सीयूईटी यूजी 2027 में बदलाव: वन स्टूडेंट वन डे एग्जाम की तैयारी, एक ही दिन में होगी पूरी परीक्षा, जानें कैसे
समझें क्या है पूरा मामला
- सूत्रों के मुताबिक 2027 से एक छात्र की परीक्षा एक ही दिन में पूरी हो सकती है।
- परीक्षा की 12-15 दिन की विंडो में से छात्र को सिर्फ एक दिन का स्लॉट मिलेगा।
- हर विषय का पेपर 60 मिनट की जगह 40-45 मिनट का करने की तैयारी है।
- सवालों की संख्या 50 से घटकर 35 से 40 हो सकती है।
- चार विषयों का विकल्प देने पर भी विचार चल रहा है।
वन स्टूडेंट वन डे एग्जाम क्या है?
अभी तक छात्रों को दो से तीन बार परीक्षा केंद्र जाना पड़ता था। केंद्र भी अलग-अलग होते थे। नई व्यवस्था में छात्र का सारा पेपर एक ही दिन होगा। इससे छात्र का समय और पैसा, दोनों बचेंगे।
सीयूईटी यूजी 2026 में 15 लाख 68 हजार 866 छात्रों ने आवेदन किया था। सूत्रों के मुताबिक 2027 में इतने ही बड़े वर्ग पर यह बदलाव लागू होगा।
सीयूईटी का नया पैटर्न: समय और सवाल कितने घटेंगे?
मौजूदा पैटर्न में हर विषय की परीक्षा 60 मिनट की होती है। उसमें 50 सवालों के जवाब देने होते हैं। एक छात्र अधिकतम 5 विषय चुन सकता है। इसलिए उसे कम से कम दो से तीन दिन परीक्षा देनी पड़ती है।
पेपर का समय घटेगा तो सवाल भी कम होंगे। सूत्रों के मुताबिक सवालों की संख्या 35 से 40 के बीच रह सकती है। हर विषय का पेपर 40 से 45 मिनट का होगा।
एक दिन में कितना समय लगेगा?
सूत्रों के मुताबिक पांच विषय लेने वाले छात्र को एक दिन में 200 मिनट, यानी 3 घंटे 20 मिनट परीक्षा देनी होगी। चार विषय लेने वाला छात्र 160 मिनट में परीक्षा पूरी कर सकेगा। पूरा फॉर्मूला अंतिम गाइडलाइंस में बताया जाएगा।
शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में बैठक हुई है। इसमें यूजीसी, एनटीए और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। बैठक में यह संभावना तलाशने को कहा गया कि पांच की जगह चार विषयों का विकल्प दिया जा सकता है या नहीं।
अभी कई छात्र चार विषयों की परीक्षा देते ही हैं।
जनरल टेस्ट पर क्या होगा असर?
सीयूईटी यूजी में 37 विषय हैं। इनमें 13 भाषाएं, एक जनरल एप्टीट्यूड टेस्ट और 23 डोमेन विषय हैं। अभी यूनिवर्सिटीज के दाखिले के मानक अलग-अलग हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी में जनरल टेस्ट मान्य नहीं है, पर उत्तर प्रदेश की यूनिवर्सिटीज में यह जरूरी है।
चार विषयों का विकल्प मिला तो सभी यूनिवर्सिटीज को जनरल टेस्ट मानना होगा। यूजीसी से कहा गया है कि दाखिले के मानकों में ज्यादा फर्क न हो।
CUET PG 2027 में क्या बदलेगा?
सूत्रों के मुताबिक CUET PG 2027 में भी बदलाव होगा। जिन विषयों में सीटों से कम आवेदन आएंगे, उनके लिए एनटीए परीक्षा नहीं कराएगा। वहां दाखिला मेरिट के आधार पर होगा।
मान लीजिए किसी कोर्स में 500 सीटें हैं। अगर आवेदन 500 से भी कम आए, तो टेस्ट नहीं होगा। पिछले कुछ वर्षों में 30 से ज्यादा विषय ऐसे मिले हैं, जिनमें आवेदन कम आते हैं।
आगे क्या होगा?
सूत्र बताते हैं कि जल्द ही आधिकारिक घोषणा होगी। एनटीए की फाइनल गाइडलाइंस तैयार हो रही हैं। तब तक छात्र मौजूदा पैटर्न के हिसाब से ही तैयारी करें।
इस वक्त बदलाव सिर्फ सूत्रों की जानकारी पर है। छात्र किसी भी कोचिंग या वेबसाइट के दावे पर भरोसा करने से पहले एनटीए की वेबसाइट देखें। सूचना बुलेटिन आने पर ही पैटर्न पक्का माना जाएगा।
नया पैटर्न आने से पहले तैयारी रोकने की जरूरत नहीं है। विषयों का चुनाव और पाठ्यक्रम के पुराने ढांचे में अचानक बदलाव की जानकारी नहीं है। असली तस्वीर गाइडलाइंस आने पर ही साफ होगी।
क्यों जरूरी है ये खबर
सीयूईटी यूजी देश की सबसे बड़ी दाखिला परीक्षाओं में से एक है। इसके पैटर्न में बदलाव सीधे लाखों छात्रों की तैयारी और खर्च पर असर डालता है। संविधान का अनुच्छेद 21A शिक्षा को बच्चों का अधिकार मानता है, और उच्च शिक्षा तक पहुंच का रास्ता ऐसी प्रवेश परीक्षाओं से होकर जाता है। कई दिन अलग-अलग केंद्र जाने की परेशानी छोटे शहरों के छात्रों पर ज्यादा पड़ती है। इसलिए बदलाव की सही जानकारी समय पर पहुंचना जरूरी है।