BU में अब CBSE पैटर्न पर होगा कॉपियों का डिजिटल मूल्यांकन, 20 दिन में आएगा रिजल्ट

Anjali Dwivedi | Jun 11, 2026, 13:01 IST
bu में कॉपियों का डिजिटल मूल्यांकन
बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी भोपाल 2026-27 सत्र से CBSE मॉडल पर डिजिटल मूल्यांकन शुरू करेगी। कॉपियां स्कैन होंगी, ऑनलाइन जांची जाएंगी और 20 दिन में रिजल्ट आएगा।

समझें क्या है पूरा मामला

  • BU में अब सीबीएसई की तर्ज पर डिजिटल कॉपियां जांची जाएंगी।
  • परीक्षा के बाद छात्रों की सभी आंसर शीट्स को स्कैन किया जाएगा।
  • शिक्षक अब घर या दफ्तर कहीं से भी से ऑनलाइन ही मूल्यांकन कर सकेंगे।
  • अंकों का जोड़ सॉफ्टवेयर खुद करेगा, जिससे गलती की गुंजाइश नहीं होगी।
  • इस नई व्यवस्था से परीक्षा खत्म होने के मात्र 20 दिन में रिजल्ट आ जाएगा।

पुरानी व्यवस्था में क्या थी दिक्कत

भोपाल के लाखों छात्र हर साल एक ही समस्या से परेशान होते थे। इसका कारण रिजल्ट देर से आना था। कभी कॉपियां खो जाती थीं, कभी पन्ने जांचे बिना छूट जाते थे, तो कभी नंबरों के जोड़ में भी गलतियां होती थीं। छात्रों को पुनर्मूल्यांकन (Revaluation) करवाने में महीनों लग जाते थे। उनका पूरा अगला सत्र इसी इंतजार में बर्बाद हो जाता था।



बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी से हर साल करीब 25 लाख उत्तर पुस्तिकाएं (Answer sheets) जांची जाती हैं। इतनी बड़ी संख्या में कागजी कॉपियों को संभालना आसान नहीं था। अब यूनिवर्सिटी ने इस पूरी समस्या का एक ही हल निकाला है, डिजिटल वैल्यूएशन (Digital Evaluation)।



CBSE मॉडल क्या होता है

सीबीएसई देश का सबसे बड़ा एजुकेशन बोर्ड है। यह सालों से डिजिटल तरीके से आंसर शीट्स की जांच करता आ रहा है। इसी सिस्टम को BU भोपाल अब अपनाने जा रहा है।



इस सिस्टम में सबसे पहले कॉपियों को हाई क्वालिटी स्कैनर से स्कैन किया जाता है। फिर उन्हें एक सुरक्षित क्लाउड सर्वर पर अपलोड किया जाता है। शिक्षक अपनी आईडी और पासवर्ड से लॉगइन करके स्क्रीन पर कॉपी जांचते हैं। हर पेज देखना जरूरी होता है, बिना देखे अगले सवाल पर जाना ही नहीं होता है। नंबर भी सॉफ्टवेयर खुद जोड़ता है।



7.5 करोड़ का बजट तैयार

यह बदलाव मुफ्त में नहीं आएगा। BU प्रशासन का अनुमान है कि एक आंसर शीट की डिजिटल प्रोसेसिंग पर करीब 30 रुपए का खर्च आएगा। 25 लाख कॉपियों के हिसाब से यह खर्च करीब 7.5 करोड़ रुपए बनता है।



इसके अलावा बड़े सर्वर, डेटा स्टोरेज और तकनीकी जानकारों की भी जरूरत होगी। इन सबके लिए भी अलग से बजट तैयार किया जा रहा है। भोज मुक्त विश्वविद्यालय ने भी अपनी बजट बैठक में डिजिटल मूल्यांकन के लिए 2 करोड़ रुपए की मंजूरी दे दी है।



छात्रों को क्या मिलेगा फायदा

  • रिजल्ट जल्दी आएगा: परीक्षा खत्म होने के सिर्फ 20 दिन में रिजल्ट हाथ में होगा। पहले यही काम तीन-चार महीने में होता था। इससे नया सत्र समय पर शुरू हो पाएगा।
  • एक भी पन्ना नहीं छूटेगा: नई प्रणाली में शिक्षक जब तक हर पेज खोलकर नहीं देखते, तब तक सिस्टम आगे बढ़ने नहीं देता। अब मेरी कॉपी चेक नहीं हुई" वाली शिकायत खत्म होगी।
  • नंबरों में गलती नहीं होगी: सॉफ्टवेयर खुद नंबर जोड़ता है। इसलिए जोड़ गलत होने से फेल होने का डर नहीं रहेगा। पारदर्शिता बढ़ेगी और छात्रों का भरोसा बनेगा।
  • रिवैल्यूएशन होगा आसान: अगर कोई छात्र दोबारा जांच करवाना चाहे तो उसे हफ्तों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। कॉपी डिजिटल है, इसलिए तुरंत दिखाई जा सकती है।

चुनौतियां भी हैं सामने

  • हर बड़े बदलाव की तरह इसमें भी कुछ अड़चनें हैं।
  • लाखों छात्रों का डेटा सुरक्षित रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
  • साइबर हमलों से बचाव के लिए मजबूत इंतजाम करने होंगे।
  • शिक्षकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करना सिखाना होगा।
  • ग्रामीण इलाकों में स्थित परीक्षा केंद्रों पर हाई-स्पीड इंटरनेट की भी जरूरत होगी।

हालांकि इन सब पर काम शुरू हो गया है। यूनिवर्सिटी का लक्ष्य है कि 2026-27 सत्र से यह नई व्यवस्था पूरी तरह लागू हो जाए।



MP में डिजिटल शिक्षा की दिशा में एक कदम

मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षा का एक बड़ा हिस्सा बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी पर निर्भर है। इसका अधिकार क्षेत्र भोपाल, सीहोर, विदिशा, रायसेन, होशंगाबाद, हरदा, बैतूल और राजगढ़ जैसे आठ जिलों तक फैला है। इन जिलों के लाखों छात्रों के लिए यह बदलाव बहुत बड़ी राहत लेकर आएगा।



डिजिटल इंडिया के दौर में जब स्कूल स्तर पर सीबीएसई पहले से यह काम कर रहा है, तो विश्वविद्यालय स्तर पर भी यह जरूरी था। BU भोपाल का यह कदम मध्यप्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।



FAQ

  1. बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी में डिजिटल मूल्यांकन कब से शुरू होगा?
    BU भोपाल में डिजिटल वैल्यूएशन 2026-27 सत्र से लागू होने की योजना है। इसके लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और बजट भी तय किया जा रहा है।
  2. डिजिटल मूल्यांकन से छात्रों को क्या फायदा होगा?
    डिजिटल मूल्यांकन से रिजल्ट परीक्षा के 20 दिन के अंदर आ जाएगा। नंबरों में जोड़ की गलती नहीं होगी और हर पन्ना चेक होना जरूरी होगा। रिवैल्यूएशन भी तेज और आसान होगा।
  3. CBSE मॉडल और BU के नए सिस्टम में क्या समानता है?
    CBSE भी कॉपियां स्कैन करके क्लाउड पर अपलोड करता है और शिक्षक ऑनलाइन जांचते हैं। BU भोपाल भी यही तरीका अपनाने जा रहा है जिसमें ऑन-स्क्रीन मार्किंग और ऑटो-कैलकुलेशन शामिल है।

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