CBSE AI Course: कक्षा 3 से 8 में कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और एआई की पढ़ाई, 9वीं से 12वीं को मॉड्यूल, शिक्षकों की भी होगी ट्रेनिंग

Kaushiki | Oct 28, 2026, 11:31 IST
सीबीएसई के बच्चों को बचपन से मिलेगी टेक-एजुकेशन
CBSE new course at a glance: Classes 3 to 8 get a computational thinking and AI curriculum, Class 9 a compulsory module, and Classes 9 to 12 a 20-hour NCERT module in 2026-27.
सीबीएसई ने इस साल से कक्षा 3 से 8 तक कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और एआई का नया सिलेबस लागू किया है। कक्षा 9 से 12 के लिए 20 घंटे का मॉड्यूल भी तैयार है, जिसे आईआईटी मद्रास, आईआईटी जोधपुर और एनसीईआरटी के विशेषज्ञों ने बनाया है। इस मॉड्यूल की अलग परीक्षा नहीं होगी। स्कूलों में एआई की पढ़ाई क्यूरियस नोटबुक और ट्रेनिंग पर टिकी है।

कक्षा 3 से 8 का नया कोर्स

यह सीबीएसई एआई कोर्स इसी साल 2026-27 से लागू हुआ है। कक्षा 3 से 8 एआई पाठ्यक्रम में बच्चे कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और एआई सीखेंगे।



कम्प्यूटेशनल थिंकिंग क्या है?

Computational Thinking यानी बड़े सवाल को छोटे कदमों में बांटकर हल करने का तरीका। मैथ्स के सवाल छोटी स्टेप में बांटकर हल करना भी इसी का हिस्सा है।



कक्षा 3 से 5 में 50 घंटे



कक्षा 3 से 5 में एआई अलग विषय नहीं है। इसे मैथ्स और द वर्ल्ड अराउंड अस जैसे विषयों के साथ पढ़ाते हैं। तरीका है गेम, पहेलियां और एक्टिविटीज। इसके लिए साल में करीब 50 घंटे तय हैं। इस CBSE new course का एक मकसद साफ है। छोटी क्लास से ही बच्चे कोडिंग, डेटा साइंस और डिजिटल तकनीक से जुड़ सकेंगे। एआई से जुड़े करियर के लिए भी वे तैयार हो सकेंगे।



कक्षा 9 से 12 के लिए मॉड्यूल



राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद यानी एनसीईआरटी (NCERT - National Council of Educational Research and Training) ने यह मॉड्यूल लॉन्च किया है। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति यानी एनईपी (NEP - National Education Policy) 2020 के तहत आया है। मॉड्यूल कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और एआई पर 20 घंटे का है। यह एक्टिविटी आधारित है।



एनसीईआरटी आईआईटी मद्रास मॉड्यूल

इसे आईआईटी (IIT - Indian Institute of Technology) मद्रास, आईआईटी जोधपुर और एनसीईआरटी के विशेषज्ञों ने मिलकर बनाया है। एनसीईआरटी आईआईटी मद्रास मॉड्यूल की खास बात इसका एक्टिविटी आधारित होना है। NCERT module स्पेशल एक्टिविटी आधारित बताया गया है।



अलग परीक्षा नहीं, स्कूल में आकलन

कक्षा 9 से 12 के मॉड्यूल का आकलन स्कूल स्तर पर होगा। यानी इसके लिए बोर्ड की अलग परीक्षा नहीं होगी। कक्षा 9 में कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और एआई मॉड्यूल जरूरी है। कक्षा 10 के स्टूडेंट्स पुरानी व्यवस्था से पढ़ाई जारी रखेंगे। बोर्ड की तालिका में इसे 2025-26 की मौजूदा व्यवस्था बताया गया है।



क्यूरियस नोटबुक क्या है?

एआई की प्रैक्टिस के लिए स्टूडेंट्स को एक क्यूरियस नोटबुक बनानी होगी। इसमें वे अपनी एक्टिविटीज रिकॉर्ड करेंगे। जिन स्कूलों में कंप्यूटर या इंटरनेट की कमी है, वहां भी पढ़ाई रुकेगी नहीं। टीचर पेपर और ग्रुप डिस्कशन के जरिए इसे अनप्लग मोड में पढ़ा सकेंगे।



बच्चे क्या-क्या सीखेंगे?

एआई प्रोग्राम में स्टूडेंट्स को तीन तरह की बातें सिखाई जाएंगी।



  • पहली, मैथ्स के सवालों को छोटी स्टेप में हल करने की प्रैक्टिस।
  • दूसरी, एआई की वर्क प्रोसेस, डेटा का यूज और रोजमर्रा में उसका इस्तेमाल।
  • तीसरी, एआई से बनी गलत जानकारी वाली खबरें पहचानना।

साथ ही चैटबॉट के जवाबों की जांच करना और फैक्ट्स को वेरिफाई करना। आज बच्चा जो जवाब चैटबॉट से पाता है, उसे परखना भी सीखेगा।



शिक्षकों की ट्रेनिंग और रोल

शिक्षकों की ट्रेनिंग इस पूरी योजना की अहम कड़ी है। शिक्षकों को कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और एआई पढ़ाने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पाठ्यक्रम के कॉन्सेप्ट कई विषयों में जोड़े जाएंगे। इनमें मैथ्स, साइंस, सोशल साइंस और लैंग्वेज शामिल हैं।



हैंडबुक और डिजिटल सुविधाएं

कक्षा 3 से 8 के लिए विद्यार्थियों और शिक्षकों की हैंडबुक जारी हुई है। स्कूलों को जरूरी डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी ध्यान देना होगा।



एआई के अलावा शामिल विषय

इस साल से सीबीएसई कोर्स में एआई के अलावा और विषय भी हैं। कौशल बोध कक्षा 6 से 8 के लिए है। कौशल विकास कक्षा 9 के लिए है। डाटा साइंस और डिजाइन थिंकिंग एंड इन्नोवेशन्स कक्षा 10 से 12 में हैं। इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कक्षा 9 से 12 के लिए है। रिटेल, टूरिज्म, मार्केटिंग एंड सेल्स कक्षा 9 से 10 में है। हेल्थकेयर, बैंकिंग और इंश्योरेंस कक्षा 10 से 12 के लिए है।



सीबीएसई की योजना के बारे में

शैक्षणिक सत्र 2026-27 है। कक्षा 3 से 8 में पाठ्यक्रम लागू है। कक्षा 9 में मॉड्यूल जरूरी है। कक्षा 9 से 12 के लिए 20 घंटे का शुरुआती मॉड्यूल है। यह स्कूल आधारित मूल्यांकन के लिए है। एआई अब बच्चों के लिए सिर्फ मोबाइल की चीज नहीं, क्लास का विषय बन रहा है। यह बदलाव सीबीएसई नया सत्र 2026-27 से जुड़ा है। चैटबॉट के जवाब परखना और गलत जानकारी पहचानना आज की जरूरत है। छोटी कक्षा के बच्चे गेम और पहेलियों के जरिए सीखेंगे।



FAQs:



  1. कक्षा 3 से 8 का नया AI पाठ्यक्रम कब से लागू होगा?
    कक्षा 3 से 8 का नया AI पाठ्यक्रम 2026-27 सत्र से लागू होगा।
  2. इस AI पाठ्यक्रम में छात्रों को क्या सिखाया जाएगा?
    इस AI पाठ्यक्रम में छात्रों को कम्प्यूटेशनल थिंकिंग, मैथ्स के सवालों को छोटे स्टेप में हल करने, AI की वर्क प्रोसेस, डेटा का उपयोग, गलत जानकारी पहचानने और चैटबॉट के जवाबों की जांच करना सिखाया जाएगा।
  3. कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए AI मॉड्यूल का क्या प्रारूप होगा?
    कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए AI मॉड्यूल 20 घंटे का एक्टिविटी आधारित पाठ्यक्रम होगा, जिसका आकलन स्कूल स्तर पर किया जाएगा और इसके लिए अलग से बोर्ड परीक्षा नहीं होगी।
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