NEET-UG पेपर लीक के डर से जागा NTA, अब CISF देगा पहरा; गृह मंत्रालय से मंजूरी
NEET UG Paper Leak: नीट पेपर लीक ने पूरे देश को हिला दिया था। छात्रों का भरोसा टूट गया था। इसी डर के साये में अब एनटीए जागा है। दिल्ली दफ्तर में CISF तैनात की गई है। कुल 39 जवान यह जिम्मा संभालेंगे। गोपनीय क्षेत्रों पर अब सख्त पहरा रहेगा।
कहां तैनात हुए जवान?
मिंटो रोड स्थित प्रेस भवन नया ठिकाना है। यहीं गोपनीय क्षेत्र बनाए गए हैं। जवान प्रवेश और निकास द्वार संभालेंगे। हर आगंतुक की सख्ती से जांच होगी। कर्मचारियों की भी तलाशी ली जाएगी। इसके लिए एक्स-रे मशीन लगाई गई है। मेटल डिटेक्टर भी इस्तेमाल होगा। एक अधिकारी ने बताया कि निगरानी अब पहले से कड़ी होगी।
गृह मंत्रालय की मुहर लगी
सीआईएसएफ तैनाती को गृह मंत्रालय ने मंजूरी दी। यह सिर्फ इमारत की सुरक्षा नहीं है। NTA की हर संवेदनशील प्रणाली अब सुरक्षित होगी। तकनीकी ढांचे पर भी नजर रहेगी।
ओखला से मिंटो रोड आया दफ्तर
NTA ने अपना गोपनीय कामकाज शिफ्ट किया। पुराना पता ओखला अब इतिहास बन गया। नया दफ्तर मिंटो रोड में है। यहां 55,000 वर्ग फुट जगह मिली है। पूरी पांचवीं मंजिल NTA के पास है। चौथी-छठी मंजिल का हिस्सा भी मिला। शिफ्टिंग पिछले एक महीने में पूरी हुई।
रजिस्ट्रेशन से लेकर रिजल्ट तक सब जांचा जा रहा है। फीस भुगतान की प्रणाली भी शामिल है। कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली भी दायरे में है। OMR प्रोसेसिंग की सुरक्षा भी जांची जा रही है।
2024 के लीक ने खोली थी बड़ी खामी
NEET-UG 2024 का पेपर लीक हुआ था। इस पर देशभर में हंगामा मचा था। लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा था। CBI जांच में तीन विशेषज्ञ मुख्य आरोपी निकले। इनकी गोपनीय क्षेत्र में एंट्री जांची तक नहीं गई थी। यही सबसे बड़ी चूक मानी गई।
मध्यप्रदेश का भी है पेपर लीक से नाता
पेपर लीक की समस्या सिर्फ NTA तक सीमित नहीं रही। मध्यप्रदेश खुद बड़े भर्ती घोटाले झेल चुका है। राज्य का व्यापम कांड देशभर में बदनाम हुआ था। भारी विवाद के बाद बोर्ड का नाम बदला गया। अब इसे प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड यानी PEB कहते हैं।
व्यापम कांड के बरसों बाद भी समस्या नहीं थमी। साल 2021 में फिर पेपर लीक सामने आया। इस बार PEB को तीन परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं। इसके बाद सरकार ने सख्ती दिखानी शुरू की। पेपर लीक रोकने का कड़ा कानून लाने का ऐलान हुआ। परीक्षा केंद्र प्रभारी भी अब कानून के दायरे में हैं। कोई भी छात्रों को पेपर नहीं बेच सकेगा।
राज्य बोर्ड ने भी नियम सख्त कर दिए हैं। प्रश्नपत्र बॉक्स खोलने से पहले वीडियो जरूरी है। यह वीडियो रोज सुबह मंडल को भेजा जाता है।
साफ बात: मध्यप्रदेश में अब तक कोई पुष्ट NEET-विशिष्ट पेपर लीक मामला दर्ज नहीं हुआ है। राज्य का अनुभव व्यापम और PEB भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा रहा है, जो अलग मामला है।
छात्रों के लिए क्यों जरूरी है यह कदम?
NTA की नई सुरक्षा राष्ट्रीय स्तर की बड़ी पहल है। लेकिन मध्यप्रदेश जैसे राज्यों का अनुभव सबक देता है। सिर्फ एक एजेंसी सख्त होने से बात नहीं बनती। राज्य बोर्डों को भी हमेशा चौकस रहना होगा। तभी छात्रों का टूटा भरोसा वापस लौट सकेगा।
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