CBSE LOC की आखिरी तारीख 21 अक्टूबर, चूके तो लगेगी 2 हजार रुपए लेट फीस, जल्दी करें सबमिट
लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स क्या है?
एलओसी (LOC) यानी लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स एक आधिकारिक लिस्ट होती है। स्कूल इसे सीबीएसई के पोर्टल पर अपलोड करते हैं। इस पोर्टल का नाम सीबीएसई परीक्षा संगम है।
इस लिस्ट में हर परीक्षार्थी की सही जानकारी दर्ज होती है। इसमें छात्र का नाम, माता-पिता के नाम और चुने हुए विषय शामिल होते हैं। साथ ही, छात्र की श्रेणी और दिव्यांगता से जुड़ी जानकारी भी दर्ज होती है।
बोर्ड इसी लिस्ट को छात्रों की जानकारी का मुख्य आधार मानता है। आगे के जरूरी दस्तावेज भी इसी के आधार पर तैयार किए जाते हैं।
एलओसी लेट फीस कितनी लगेगी?
समय पर लिस्ट जमा करने पर सिर्फ सामान्य परीक्षा शुल्क देना होगा। देरी होने पर एलओसी के लिए प्रति छात्र दो हजार रुपए लेट फीस लगेगी। यह फीस सामान्य परीक्षा शुल्क के अलावा देनी होगी। इसी लेट फीस से बचने के लिए CBSE बार-बार निर्देश जारी कर रहा है। समय पर प्रक्रिया पूरी करने से हर छात्र दो हजार रुपए की अतिरिक्त फीस बचा सकता है।
नाम छूटा तो परीक्षा पर असर
एलओसी में दर्ज जानकारी के आधार पर ही आगे की पूरी प्रक्रिया होती है। इसी जानकारी से बोर्ड परीक्षा के एडमिट कार्ड तैयार होते हैं। परीक्षा के रोल नंबर और अंतिम मार्कशीट भी इसी आधार पर बनते हैं। बोर्ड के मुताबिक, गलती होने पर छात्र परीक्षा से वंचित रह सकता है।
गलत जानकारी दर्ज होने से मार्कशीट में भी गड़बड़ी हो सकती है। बोर्ड एडमिट कार्ड से लेकर मार्कशीट तक सभी दस्तावेज इसी लिस्ट से तैयार करता है। इसलिए एलओसी में हुई एक गलती दूसरे दस्तावेजों में भी दिख सकती है।
21 अक्टूबर से पहले क्या करें?
स्कूल की ओर से एलओसी में दर्ज जानकारी जांचें। फिर उसे अपने दस्तावेजों से मिलाएं। अंतर दिखने पर तुरंत स्कूल से सत्यापन कराएं।
स्पेलिंग, जन्मतिथि और विषय कोड कैसे जांचें?
सबसे पहले अपने नाम की स्पेलिंग जांचें। माता-पिता के नाम, जन्मतिथि और विषयों के कोड भी देखें। इन सभी का 10वीं के रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड या स्कूल के दस्तावेजों से मिलान करें।
विषय में गलती हुई तो क्या होगा?
कई बार स्टैंडर्ड और बेसिक मैथ्स चुनने में गलती हो जाती है। भाषा के विषयों में भी ऐसी गलती हो सकती है। एलओसी जमा होने के बाद विषय बदलने पर रोक लग सकती है। इसलिए अपने विषय के कोड को ध्यान से जरूर जांच लें।
फीस और दस्तावेजों की जिम्मेदारी किसकी?
अभिभावक यह जरूर देख लें कि स्कूल की परीक्षा फीस जमा हो गई है। जरूरी दस्तावेज भी समय पर स्कूल में जमा करें। इससे स्कूल अंतिम तारीख से पहले बोर्ड को लिस्ट भेज सकेगा।
इसके लिए स्कूल और अभिभावकों, दोनों को मिलकर काम करना होगा। स्कूल समय पर लिस्ट भेजे और अभिभावक फीस व जरूरी दस्तावेज जमा करें। देरी होने पर छात्रों को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।
लापरवाही का जोखिम क्या है?
CBSE बोर्ड परीक्षा 2027 के छात्रों के लिए यह जरूरी समय है। लिस्ट जमा करने में देरी पर प्रति छात्र दो हजार रुपए की अतिरिक्त लेट फीस लग सकती है। गलत जानकारी से मार्कशीट में भी गलती हो सकती है।
आखिरी समय की जल्दबाजी से बचें और स्कूल से सभी जानकारियां तुरंत चेक कराएं। अंतिम तारीख और फीस को लेकर निर्देश साफ हैं। इसलिए पूरी प्रक्रिया समय पर पूरी करना जरूरी है।