UPSC Prelims Admit Card 2026: जारी होने वाला है एडमिट कार्ड, जानें 5 बड़े बदलाव
यूपीएससी सिविल सेवा प्रीलिम्स परीक्षा 2026 के एडमिट कार्ड जल्द जारी होंगे। परीक्षार्थी आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in या upsconline.nic.in से इसे डाउनलोड कर सकेंगे। इस साल प्रिलिम्स परीक्षा का आयोजन 24 मई 2026 को किया जाएगा।
सिविल सेवा के साथ भारतीय वन सेवा की प्रिलिम्स परीक्षा भी आयोजित होगी। इस साल सिविल सेवा में 933 और वन सेवा में 40 रिक्तियां हैं। वन सेवा मुख्य परीक्षा के लिए प्रीलिम्स पास करना अनिवार्य शर्त है। दोनों सेवाओं के लिए एक ही कॉमन प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन होगा।
UPSC CSE एडमिट कार्ड कैसे डाउनलोड करें
एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले UPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। होम पेज पर e-Admit Card: Civil Services 2026 लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद अपने क्रेडेंशियल का उपयोग करके पोर्टल पर लॉगिन प्रक्रिया पूरी करें।
एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखने के बाद उसे सावधानीपूर्वक डाउनलोड कर लें। भविष्य के संदर्भ के लिए एडमिट कार्ड का प्रिंटआउट जरूर निकाल लें। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के लिए एडमिट कार्ड की हार्ड कॉपी अनिवार्य है।
UPSC CSE 2026 की परीक्षा में क्या बदलाव किए गए
- इस साल से प्रीलिम्स परीक्षा के तुरंत बाद आंसर-की जारी की जाएगी। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
- इसके अलावा क्वेश्चन पेपर पर आपत्ति दर्ज करने का समय घटा दिया गया है। अब परीक्षार्थियों को आपत्ति के लिए सात के बजाय पांच दिन मिलेंगे। उम्मीदवारों को तय समय सीमा के भीतर ही अपनी आपत्तियां दर्ज करनी होंगी।
- सुरक्षा के लिहाज से अब परीक्षा केंद्रों पर फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य होगा। एआई आधारित यह तकनीक फर्जी उम्मीदवारों और जालसाजों की पहचान सुनिश्चित करेगी। इससे मैन्युअल चेकिंग के मुकाबले अधिक तेजी और पारदर्शिता बनी रहेगी।
- दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए केंद्र चयन की सुविधा में भी सुधार हुआ है। अब दिव्यांग परीक्षार्थियों को उनके द्वारा चुना गया पसंदीदा परीक्षा केंद्र मिलेगा।
- सेवा में रहते हुए रैंक बढ़ाने के लिए बार-बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देने का रास्ता बंद कर दिया गया है।
नए सुधार के तहत अफसरों पर क्या पाबंदियां हैं?
नए प्रावधानों के तहत सेवा में काम करने वाले अफसरों पर कुछ पाबंदियां हैं। वर्तमान में कार्यरत आईएएस या आईएफएस अधिकारी परीक्षा में नहीं बैठ सकेंगे। यदि प्रारंभिक परीक्षा के बाद किसी की नियुक्ति होती है, तो वह अयोग्य होगा।
मुख्य परीक्षा के दौरान नियुक्ति होने पर भी उम्मीदवारी पर विचार नहीं होगा। यह नियम सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने पर रोक लगाएगा। इसका उद्देश्य प्रशासनिक सेवाओं में स्थिरता और नए उम्मीदवारों को मौका देना है।
एग्जाम सेंटर के लिए जरूरी गाइडलाइंस
एग्जाम सेंटर के गेट निर्धारित समय से 30 मिनट पहले बंद होंगे। सुबह के सत्र में 09:00 बजे के बाद प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। दोपहर के सत्र के लिए 02:00 बजे के बाद प्रवेश वर्जित होगा।
पहली शिफ्ट सुबह 9:30 और दूसरी दोपहर 2:30 बजे शुरू होगी। ओएमआर शीट भरने के लिए केवल काले बॉल पॉइंट पेन का प्रयोग करें। किसी अन्य पेन से दिए गए उत्तरों का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा।
परीक्षार्थी अपने साथ एडमिट कार्ड और फोटो आईडी प्रूफ अवश्य लाएं। मोबाइल, घड़ी या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाना सख्त मना है।
कैटेगरी के आधार पर वैकेंसी का पूरा विवरण
| पद / सेवा का नाम | अनारक्षित (UR) | OBC | SC | ST | EWS | कुल पद |
| IAS (भारतीय प्रशासनिक सेवा) | 72 | 49 | 27 | 14 | 18 | 180 |
| IPS (भारतीय पुलिस सेवा) | 62 | 37 | 19 | 17 | 15 | 150 |
| IFS (भारतीय वन सेवा) | 19 | 11 | 06 | 03 | 04 | 40 |
| IRS (C&IT) | - | - | - | - | - | 94 |
| कुल रिक्तियां (All Services) | 397 | 243 | 133 | 72 | 88 | 933 |
FAQ
- सेवा में कार्यरत उम्मीदवारों के लिए यूपीएससी सीएसई 2026 के नए नियम क्या हैं?
नए नियमों के अनुसार, जो उम्मीदवार पहले से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) या भारतीय विदेश सेवा (IFS) में कार्यरत हैं, वे यूपीएससी सीएसई 2026 की परीक्षा में बैठने के पात्र नहीं होंगे। यदि कोई उम्मीदवार प्रीलिम्स परीक्षा देने के बाद लेकिन मुख्य परीक्षा से पहले आईएएस या आईएफएस के पद पर नियुक्त हो जाता है, तो वह मेन्स एग्जाम में शामिल नहीं हो सकेगा। यह नियम इसलिए लागू किया गया है ताकि सेवा में रहते हुए बार-बार रैंक सुधार के लिए परीक्षा देने की प्रवृत्ति को कम किया जा सके और नए उम्मीदवारों को अधिक अवसर मिल सकें। - यूपीएससी सिविल सेवा प्रीलिम्स 2026 में एआई फेस ऑथेंटिकेशन क्या है?
यूपीएससी ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए 2026 से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित 'फेस ऑथेंटिकेशन' सिस्टम अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के समय उम्मीदवार के चेहरे का मिलान उनके आवेदन पत्र में दी गई फोटो से किया जाएगा। यह सिस्टम न केवल डमी कैंडिडेट्स या फर्जी परीक्षार्थियों की पहचान करेगा, बल्कि मैन्युअल चेकिंग के मुकाबले बहुत तेज और सटीक होगा। इसका मुख्य उद्देश्य परीक्षा के दौरान होने वाली किसी भी प्रकार की जालसाजी को रोकना और असली उम्मीदवारों के हितों की रक्षा करना है।
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