NEET UG Re-Test 2026: सीबीटी मोड में नहीं होगी नीट परीक्षा, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

Manya Jain | Jun 01, 2026, 14:52 IST
sc on NEET UG Re-Test 2026
सुप्रीम कोर्ट ने नीट-यूजी री-टेस्ट परीक्षा को ऑनलाइन (CBT) कराने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। इस साल परीक्षा पुराने ओएमआर (OMR) शीट पैटर्न पर ही होगी। हालांकि, एनटीए अगले साल से इसे ऑनलाइन करने की तैयारी कर रहा है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • NEET UG 2026की री-टेस्ट परीक्षा पुराने पेन-पेपर मोड से ही आयोजित की जाएगी।
  • सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा को ऑनलाइन (CBT) कराने वाली याचिका खारिज कर दी है।
  • एनटीए अगले साल से नीट परीक्षा को कंप्यूटर बेस्ड करने की तैयारी में है।
  • पेपर लीक रोकने के लिए कई दिग्गजों ने कोर्ट में याचिका लगाई थी।
  • केंद्र सरकार और पीएम मोदी खुद इस पूरी स्थिति पर नजर रख रहे हैं।

नीट-यूजी परीक्षा के पैटर्न पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट से बड़ी खबर आई है। इस साल होने वाली नीट-यूजी की री-टेस्ट परीक्षा ऑनलाइन मोड में नहीं होगी।



अदालत ने साफ किया है कि परीक्षा पुराने 'पेन-पेपर मोड' से ही कराई जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया है। जिसमें परीक्षा को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट यानी सीबीटी कराने की मांग थी।



इस फैसले के बाद अब छात्रों को ओएमआर शीट पर ही परीक्षा देनी होगी। परीक्षा के तौर-तरीकों में इस साल कोई भी अचानक बदलाव नहीं किया जाएगा।



अगले साल से बदल सकता है नीट परीक्षा का ढांचा

भले ही इस साल परीक्षा का पुराना पैटर्न नहीं बदला जा रहा है। लेकिन आने वाले समय में छात्रों को बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।



नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए ने कोर्ट में एक हलफनामा दिया है। एजेंसी ने कहा कि वह अगले साल से नया सिस्टम लाने की तैयारी कर रही है। नीट परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड मॉडल पर ले जाया जाएगा।



डिजिटल मोड में जाने से परीक्षा को ज्यादा सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी। इससे भविष्य में गड़बड़ियों की गुंजाइश भी बहुत कम हो जाएगी।



कोर्ट में दायर हुई थी जनहित याचिका

नीट परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और लीक-प्रूफ बनाने की मांग तेज थी। इसके लिए कई बड़ी हस्तियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।



याचिकाकर्ताओं में आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह और सामाजिक कार्यकर्ता अनुभव गर्ग शामिल थे। आईएमए के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. ध्रुव चौहान भी इसमें शामिल रहे। नेता हरिशरण देवगन ने भी एक रिट पिटीशन दायर की थी।



इन सभी का कहना था कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को तुरंत रोका जाए। इसके लिए देश में सीबीटी फ्रेमवर्क को फौरन लागू करना बहुत जरूरी है।



NEET पेपर लीक मामले पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

चिकित्सा शिक्षा की इस मुख्य परीक्षा पर देश की सर्वोच्च अदालत गंभीर है। सुप्रीम कोर्ट इस पूरे मामले की लगातार खुद निगरानी कर रहा है।



अदालत ने पिछले हफ्ते ही एक बड़ा कदम उठाया था। उन्होंने एनटीए और शिक्षा मंत्रालय से पेपर लीक पर विस्तृत जवाब मांगा था। केंद्र सरकार ने भी कोर्ट को इस मामले पर पूरा भरोसा दिलाया है।



सरकार ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होगा। पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए काम चल रहा है।



पुराने ओएमआर शीट पैटर्न से ही देनी होगी परीक्षा

अदालत के इस नए आदेश के बाद अब असमंजस की स्थिति खत्म हो गई है। री-टेस्ट में शामिल होने वाले छात्रों को अपनी तैयारी तेज कर देनी चाहिए।



उन्हें पुराने अभ्यास के अनुसार ही ओएमआर शीट पर गोले भरने होंगे। अचानक ऑनलाइन पैटर्न न बदलने से कई छात्रों ने राहत की सांस ली है। क्योंकि ग्रामीण इलाकों के बच्चों के लिए ऑनलाइन परीक्षा थोड़ी कठिन होती है।



अब बिना किसी अफवाह पर ध्यान दिए छात्रों को पढ़ाई पर फोकस करना चाहिए। पूरी परीक्षा कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित की जाएगी।



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