CBSE 10वीं के छात्र अब दोबारा दे सकेंगे बोर्ड एग्जाम, जानें तारीख
CBSE ने कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए एक ऐतिहासिक और छात्र-हितैषी फैसला लेते हुए टू-फेज बोर्ड परीक्षा प्रणाली की शुरुआत की है। 25 जून 2025 को घोषित इस नीति का उद्देश्य छात्रों के मानसिक तनाव को कम करना है। साथ ही उन्हें साल बर्बाद किए बिना अपना स्कोर सुधारने का एक मौका देना है।
CBSE 10वीं फेज-2 परीक्षा 2026
यह केवल एक कम्पार्टमेंट परीक्षा नहीं है, बल्कि इसे सीबीएसई द्वारा एक औपचारिक सेकंड बोर्ड एग्जाम सिटिंग के रूप में मान्यता दी गई है। इसके तहत छात्र अधिकतम तीन विषयों में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए दोबारा परीक्षा दे सकते हैं।
फेज-2 बोर्ड परीक्षा 2026 का पूरा शेड्यूल
फेज-2 की परीक्षाएं 15 मई 2026 से शुरू होकर 1 जून 2026 तक चलेंगी। मुख्य विषयों की तारीखें इस प्रकार हैं:
| तारीख | विषय (Subject) | पेपर कोड |
| 15 मई, 2026 | गणित (Standard & Basic) | 041 / 241 |
| 19 मई, 2026 | विज्ञान (Science) | 086 |
| 22 मई, 2026 | सामाजिक विज्ञान (Social Science) | 087 |
| 26 मई, 2026 | भाषा के पेपर (Language Papers) | - |
| 30 मई, 2026 | भाषा के पेपर (Language Papers) | - |
कौन दे सकता है फेज-2 परीक्षा?
पात्र छात्र: जिन्होंने पहली मुख्य परीक्षा दी है और अंक सुधारना चाहते हैं, जो कम्पार्टमेंट कैटेगरी में हैं, या जो छठे विषय के रिप्लेसमेंट के बाद पास हुए हैं लेकिन अंक सुधारना चाहते हैं। स्पोर्ट्स कोटा और विशिष्ट UFM कैटेगरी वाले छात्र भी पात्र हैं।
अपात्र छात्र: जो मुख्य परीक्षा के 3 या अधिक विषयों में अनुपस्थित रहे हों, जो एसेंशियल रिपीट (ER) कैटेगरी में हों; या जो विषय बदलना चाहते हों (विशेष अनुमति के बिना)।
सीबीएसई की LOC प्रक्रिया क्या है?
LOC (List of Candidates) वह आधिकारिक माध्यम है जिसके जरिए स्कूल अपने छात्रों का रजिस्ट्रेशन करते हैं। कोई भी छात्र सीधे आवेदन नहीं कर सकता है। स्कूल को ही डेटा बेस तैयार कर सीबीएसई को भेजना होगा। इसमें छात्रों की कुल संख्या और चुने गए विषयों की जानकारी दी जाती है। मेन एग्जाम के रिजल्ट घोषित होने के तुरंत बाद स्कूलों को यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
एग्जाम फीस कितनी लगेगी
फीस का भुगतान ऑनलाइन (UPI/Card/Net Banking) के माध्यम से किया जा सकता है-
- भारत में: 320 रुपए प्रति विषय (तीनों विषयों के लिए 960 रुपए)।
- नेपाल में: 1,100 रुपए प्रति विषय।
- अन्य देशों में: 2,200 रुपए प्रति विषय।
- लेट फीस: समय सीमा समाप्त होने के बाद दो हजार रुपए हर छात्र की अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
जरूरी दिशा-निर्देश और शर्तें
- इंटरनल असेसमेंट: फेज-2 परीक्षा केवल थ्योरी (Theory) के लिए है। प्रोजेक्ट, प्रैक्टिकल या इंटरनल असेसमेंट के पुराने अंक ही रहेंगे, इन्हें बदला नहीं जा सकता।
- CWSN सुविधा: विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) को वही सुविधाएं मिलेंगी जो पहली परीक्षा में मिली थीं; नए पंजीकरण मान्य नहीं होंगे।
- एग्जाम सेंटर: जरूरी नहीं कि फेज-2 का सेंटर आपके घर या स्कूल के पास हो। केंद्रों की संख्या कम हो सकती है।
- डेटा सुधार: LOC जमा होने के बाद छात्र के विवरण (जैसे नाम, जन्मतिथि) में कोई सुधार नहीं किया जाएगा।
नतीजों से क्या उम्मीद करें?
फेज-2 के परिणाम आधिकारिक वेबसाइट पर घोषित किए जाएंगे। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे रिजल्ट की कॉपी तुरंत डाउनलोड करें, क्योंकि यह आगे के एडमिशन और दस्तावेजों के वेरिफिकेशन के लिए जरूरी होगी।
यह नई व्यवस्था उन छात्रों के लिए संजीवनी है जो किसी कारणवश मुख्य परीक्षा में अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं दे पाए थे। अब वे बिना किसी सामाजिक दबाव के अपनी योग्यता साबित कर सकते हैं।
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