नीट पेपर लीक में CBI का खुलासा, 5 लाख में बिका था पेपर, फोन से मिले 132 हैंडराइटन सवाल

Kaushiki | Jul 17, 2026, 11:00 IST
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सीबीआई ने कोर्ट में कहा कि लातूर के कोचिंग संचालक ने NEET यूजी 2026 के लीक हुए कैमिस्ट्री सवाल पाने के लिए पांच लाख रुपए दिए। फोन से 132 हैंडराइटन सवाल मिले, जिनमें से 111 असली पेपर से मैच हुए।

नीट पेपर लीक: NEET यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई ने बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी का दावा है कि लातूर के एक कोचिंग डाइरेक्टर ने लीक हुए कैमिस्ट्री सवाल पाने के लिए पांच लाख रुपए दिए। यह पैसा कथित तौर पर NTA के पेपर सेटर को दिया गया। आरोपी के फोन से 132 हैंडराइटन सवाल मिले हैं, जिनमें से 111 असली पेपर से मैच हुए। इस मामले में अब तक 13 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं और सभी न्यायिक हिरासत में हैं।



मामला कब शुरू हुआ

NEET यूजी 2026 परीक्षा तीन मई को हुई थी। पेपर लीक की आशंका के चलते NTA ने 12 मई को ये परीक्षा रद्द कर दी थी। इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई गई। रद्द हुई परीक्षा को लेकर सीबीआई जांच अब भी जारी है।



कोचिंग डाइरेक्टर पर सीधा आरोप

सीबीआई के मुताबिक आरोपी का नाम शिवराज रघुनाथ मोतेगांवकर है। वे लातूर में रेणुकाई कैमिस्ट्री क्लासेज नाम से कोचिंग चलाते हैं। उनका एक यूट्यूब चैनल भी है, जिसके करीब 1.6 लाख सब्सक्राइबर हैं।



सीबीआई का आरोप है कि मोतेगांवकर ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर लीक सवाल हासिल किए। एजेंसी के मुताबिक, उन्होंने इसके लिए पांच लाख रुपए चुकाए। यह पैसा एनटीए के पैनल सदस्य पी वी कुलकर्णी को दिया गया, जो कैमिस्ट्री का पेपर सेट करने वाली टीम में शामिल थे।



बेटे की क्लास से मिले सवाल

सीबीआई का दावा है कि मोतेगांवकर के बेटे ने कुलकर्णी की कोचिंग क्लास जॉइन कर रखी थी। एजेंसी के मुताबिक, इन्हीं क्लासों में लीक सवाल छात्रों को बताए गए। आरोप है कि मोतेगांवकर ने इन सवालों के आधार पर हाथ से नोट्स तैयार किए।



जांच में एक और नाम सामने आया है, डॉक्टर मनोज शिरूरे। ये लातूर में बाल रोग विशेषज्ञ हैं। सीबीआई के मुताबिक लीक सवाल इसी कड़ी के जरिए मोतेगांवकर तक पहुंचे।



फोन से मिले सबूत

सीबीआई ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त (neet ug exam postponed) किया है। इसमें 36 तस्वीरें मिलीं, जिनमें से पांच डुप्लीकेट थीं। इन तस्वीरों में कैमिस्ट्री के 132 हैंडराइटन सवाल दर्ज थे। एजेंसी का दावा है कि इनमें से 111 सवाल NTA के मास्टर क्वेश्चन सेट से हूबहू मैच हुए।



मेटाडेटा जांच में सामने आया कि ये तस्वीरें 23 अप्रैल को खींची गई थीं, यानी परीक्षा से करीब दस दिन पहले। पांच लाख रुपए की रकम सह-आरोपी मनोज भगवानराव शिरूरे के कहने पर बरामद की गई।



कोर्ट में सीबीआई का वीडियो सबूत

सीबीआई ने कोर्ट को यह भी बताया कि उसके पास एक वीडियो रिकॉर्डिंग है। एजेंसी के मुताबिक, इसमें मोतेगांवकर छात्रों से कह रहे हैं कि जो सवाल दिए गए हैं, वही असली पेपर में आएंगे। एजेंसी ने इसे जमानत याचिका के विरोध में अहम सबूत बताया।



अब तक 13 गिरफ्तार

इस मामले(NEET UG 2026) में सीबीआई अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें मोतेगांवकर के अलावा तेजस हर्षद कुमार शाह, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, मांगीलाल बिवाल, यश यादव, प्रल्हाद कुलकर्णी, डॉक्टर मनोज शिरूरे, धनंजय लोखंडे, शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे, मनीषा मांधरे और मनीषा संजय हवलदार शामिल हैं।



राउज एवेन्यू कोर्ट ने सभी की न्यायिक हिरासत 24 जुलाई तक बढ़ा दी है। सभी आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया था। सीबीआई ने कोर्ट से 14 दिन की हिरासत बढ़ाने की मांग की थी। एजेंसी का कहना है कि जांच अभी जारी है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। सीबीआई की कार्रवाई



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