NEET UG का झंझट खत्म: अब 10वीं पास छात्र भी सीधे कर सकेंगे BAMS
सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी इस साल पहली बार NEET PA परीक्षा कराने जा रही है। यह परीक्षा 10वीं पास छात्रों के लिए है। इसके जरिए छात्र गुरुकुल पद्धति से आयुर्वेद की पढ़ाई शुरू कर सकेंगे। आगे चलकर वे BAMS डिग्री हासिल कर सकते हैं। परीक्षा में इस बार निगेटिव मार्किंग नहीं रखी गई है।
अभी तक आयुर्वेद में डॉक्टर बनने का एक ही रास्ता था। छात्र 12वीं पास करते थे। इसके बाद NEET UG परीक्षा देते थे। मेरिट के आधार पर उन्हें BAMS में सीधे दाखिला मिलता था।
अब सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी (CSU – Central Sanskrit University) एक नया विकल्प लेकर आई है। इसका नाम है NEET PA (NEET PA – National Eligibility-cum-Entrance Test for Pre-Ayurveda)। इसमें छात्र 10वीं के तुरंत बाद प्रवेश ले सकते हैं।
कैसे काम करेगा नया मॉडल
यह पूरा कोर्स 2+4.5+1 के फॉर्मूले पर बना है। पहले दो साल प्री-आयुर्वेद की पढ़ाई होगी। यह सामान्य 10+2 के बराबर मानी जाएगी।
इसके बाद साढ़े चार साल तक BAMS (BAMS – Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery) की पढ़ाई होगी। आखिर में एक साल की अनिवार्य रोटेटरी इंटर्नशिप करनी होगी। यानी कुल मिलाकर सात साल का सफर तय होगा।
क्यों लाया गया यह बदलाव
NCISM (NCISM – National Commission for Indian System of Medicine) के आयुर्वेद बोर्ड के अध्यक्ष डॉ अल्लमप्रभु गुड्डा ने इस पहल की वजह बताई है। उनका कहना है कि यह छात्रों को कम उम्र में आयुर्वेद से जोड़ने का प्रयास है।
उनके मुताबिक पारंपरिक आयुर्वेद संस्कृत और संहिताओं में गहराई से जुड़ा है। संहिताएं वे प्राचीन ग्रंथ हैं, जिनमें आयुर्वेद के मूल सिद्धांत लिखे हैं। कम उम्र में यह जुड़ाव भविष्य के डॉक्टरों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है।
परीक्षा का पैटर्न
डॉ गुड्डा के अनुसार पेपर में 10वीं स्तर की फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी पूछी जाएगी। साथ ही बुनियादी संस्कृत और आयुर्वेद से जुड़े सवाल भी होंगे। मकसद सिर्फ विषय ज्ञान परखना नहीं है। छात्र की आयुर्वेद और संस्कृत में रुचि भी देखी जाएगी।
निगेटिव मार्किंग नहीं होगी
इस बार परीक्षा में निगेटिव मार्किंग नहीं रखी गई है। डॉ गुड्डा बताते हैं कि यह फैसला छात्रों की उम्र को ध्यान में रखकर लिया गया है। ज्यादातर उम्मीदवार सिर्फ 15 साल के होंगे।
उनका कहना है कि इतनी कम उम्र में निगेटिव मार्किंग का दबाव सही नहीं होगा। भविष्य में आवेदकों की संख्या बढ़ने पर NCISM इस नीति की समीक्षा कर सकता है।
पास होने के लिए सामान्य वर्ग के छात्रों को 50% अंक लाने होंगे। SC, ST, OBC और PwD (PwD – Persons with Disabilities) वर्ग के छात्रों के लिए यह सीमा 40% रखी गई है।
जरूरी तारीखें
रजिस्ट्रेशन जुलाई के तीसरे हफ्ते से शुरू होने की संभावना है। परीक्षा 30 अगस्त या 6 सितंबर को हो सकती है। यह परीक्षा पेन और पेपर मोड में होगी।
पेपर में कुल 120 MCQ (MCQ – Multiple Choice Questions) सवाल होंगे। इनके लिए कुल 120 अंक तय हैं। आवेदन के लिए उम्र 15 से 25 साल के बीच होनी चाहिए। छात्र का 10वीं पास होना जरूरी है।
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