाती है।



साथ ही मां दुर्गा और मां लक्ष्मी भी नाराज हो सकती हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में खुशहाली बनी रहे। तो आपको पूजा शुरू होने से पहले कुछ जरूरी कदम उठाने होंगे।



घर में रखी बेकार और टूटी-फूटी चीजों को तुरंत बाहर फेंकना होगा। ऐसा करने से घर का वातावरण एकदम शुद्ध और पवित्र हो जाएगा। आपके जीवन में सुख, शांति और नए अवसर आने लगेंगे। तो आइए वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, जानें वो कौन सी ऐसी चीजें हैं जिन्हें 11 अक्टूबर से पहले ही घर से बाहर कर देना चाहिए।



सूखी तुलसी और कांटेदार पौधे हटाएं

वास्तु शास्त्र के मुताबिक, तुलसी के पौधे को हिंदू धर्म में बहुत पवित्र माना जाता है। अगर आपके घर की तुलसी सूख गई है, तो उसे हटा दें। सूखा पौधा घर में उदासी, तंगी और बीमारी का कारण बनता है। घर के अंदर कभी भी कांटेदार पौधे बिल्कुल भी न रखें।



कैक्टस जैसे पौधे घर में रोज आपसी झगड़े और तनाव बढ़ाते हैं। सूखी तुलसी को किसी पवित्र नदी या मिट्टी में प्रवाहित कर दें। इसकी जगह घर में नया और हरा-भरा तुलसी का पौधा लगाएं। आप चाहें तो घर में मनी प्लांट का पौधा भी लगा सकते हैं।



टूटी हुई मूर्तियां और फटी तस्वीरें

वास्तु शास्त्र के मुताबिक, घर के मंदिर में टूटी मूर्तियां कभी नहीं रखनी चाहिए। देवी-देवताओं की फटी हुई तस्वीरें रखना भी बहुत अशुभ होता है। इससे घर में गंभीर वास्तु दोष पैदा होने का खतरा रहता है। ऐसी मूर्तियों की पूजा करने से कोई फल प्राप्त नहीं होता।



यदि मूर्ति मिट्टी की है, तो उसे बहते जल में बहा दें। अगर मूर्ति किसी धातु की है, तो पीपल के नीचे रख आएं। चित्र पुराने या कटे-फटे हों, तो उन्हें भी संभालकर विसर्जित कर दें। पूजा घर में हमेशा साफ और सुंदर मूर्तियां ही स्थापित करें।



टूटी और बहुत पुरानी झाड़ू बाहर करें

वास्तु शास्त्र के मुताबिक, झाड़ू का सीधा संबंध धन की देवी मां लक्ष्मी से होता है। घर में टूटी झाड़ू रखने से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। बहुत पुरानी और बिखरी हुई झाड़ू दरिद्रता को न्योता देती है।



11 अक्टूबर को घटस्थापना से पहले पुरानी झाड़ू तुरंत बाहर फेंक दें। बाजार से नई और साफ झाड़ू खरीदकर घर में ले आएं। झाड़ू को हमेशा ऐसे स्थान पर रखें, जहां किसी की नजर न पड़े। इसे कभी भी खड़ा करके या पैर लगाकर बिल्कुल न रखें।



एक्सपायर्ड दवाइयां और चटके हुए बर्तन

वास्तु शास्त्र के मुताबिक, घर के रसोईघर में रखे चटके बर्तन तनाव का कारण बनते हैं। टूटा हुआ कांच या दर्पण घर में भयंकर नकारात्मकता लाता है। इसी तरह काफी समय से रखी एक्सपायर्ड दवाइयां नुकसान पहुंचाती हैं।



इन चीजों को घर में रखने से लोग बार-बार बीमार पड़ते हैं। घर के सदस्यों के बीच मानसिक तनाव और बेचैनी हमेशा रहती है। नवरात्र की सफाई करते समय इन बेकार चीजों को तुरंत फेंक दें। साफ और साबुत बर्तनों का ही इस्तेमाल रसोई में हमेशा करें।



बंद घड़ियां और कबाड़ इलेक्ट्रॉनिक सामान

वास्तु में बंद घड़ी को बहुत बड़ा दोष माना गया है। बंद घड़ी इस बात का संकेत है कि आपका समय रुक गया है। यह घर के लोगों की प्रगति और सफलता में बाधा बनती है। खराब पड़े इलेक्ट्रॉनिक सामान भी घर की सकारात्मक ऊर्जा घटाते हैं।



बंद पड़ी घड़ियों की बैटरी बदलें या उन्हें तुरंत ठीक करवाएं। जो घड़ियां बहुत पुरानी और कबाड़ हों, उन्हें फेंक देना चाहिए। घर की छत या स्टोर रूम में जमा कबाड़ हटा दें। इससे घर में नए विचार और तरक्की के रास्ते खुलेंगे।



नवरात्र के पहले दिन जरूर करें ये काम

घर की सफाई पूरी होने के बाद मुख्य द्वार को सजाएं। नवरात्र के पहले दिन (11 अक्टूबर) सुबह घर के मुख्य दरवाजे को धोकर साफ करें। दरवाजे के दोनों तरफ हल्दी और जल से स्वास्तिक चिह्न बनाएं। स्वास्तिक का चिह्न घर में शुभता और तरक्की का प्रतीक होता है।



मुख्य द्वार पर आम या अशोक के पत्तों का तोरण बांधें। पत्तों का तोरण घर के अंदर केवल सकारात्मक ऊर्जा को आने देता है। इससे मां दुर्गा प्रसन्न होकर आपके घर में स्थायी निवास करती हैं। घर में सालभर सुख, शांति और समृद्धि का वास बना रहता है।



डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।



FAQs:



  1. शारदीय नवरात्र कब शुरू हो रही है?
    शारदीय नवरात्र इस साल 11 अक्टूबर से शुरू हो रही है।
  2. घर में कौन सी चीजें नवरात्र से पहले बाहर करनी चाहिए?
    नवरात्र से पहले घर में से सूखी तुलसी, टूटी मूर्तियां, फटी तस्वीरें, पुरानी झाड़ू, एक्सपायर्ड दवाइयां, चटके हुए बर्तन, बंद घड़ियां और कबाड़ इलेक्ट्रॉनिक सामान बाहर करनी चाहिए।
  3. घर की सफाई के बाद क्या करना चाहिए?
    घर की सफाई के बाद मुख्य दरवाजे को धोकर साफ करें और दरवाजे के दोनों तरफ हल्दी और जल से स्वास्तिक चिह्न बनाएं, इसके अलावा आम या अशोक के पत्तों का तोरण बांधें।
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