54 साल बाद खुला बांके बिहारी का खजाना, सोने-चांदी के दावे पर अंदर मिले सांप, जानिए बंद कमरे से क्या-क्या मिला?
Aman Vaishnav | Oct 22, 2025, 23:42 IST
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सिंहासन के नीचे है खजानाImage credit : Aman Vaishnav
यह रहस्यमयी खजाना मंदिर के सबसे अंदर वाले हिस्से यानी गर्भगृह में है। यह भगवान बांके बिहारी के सिंहासन के ठीक नीचे मौजूद है।
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सोने-चांदी का दावा, निकले सांपImage credit : Aman Vaishnav
बहुत समय से लोग कहते थे कि खजाने में सोने-चांदी के सिक्के और कलश रखे हैं। पर जब खजाना खोला गया, तो अंदर से कोई खजाना नहीं मिला, बल्कि दो छोटे सांप और बिच्छू जैसे जीव-जंतु निकले।
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खजाने से क्या निकला?Image credit : Aman Vaishnav
इतनी सुरक्षा के बावजूद, खजाने से अभी तक कोई बड़ा या कीमती सामान नहीं मिला है। ( Mathura-Vrindavan) कुछ पीतल और लकड़ी का पुराना सामान मिला है, साथ ही एक चांदी का बर्तन मिला है।
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54 साल बाद खुला खजानाImage credit : Aman Vaishnav
मथुरा वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर में 160 साल पुराना और रहस्यमयी खजाना 54 साल के लंबे इंतजार के बाद खोला गया।
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दोबारा होगी खजाने की खोजImage credit : Aman Vaishnav
कमेटी के सदस्यों ने बताया कि अभी खजाने में कीमती चीजें नहीं मिली हैं, इसलिए दिवाली के बाद खजाने की खोज दोबारा शुरू होगी।
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कोर्ट के आदेश पर खुली तिजोरीImage credit : Aman Vaishnav
बांके बिहारी मंदिर के इस ऐतिहासिक खजाने को खोलने के लिए कोर्ट के निर्देश पर एक हाई पावर्ड कमेटी बनाई गई। इस कमेटी ने प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस सुरक्षा की मौजूदगी में इस पुरानी तिजोरी के कपाट खोले।
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आखिरी बार 1971 में खुला थाImage credit : Aman Vaishnav
भगवान बांके बिहारी का यह खजाना आखिरी बार आज से 54 साल पहले, साल 1971 में खोला गया था। दावा किया जाता है कि जब पिछली बार खजाना खोला गया था, तब चांदी के शेषनाग, सोने के कलश और नवरत्न भी थे।