नीट री-एग्जाम 2026: अब लॉकडाउन में रहेंगे पेपर बनाने वाले एक्सपर्ट्स
समझें क्या है पूरा मामला
- नीट यूजी 2026 का री-एग्जाम 21 जून को होगा।
- 12 मई को पेपर लीक के चलते परीक्षा रद्द हुई थी।
- इस दौरान पेपर सेटर्स को लॉकडाउन में रखा जाएगा।
- फेशियल रिकग्निशन और बायोमेट्रिक जांच से परीक्षा केंद्रों पर निगरानी होगी।
12 मई को रद्द हुई थी परीक्षा
नीट यूजी 2026 देशभर के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में हुई थी। इसमें 22 लाख छात्र शामिल हुए थे। 7 मई की शाम गड़बड़ी की सूचना मिली। मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया और 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई।
देशभर में इस धांधली के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन हुए। सरकार पर दबाव बढ़ा तो री-एग्जाम का फैसला लिया गया।
पेपर सेटर्स को नहीं पता, कौन सा एग्जाम
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA (National Testing Agency) एक नया सिस्टम बना रही है। इसमें सवाल बनाने वाले विशेषज्ञों को भी नहीं पता होगा कि वे किस परीक्षा के लिए प्रश्न तैयार कर रहे हैं।
अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञ सिर्फ सवाल तैयार करेंगे। ये सवाल एक बड़े डिजिटल प्रश्न बैंक में जमा होंगे। इसमें करीब 10 हजार प्रश्न हो सकते हैं। बाद में तकनीक की मदद से इन्हीं सवालों से फाइनल पेपर तैयार होगा।
एग्जाम तक पेपर सेटर्स रहेंगे लॉकडाउन में
परीक्षा होने तक पेपर सेटर्स को एक अज्ञात जगह पर रखा जाएगा। उन पर कड़े प्रतिबंध लागू होंगे। नीट के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है।
CCTV और बायोमेट्रिक से निगरानी
परीक्षा केंद्रों पर इस बार तीन स्तर पर निगरानी होगी। फेशियल रिकग्निशन (Facial Recognition) से छात्रों की पहचान होगी। बायोमेट्रिक जांच अनिवार्य होगी। सीसीटीवी (CCTV – Closed Circuit Television) से लाइव निगरानी रखी जाएगी।
डिजिटल मोर्चे पर भी अधिकारी चौबीसों घंटे सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर नजर रखे हुए हैं। फर्जी प्रश्न पत्र और गलत सूचनाओं को फैलने से रोकना प्राथमिकता है।
परीक्षा का समय और तरीका
री-एग्जाम 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक होगी। यह परीक्षा पेन और पेपर मोड में होगी। यानी ऑनलाइन नहीं, पुराने तरीके से लिखित परीक्षा होगी।
NEET क्यों है जरूरी
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानी NEET (National Eligibility cum Entrance Test) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में दाखिले की राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी।
इस परीक्षा से MBBS, BDS और आयुष कोर्सेज जैसे बीएएमएस (BAMS – Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery) और बीएचएमएस (BHMS – Bachelor of Homeopathic Medicine and Surgery) में दाखिला मिलता है। एम्स (AIIMS – All India Institute of Medical Sciences) और जिपमर (JIPMER – Jawaharlal Institute of Post Graduate Medical Education and Research) जैसे देश के सबसे बड़े संस्थान भी इसी परीक्षा से जुड़े हैं।
FAQ
- NEET UG 2026 री-एग्जाम कब होगी?
री-एग्जाम 21 जून 2026 को दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक होगी। यह पेन और पेपर मोड में होगी। परीक्षा में 22 लाख से ज्यादा छात्र शामिल होंगे। - नीट पेपर लीक क्यों हुआ था और परीक्षा कब रद्द हुई?
7 मई 2026 की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया और 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। देशभर में इसके खिलाफ प्रदर्शन हुए थे। - री-नीट में पेपर लीक रोकने के लिए क्या इंतजाम हैं?
इस बार पेपर इंडियन एयरफोर्स के विमान से भेजा जाएगा। पेपर सेटर्स को लॉकडाउन में रखा जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर फेशियल रिकग्निशन, बायोमेट्रिक जांच और CCTV से लाइव निगरानी होगी।
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