CBSE Board ने किया सिलेबस में बदलाव, AI के साथ अब ये 3 लैंग्वेज होंगे मैंडेटरी

Kaushiki | Apr 04, 2026, 09:50 IST
CBSE
CBSE ने 2026-27 से नया पाठ्यक्रम लागू करने की घोषणा की है। छठी से तीन भाषा जरूरी होंगी। इनमें से 2 भारतीय भाषाएं जरूरी हैं। 9वीं से मैथ्स-साइंस में दो स्तर होंगे। AI और कंप्यूटेशनल थिंकिंग 9वीं-10वीं में कंपल्सरी सब्जेक्ट बनेंगे।

समझें क्या है पूरा मामला

  • CBSE ने 2026-27 से नया सिलेबस लागू करने का ऐलान किया है।
  • छठी कक्षा से तीन भाषाएं अनिवार्य होंगी और इनमें से 2 का भारतीय होना जरूरी है।
  • 9वीं कक्षा से मैथ्स और साइंस में दो अलग-अलग स्तर होंगे।
  • AI और कंप्यूटेशनल थिंकिंग 9वीं-10वीं में कंपल्सरी सब्जेक्ट बनेंगे।
  • 2029 से इन बदलावों के आधार पर बोर्ड परीक्षा का पेपर भी बदलेगा।

तीन भाषा फॉर्मूला, दो भारतीय जरूरी

Big decision of CBSE Board: CBSE (Central Board of Secondary Education) ने शुक्रवार को एक बड़ा ऐलान किया।CBSE ने 2026-27 से नए सिलेबस लागू करने का ऐलान किया है। नए सिलेबस के तहत 2026-27 से छठी कक्षा से तीन भाषाएं जरूरी होंगी। इनमें से कम से कम 2 भाषाएं भारतीय होनी चाहिए।



यह बदलाव NEP (National Education Policy) और NCF (National Curriculum Framework) के तहत किया जा रहा है। हालांकि कक्षा 9 में तीसरी भाषा जरूरी नहीं होगी। विदेश से लौटे छात्रों को स्पेशल सरकमस्टान्सेस में इससे छूट मिल सकती है।



9वीं में मैथ्स-साइंस के दो स्तर

ये बदलाव उन छात्रों के लिए राहत की खबर है जो मैथ्स या साइंस में कमजोर हैं। 9वीं कक्षा से मैथ्स में 80 नंबर का स्टैंडर्ड पेपर जरूरी होगा। इच्छुक छात्र 25 नंबर का अतिरिक्त एडवांस पेपर भी दे सकेंगे।



एडवांस पेपर के अंक कुल प्रतिशत में नहीं जुड़ेंगे। लेकिन मार्कशीट पर 50 फीसदी से अधिक अंक आने पर उसका अलग से उल्लेख होगा। ये व्यवस्था उन छात्रों को प्रोत्साहित करेगी जो आगे इंजीनियरिंग या विज्ञान में जाना चाहते हैं।



9वीं-10वीं में AI अब जरूरी

बता दें कि, 9वीं और 10वीं कक्षा में AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटेशनल थिंकिंग अनिवार्य विषय होंगे। 2029 से बोर्ड परीक्षा में भी इनका पेपर होगा। शुरुआत मॉड्यूल और इंटर्नल असेसमेंट के रूप में होगी। ये इसलिए जरूरी है क्योंकि AI आज दुनियाभर में हर क्षेत्र में अपनी जगह बना रहा है। स्कूल स्तर से ही इसकी नींव रखना भारत के युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करेगा।



कुछ नई एक्टिविटीज भी जुड़ेंगी

9वीं से 10वीं के बीच कला शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा और शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य किया जाएगा। आर्ट और फिजिकल एजुकेशन के लिए नई किताबें भी आएंगी।



असेसमेंट यानी मूल्यांकन के तरीके में भी बदलाव होगा। अभी आर्ट और फिजिकल एजुकेशन का मूल्यांकन स्कूल-आधारित होता है। 2027-28 से व्यावसायिक शिक्षा की परीक्षा भी बोर्ड स्तर पर होगी।



2029 से बदलेगा पूरा बोर्ड पैटर्न

सीबीएसई का नया सेशन केये सारे बदलाव एक साथ नहीं आएंगे। 2026-27 से पाठ्यक्रम लागू होगा। 2029 से बोर्ड परीक्षा का पैटर्न इन बदलावों के हिसाब से बदलेगा। यानी छात्रों और अभिभावकों के पास तैयारी के लिए पर्याप्त समय है।



ये खबर क्यों जरूरी है

ये बदलाव करोड़ों छात्रों के भविष्य से सीधे जुड़ा है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21A के तहत शिक्षा हर बच्चे का मूल अधिकार है। CBSE का यह नया ढांचा NEP 2020 की भावना के अनुरूप है जो रट्टा मारने की बजाय समझ और कौशल पर जोर देता है।



AI को स्कूल पाठ्यक्रम (सीबीएसई का नया पाठ्यक्रम) में शामिल करना डिजिटल भारत की दिशा में एक ठोस कदम है। तीन भाषा फॉर्मूले से भारतीय भाषाओं को बढ़ावा मिलेगा।



मैथ्स-साइंस में दो स्तर रखने से कमजोर और प्रतिभाशाली दोनों तरह के छात्रों को न्याय मिलेगा। अभिभावकों, शिक्षकों और छात्रों सभी को इन बदलावों (सीबीएसई का बड़ा फैसला) की जानकारी होना जरूरी है।



FAQ

  1. CBSE के नए पाठ्यक्रम में कक्षा 6 से क्या बदलाव होंगे?
    2026-27 से कक्षा 6 से तीन भाषाएं अनिवार्य हो जाएंगी। इनमें से कम से कम 2 भाषाओं का भारतीय होना जरूरी है। यह तीन-भाषा फॉर्मूला NEP (National Education Policy) और NCF (National Curriculum Framework) के तहत लागू होगा। हालांकि कक्षा 9 में तीसरी भाषा अनिवार्य नहीं रहेगी। विदेश से लौटे छात्रों को विशेष परिस्थितियों में तीसरी भाषा से छूट मिल सकती है।
  2. CBSE में मैथ्स के दो स्तर कैसे काम करेंगे?
    9वीं कक्षा से मैथ्स में 80 अंक का स्टैंडर्ड पेपर सभी छात्रों के लिए अनिवार्य होगा। जो छात्र आगे गणित या इंजीनियरिंग में जाना चाहते हैं, वे अतिरिक्त 25 अंक का एडवांस पेपर भी दे सकेंगे। एडवांस पेपर के अंक कुल प्रतिशत में नहीं जोड़े जाएंगे। लेकिन अगर छात्र 50 फीसदी से ज्यादा अंक लाए तो मार्कशीट पर इसका अलग से उल्लेख होगा।
  3. CBSE में AI कब से अनिवार्य होगी और परीक्षा कब से बदलेगी?
    AI (Artificial Intelligence) और कंप्यूटेशनल थिंकिंग (Computational Thinking) 9वीं और 10वीं कक्षा में अनिवार्य विषय बनेंगे। शुरुआत मॉड्यूल और इंटर्नल असेसमेंट (Internal Assessment) के रूप में होगी। 2029 से बोर्ड परीक्षा में इनका पेपर भी शामिल होगा। यानी जो छात्र 2026-27 में 9वीं में दाखिल होंगे, उनके लिए 2028-29 की बोर्ड परीक्षा में यह नया पैटर्न लागू होगा।

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