एमपी बोर्ड दूसरी परीक्षा 2026: क्या आप गणित में कमजोर हैं? बोर्ड ने दिया विषय बदलने का मौका
MP News.एमपी बोर्ड ने 10वीं और 12वीं के छात्रों को बड़ी राहत दी है। अब फेल होने वाले छात्रों को सप्लीमेंट्री परीक्षा नहीं देनी होगी। बोर्ड अब सप्लीमेंट्री की जगह दूसरी मुख्य परीक्षा आयोजित करेगा।
यह फैसला नई शिक्षा नीति के तहत लिया गया है। छात्र अब गणित विषय को बदलने का ऑप्शन भी चुन सकते हैं। अगर आपके अंक कम हैं तो आप दोबारा पेपर दे सकते हैं।
दोनों परीक्षाओं में से सबसे अच्छे अंक ही मान्य होंगे। इससे छात्रों का एक साल बर्बाद होने से बच जाएगा। सचिव बुद्देश वैद्य ने इसे तनाव कम करने वाला कदम बताया है। छात्रों को अब बेहतर प्रदर्शन करने का एक और मौका मिलेगा।
जरूरी डेट्स और आवेदन प्रक्रिया
यदि आप इस MP Board 10th 12th दूसरी परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं, तो आपको समय सीमा का विशेष ध्यान रखना होगा। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।
- आवेदन शुरू होने की तिथि: वर्तमान में जारी।
- आवेदन की अंतिम तिथि: 22 अप्रैल 2026 (रात 12 बजे तक)।
- परीक्षा प्रारंभ तिथि: 07 मई 2026।
- 10वीं परीक्षा की समाप्ति: 19 मई 2026।
- 12वीं परीक्षा की समाप्ति: 25 मई 2026।
आवेदन कैसे करें? छात्र एमपी ऑनलाइन (MP Online) पोर्टल के माध्यम से सीधे आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपना रोल नंबर दर्ज करना होगा और उन विषयों का चयन करना होगा जिनमें वे सुधार चाहते हैं या जिनमें वे फेल हैं।
गणित विषय में बड़ा बदलाव
- ऑप्शन बदलने की सुविधा: जो छात्र मुख्य परीक्षा में 'गणित स्टैंडर्ड' (Standard Maths) के साथ बैठे थे, वे अब 'बेस्ट ऑफ फाइव' या अन्य फायदों के लिए 'गणित बेसिक' (Basic Maths) चुन सकते हैं।
- उल्टा ऑप्शन भी मान्य: इसी तरह, बेसिक गणित वाले छात्र यदि चाहें तो दूसरी परीक्षा में स्टैंडर्ड गणित का ऑप्शन ले सकते हैं। यह उन छात्रों के लिए फायदेमंद है जो आगे चलकर तकनीकी या साइंस स्ट्रीम में जाना चाहते हैं।
परीक्षा शुल्क और न्यूमेरिकल कैलकुलेशन के नियम
- परीक्षा शुल्क (Exam Fee): प्रत्येक विषय के लिए 500 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है।
- बेस्ट मार्क्स रूल: अंक सुधार (Improvement) के लिए परीक्षा देने वाले छात्रों के दोनों प्रयासों (पहली और दूसरी परीक्षा) में से जिस भी परीक्षा में अंक अधिक होंगे, उन्हें ही अंतिम माना जाएगा। अंकों में किसी भी तरह की कटौती नहीं की जाएगी।
- मार्कशीट: दूसरी परीक्षा की अंकसूची (Marksheet) मुख्य परीक्षा की तरह ही होगी। इसमें 'सप्लीमेंट्री' या 'दूसरी परीक्षा' जैसा कोई उल्लेख नहीं होगा, जिससे छात्रों के करियर पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
एलिजिबिलिटी और सिलेबस
कौन दे सकता है परीक्षा?
- वे छात्र जो मुख्य परीक्षा में फेल हो गए हैं।
- वे छात्र जो पास तो हैं, लेकिन अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं (अंक सुधार)।
- स्वाध्यायी (Private) छात्र भी अपने केंद्रों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
- नोट: जिनका परिणाम निरस्त (Cancel) हो चुका है, वे इस परीक्षा के पात्र नहीं होंगे।
पाठ्यक्रम (Syllabus): पाठ्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। मुख्य परीक्षा के समय जो सिलेबस और पैटर्न लागू था, वही इस परीक्षा के लिए भी मान्य रहेगा।
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