NEP का बड़ा बदलाव: इंजीनियरिंग के लिए में 12वीं में मैथ्स जरूरी नहीं, जानें नियम
इंजीनियरिंग में प्रवेश के नियम बड़े पैमाने पर बदलने जा रहे हैं। NEP (National Education Policy) यानी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत 2025-26 सत्र से 49 इंजीनियरिंग ब्रांच में 12वीं में मैथ अनिवार्य नहीं होगी।
जून के अंत या जुलाई के पहले हफ्ते से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने की तैयारी है। पिछले साल 3 लाख से ज्यादा सीटें खाली रह जाने की वजह से यह बड़ा फैसला लिया गया है। AICTE (All India Council for Technical Education) की मंजूरी के बाद हैंडबुक जारी होगी।
मैथ की बाध्यता हटी, क्यों लिया यह फैसला
अब तक BE और BTech पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 12वीं में फिजिक्स और मैथ अनिवार्य था। यह नियम कई छात्रों के लिए रुकावट बन रहा था जो टेक्नोलॉजी में करियर बनाना चाहते थे लेकिन मैथ में कमजोर थे।
नई नीति के अनुसार अब कई ब्रांच में मैथ की बाध्यता हटा दी गई है। इससे उन छात्रों को मौका मिलेगा जो इंजीनियरिंग कॉलेज में जाना चाहते हैं लेकिन 12वीं में मैथ नहीं ली थी।
किन ब्रांच में मैथ की जरूरत नहीं
केमिकल इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, मेक्ट्रोनिक्स, पेट्रो केमिकल इंजीनियरिंग (PCE) और कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग समेत कुल 49 ब्रांच में अब मैथ के बिना प्रवेश मिल सकेगा। हालांकि अभी भी 18 ब्रांच में मैथ अनिवार्य रहेगी।
CLC (College Level Counseling) यानी कॉलेज स्तरीय काउंसलिंग के तहत छात्रों को कॉलेज में उपस्थित होना होगा। फर्जी प्रवेश रोकने के लिए 3D फोटो क्लिक कराकर विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी। तभी प्रवेश वैध माना जाएगा।
पिछले साल 3 लाख सीटें खाली रहीं
यह बदलाव असल में खाली सीटों की समस्या से जन्मा है। पिछले साल 3 लाख 4 हजार 818 सीटों पर काउंसलिंग होने के बावजूद केवल 1,67,120 छात्रों ने प्रवेश लिया। करीब आधी सीटें खाली रह गईं। यह संकेत था कि प्रवेश नियम बदलने की जरूरत है।
मैथ की अनिवार्यता हटाने से अधिक छात्र इन कोर्सेज में एडमिशन लेंगे और खाली सीटों की समस्या कुछ हद तक हल होगी।
ब्रेल में भी तैयार होंगी किताबें
AICTE (All India Council for Technical Education) ने तकनीकी कॉलेजों को एक और निर्देश दिया है। इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट के दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए किताबें ब्रेल लिपि, ऑडियो और बड़े अक्षरों में तैयार करनी होंगी। इसकी रिपोर्ट AICTE को भी देनी होगी।
जून अंत से शुरू होगी प्रक्रिया
AICTE की मंजूरी और अप्रूव्ड हैंडबुक जारी होने के बाद प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। जून के अंत या जुलाई के पहले सप्ताह में यह प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
यह खबर क्यों जरूरी है
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21A शिक्षा को मूल अधिकार मानता है और NEP 2020 का मकसद हर छात्र को उसकी रुचि और क्षमता के अनुसार शिक्षा देना है। मैथ की बाध्यता हटाना उसी सोच का हिस्सा है।
लाखों ऐसे छात्र हैं जो टेक्नोलॉजी में रुचि रखते हैं लेकिन मैथ की बाध्यता उनके रास्ते में आती थी। यह बदलाव उन्हें नया रास्ता देगा। साथ ही दिव्यांग छात्रों के लिए ब्रेल किताबों का निर्देश समावेशी शिक्षा की दिशा में सकारात्मक कदम है।
FAQ
- किन इंजीनियरिंग ब्रांच में अब मैथ के बिना प्रवेश मिलेगा?
NEP (National Education Policy) के तहत 2025-26 सत्र से 49 इंजीनियरिंग ब्रांच में 12वीं में मैथ अनिवार्य नहीं होगी। इनमें केमिकल इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, मेक्ट्रोनिक्स, पेट्रो केमिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग जैसी ब्रांच शामिल हैं। हालांकि अभी भी 18 ब्रांच में मैथ अनिवार्य रहेगी। - इंजीनियरिंग प्रवेश में मैथ की बाध्यता हटाने का फैसला क्यों लिया गया?
पिछले साल 3,04,818 इंजीनियरिंग सीटों पर काउंसलिंग हुई लेकिन केवल 1,67,120 छात्रों ने प्रवेश लिया। करीब आधी सीटें खाली रह गईं। खाली सीटों की इसी समस्या को देखते हुए AICTE (All India Council for Technical Education) ने मैथ की बाध्यता हटाने का फैसला लिया। इससे उन छात्रों को भी मौका मिलेगा जो टेक्नोलॉजी में करियर बनाना चाहते हैं लेकिन 12वीं में मैथ कमजोर थी। - 2025-26 में इंजीनियरिंग प्रवेश प्रक्रिया कब शुरू होगी?
AICTE की मंजूरी और अप्रूव्ड हैंडबुक जारी होने के बाद प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। जून के अंत या जुलाई के पहले सप्ताह से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने की तैयारी है। CLC (College Level Counseling) के तहत छात्रों को कॉलेज में उपस्थित होना होगा और फर्जी प्रवेश रोकने के लिए 3D फोटो वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी।
FAQ
- किन इंजीनियरिंग ब्रांच में अब मैथ के बिना प्रवेश मिलेगा?
NEP (National Education Policy) के तहत 2025-26 सत्र से 49 इंजीनियरिंग ब्रांच में 12वीं में मैथ अनिवार्य नहीं होगी। इनमें B.tech केमिकल इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, मेक्ट्रोनिक्स, पेट्रो केमिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग जैसी ब्रांच शामिल हैं। हालांकि अभी भी 18 ब्रांच में मैथ अनिवार्य रहेगी। - इंजीनियरिंग प्रवेश में मैथ की बाध्यता हटाने का फैसला क्यों लिया गया?
पिछले साल 3,04,818 इंजीनियरिंग सीटों पर काउंसलिंग हुई लेकिन केवल 1,67,120 छात्रों ने प्रवेश लिया। करीब आधी सीटें खाली रह गईं। खाली सीटों की इसी समस्या को देखते हुए AICTE (All India Council for Technical Education) ने मैथ की बाध्यता हटाने का फैसला लिया। इससे उन छात्रों को भी मौका मिलेगा जो टेक्नोलॉजी में करियर बनाना चाहते हैं लेकिन 12वीं में मैथ कमजोर थी। - 2025-26 में इंजीनियरिंग प्रवेश प्रक्रिया कब शुरू होगी?
AICTE की मंजूरी और अप्रूव्ड हैंडबुक जारी होने के बाद प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। जून के अंत या जुलाई के पहले सप्ताह से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने की तैयारी है। CLC (College Level Counseling) के तहत छात्रों को कॉलेज में उपस्थित होना होगा और फर्जी प्रवेश रोकने के लिए 3D फोटो वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी।
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