CBI की चार्जशीट में बड़ा खुलासा, NTA के एक्सपर्ट्स ने ही किया पेपर लीक
NEET Computer Based Test: मेडिकल फील्ड में करियर बनाने का सपना देख रहे लाखों स्टूडेंट्स के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। नीट परीक्षा में हाल ही में सामने आई इर्रेगुलरिटीज और पेपर लीक की घटनाओं के बाद अब एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है।
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट फाइल करके परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने का रोडमैप शेयर किया है। ये खबर हर उस स्टूडेंट के लिए जरूरी है जो डॉक्टर बनने की तैयारी कर रहा है।
अब आपकी पढ़ाई और एग्जाम देने की स्ट्रेटेजी पूरी तरह बदलने वाली है। सरकार नीट परीक्षा को जेईई मैन्स की तरह पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड (CBT) बनाने पर विचार कर रही है। इसके साथ ही अब आपको अपनी तैयारी साबित करने के लिए साल में एक नहीं बल्कि दो मौके मिल सकते हैं।
इसके साथ हाल ही में सीबीआई की चार्जशीट में बड़ा खुलासा हुआ है। जिसमें बताया गया है कि जांच के मुताबिक, पेपर किसी प्रिंटिंग प्रेस से नहीं। बल्कि NTA के विषय विशेषज्ञों द्वारा लीक किया गया था।
प्रिंटिंग प्रेस नहीं, NTA के अपने एक्सपर्ट्स ने किया लीक
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI की चार्जशीट ने NTA की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच के मुताबिक, पेपर किसी प्रिंटिंग प्रेस से नहीं। बल्कि NTA के विषय विशेषज्ञों मनीषा मंधारे, पीवी कुलकर्णी और मनीषा हवालदार द्वारा लीक किया गया था। इन्होंने अनुवाद और प्रूफरीडिंग के दौरान मिले ऑथराइज्ड एक्सेस का दुरुपयोग किया।
एक्सपर्ट्स ने पुणे में सीक्रेट रिवीजन सेशन रखकर कैंडिडेट्स को मौखिक रूप से सवाल-जवाब लिखवाए, ताकि डिजिटल रिकॉर्ड न बने। फिजिक्स के सवालों की फोटो खींचकर लातूर के कोचिंग सेंटर्स तक भेजी गईं। इसके अलावा, लातूर के सिद्धिविनायक अस्पताल में कैंडिडेट्स को रखकर पूरा क्वेश्चन बैंक याद कराया गया।
लीक हुए पेपर को PDF बनाकर टेलीग्राम से जयपुर भेजा गया और 10-12 लाख रुपए में कोचिंग छात्रों और निजी ट्यूटर्स को बांटा गया। CBI ने हैंडराइटिंग मैच, डिजिटल ट्रांजैक्शन और कैश रिकवरी के रूप में ठोस सबूत जुटाए हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट 10 अगस्त को इस चार्जशीट पर संज्ञान लेगी।
नीट परीक्षा अब होगी कंप्यूटर बेस्ड
नीट परीक्षा का पुराना पैटर्न अब बदलने वाला है। सरकार इसे अब ऑनलाइन कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (Computer Based Test) में कराएगी। यह फैसला JEE Mains परीक्षा की तर्ज पर होगा। इससे पेपर लीक जैसी गड़बड़ी पूरी तरह से रुकेगी। डिजिटल परीक्षा से सिक्योरिटी का लेवल काफी बढ़ जाएगा।
केंद्र सरकार ने कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया। यह जवाब शिक्षा मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी ने दिया। कोर्ट को परीक्षा की नई सुरक्षा व्यवस्था बताई गई। सरकार ने कहा कि NTA में सुधार किए जाएंगे। छात्रों के भविष्य की पूरी सुरक्षा की जाएगी।
साल में दो बार हो सकती है परीक्षा
छात्रों के लिए एक और बड़ी राहत की खबर है। नीट परीक्षा अब साल में दो बार हो सकती है। इससे छात्रों का एक साल खराब होने से बचेगा। अगर एक बार पेपर खराब हुआ तो दूसरा मौका मिलेगा। छात्र अपना बेस्ट स्कोर चुनने के लिए स्वतंत्र होंगे।
अब तक नीट ओएमआर शीट पर होती रही है। कागज के पेपर प्रिंट करने में जोखिम ज्यादा रहता है। अब सारा काम कंप्यूटर स्क्रीन पर ही किया जाएगा। इससे परिणाम भी जल्दी और बिल्कुल सटीक आएंगे। छात्रों को डिजिटल फ्रेंडली बनना बहुत जरूरी होगा।
पेपर लीक पर बना नया सख्त कानून
सरकार ने नया सार्वजनिक परीक्षा कानून लागू किया है। इसमें पेपर लीक (NEET Paper Leak) करने वालों पर कड़ी सजा होगी। मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनेंगे। दोषियों को अब तुरंत और सख्त सजा दी जाएगी। भ्रष्टाचार रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति है।
सुधारों के लिए एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स बनी है। इसके अध्यक्ष इंफोसिस के नंदन नीलेकणि हैं। यह टीम तीन महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। यह टीम टेक्नोलॉजी से जुड़े सुधारों पर काम करेगी। परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाएगा।
इसरो पूर्व अध्यक्ष संभालेंगे सुरक्षा
एक और हाई-लेवल विशेषज्ञ कमेटी का गठन हुआ है। इस कमेटी के अध्यक्ष इसरो के डॉ. राधाकृष्णन हैं। यह टीम सुरक्षा का मजबूत फ्रेम तैयार कर रही है। डाटा सिक्योरिटी को भी पूरी तरह मजबूत किया जाएगा। साइबर सुरक्षा के सबसे कड़े नियम लागू होंगे।
वहीं नेशनल टेस्टिंग एजेंसी में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। एजेंसी की काम करने की क्षमता को सुधारा जाएगा। कई अन्य परीक्षाएं पहले ही ऑनलाइन हो चुकी हैं। अब नीट को भी आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा। इससे अभ्यर्थियों का भरोसा फिर से कायम होगा।
छात्रों को बदलनी होगी अपनी तैयारी
अब छात्रों को कंप्यूटर पर टेस्ट देने का अभ्यास करना होगा। केवल किताबों और पेन से पढ़ाई काफी नहीं होगी। ऑनलाइन मॉक टेस्ट देने की आदत डालनी बहुत जरूरी होगी। टाइम मैनेजमेंट अब पहले से ज्यादा अहम हो जाएगा। स्क्रीन पढ़ने की रफ्तार और एक्यूरेसी बढ़ानी पड़ेगी।
इन बदलावों से मेडिकल प्रवेश परीक्षा ज्यादा पारदर्शी बनेगी। मेधावी छात्रों को उनके हक का पूरा न्याय मिलेगा। टेक्नोलॉजी का यूज परीक्षा को सबसे सुरक्षित बनाएगा। आने वाले समय में नीट और ज्यादा आधुनिक होगी। हर योग्य छात्र को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।
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