यूजीसी का बड़ा फैसला: अब एक साल का पीजी कोर्स होगा ऑनलाइन

Manya Jain | Aug 01, 2026, 17:45 IST
ugc approves 1 year pg program online
यूजीसी ने 1 साल के पीजी कोर्स को ऑनलाइन और ओडीएल मोड में मंजूरी दी। मान्यता प्राप्त संस्थान ही यह प्रोग्राम चला सकेंगे। 28 जुलाई के सर्कुलर में यह फैसला हुआ।

समझें क्या है पूरा मामला

  • यूजीसी ने 1 साल के पीजी प्रोग्राम को ऑनलाइन और ओडीएल मोड में पूरा करने की मंजूरी दी है।
  • पहले सिर्फ 2 साल के पीजी प्रोग्राम में यह सुविधा थी।
  • इसके लिए एडमिशन की शर्तें भी सख्त रखी गई हैं।
  • सिर्फ वही संस्थान यह प्रोग्राम चला पाएंगे, जिन्हें पहले से मान्यता मिली है।
  • यह फैसला 28 जुलाई को जारी नए सर्कुलर में लिया गया है।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC – University Grants Commission) ने उच्च शिक्षा से जुड़ा एक अहम फैसला लिया है। आयोग ने एक वर्षीय पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम को ऑनलाइन मोड या ओपन डिस्टेंस लर्निंग (ODL – Open Distance Learning) मोड में पूरा करने की अनुमति दे दी है। हालांकि इसके लिए कुछ शर्तें भी लागू रहेंगी। आयोग ने नए नियमों से जुड़ा सर्कुलर अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया है। इससे पहले सिर्फ 2 साल के पीजी प्रोग्राम को ही ऑनलाइन और ओडीएल मोड में ऑफर करने की अनुमति उच्च शिक्षा संस्थानों को थी।



किन छात्रों को मिलेगा एडमिशन

एक वर्षीय ऑनलाइन पीजी प्रोग्राम में दाखिले के लिए भी सख्त नियम बनाए गए हैं। यूजीसी ने सर्कुलर में साफ किया है कि सिर्फ उन्हीं छात्रों को यह मौका मिलेगा, जिन्होंने ऑनर्स के साथ 4 वर्षीय अंडरग्रेजुएट (UG – Undergraduate) प्रोग्राम पूरा किया हो। बिना ऑनर्स डिग्री वाले छात्र फिलहाल इस सुविधा का लाभ नहीं ले पाएंगे।



एमबीए, एमसीए और पीजीडीएम जैसे प्रोग्राम के लिए अलग नियम रहेंगे। इनकी एंट्री लेवल पात्रता संबंधित रेगुलेटरी बॉडी तय करेगी।



किन कॉलेजों को मिली अनुमति

यह सुविधा सभी संस्थानों को नहीं मिलेगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ उन्हीं उच्च शिक्षा संस्थानों को 1 साल का पीजी प्रोग्राम ऑफर करने की इजाजत होगी, जिन्हें ऑनलाइन और ओडीएल मोड में 2 साल के पीजी प्रोग्राम की मान्यता पहले से मिल चुकी है। यानी नए संस्थान सीधे 1 साल का प्रोग्राम शुरू नहीं कर सकेंगे।



प्रोग्राम शुरू करने से पहले किन नियमों का पालन जरूरी

1 वर्षीय PG प्रोग्राम लॉन्च करने से पहले विश्वविद्यालय को अकादमिक बॉडी की मंजूरी लेनी होगी। इसमें बोर्ड ऑफ हायर स्टडीज, अकादमिक काउंसिल और एग्जीक्यूटिव काउंसिल शामिल हैं। पाठ्यक्रम, लर्निंग रिसोर्सेज, असेसमेंट और क्रेडिट फ्रेमवर्क जैसी सभी अकादमिक जरूरतें यूजीसी के निर्धारित नियमों के अनुसार ही पूरी करनी होंगी।



यह पूरा कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020– National Education Policy) के तहत उठाया गया है। संशोधित गाइडलाइंस 28 जुलाई को जारी की गई हैं। यह गाइडलाइन 24 जुलाई को जारी पुराने नोटिफिकेशन की जगह लेगी।



इस फैसले से उन छात्रों को सीधा फायदा होगा, जिन्होंने पहले ही 4 साल की ऑनर्स डिग्री पूरी कर ली है। वे अब कम समय में और लचीले तरीके से पोस्टग्रेजुएशन पूरा कर सकेंगे। साथ ही जिन संस्थानों को पहले से मान्यता मिली है, उनके लिए भी यह नया अवसर होगा।



FAQ

  1. क्या अब हर छात्र 1 साल में ऑनलाइन पीजी कर सकता है?
    नहीं, सिर्फ वे छात्र पात्र होंगे जिन्होंने ऑनर्स के साथ 4 साल की यूजी डिग्री पूरी की है। बिना ऑनर्स डिग्री वालों को यह सुविधा फिलहाल नहीं मिलेगी। एमबीए-एमसीए जैसे प्रोग्राम के अलग नियम रहेंगे।
  2. यह सुविधा किन कॉलेजों में मिलेगी?
    यह सुविधा सिर्फ उन्हीं संस्थानों में मिलेगी, जिन्हें पहले से 2 साल के ऑनलाइन या ओडीएल पीजी प्रोग्राम की मान्यता मिली है। नए संस्थान सीधे यह प्रोग्राम शुरू नहीं कर सकते।
  3. यह नियम कब से लागू हुआ है?
    यूजीसी ने संशोधित गाइडलाइंस 28 जुलाई को जारी की हैं। यह गाइडलाइन 24 जुलाई के पुराने नोटिफिकेशन की जगह लेगी। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत उठाया गया है।

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