लगे रहो मुन्ना भाई से लेकर गांधी माई फादर तक, गांधी जयंती पर जरूर देखें ये बॉलीवुड फिल्में
हर साल दो अक्टूबर का दिन हमारे देश के लिए बेहद खास और ऐतिहासिक होता है। इस दिन हम अपने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती को बड़े ही गर्व और सम्मान के साथ मनाते हैं।
बापू ने अपनी पूरी जिंदगी सत्य, अहिंसा और सादगी के रास्ते पर चलकर बिताई। उन्होंने बिना कोई हथियार उठाए देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराया था।
बापू के ये महान विचार सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि बॉलीवुड सिनेमा ने भी इन्हें बड़े पर्दे पर बेहद खूबसूरत अंदाज में पेश किया है। अगर आप इस गांधी जयंती पर एंटरटेनमेंट के साथ-साथ बापू की इंस्पायरिंग सोच से जुड़ना चाहते हैं, तो फिल्में सबसे बेस्ट ऑप्शन हैं।
बॉलीवुड ने गांधी जी के जीवन, उनके संघर्षों और उनकी गांधीगिरी पर कई आइकोनिक फिल्में बनाई हैं।
लगे रहो मुन्ना भाई के मजेदार अंदाज से लेकर गांधी माई फादर के इमोशनल ड्रामे तक, ये फिल्में आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाती हैं।
इस स्पेशल डे पर आप अपनी फैमिली के साथ ये सात फिल्में जरूर एन्जॉय कर सकते हैं। यह न सिर्फ आपका फुल एंटरटेनमेंट करेंगी, बल्कि आपको जिंदगी का एक नया नजरिया भी देकर जाएंगी। तो गांधी जयंती के मौके पर जरूर देखें ये बॉलीवुड फिल्में...
गांधी (1982)
यह फिल्म रिचर्ड एटनबरो ने बनाई थी। इसमें बेन किंग्सले ने महात्मा गांधी का रोल निभाया था। इस फिल्म ने ऑस्कर में कई बड़े अवॉर्ड जीते थे।
फिल्म में बापू के दक्षिण अफ्रीका से लेकर भारत की आजादी तक का सफर है। इसे गांधी जी पर बनी सबसे शानदार फिल्म माना जाता है।
द मेकिंग ऑफ द महात्मा (1996)
श्याम बेनेगल के निर्देशन में बनी यह फिल्म काफी चर्चा में रही थी। फिल्म में रजीत कपूर ने युवा मोहनदास गांधी की भूमिका निभाई थी। इसमें गांधी जी के दक्षिण अफ्रीका में बिताए 21 सालों की कहानी है।
नस्लभेद के खिलाफ उनकी पहली लड़ाई को बहुत गहराई से दिखाया गया है। इस एक्टिंग के लिए रजीत कपूर को नेशनल अवॉर्ड मिला था।
हे राम (2000)
कमल हासन की फिल्म हे राम एक बहुत ही अलग मुद्दे पर बनी थी। इसमें नसीरुद्दीन शाह ने महात्मा गांधी का किरदार निभाया था। यह फिल्म देश के विभाजन और गांधी जी की हत्या के दौर को दिखाती है।
फिल्म में नफरत और अहिंसा के बीच के टकराव को बहुत अच्छे से दिखाया गया। सिनेमा प्रेमियों के लिए यह फिल्म देखना एक अलग अहसास देता है।
मैंने गांधी को नहीं मारा (2005)
जहनु बरुआ के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म एक भावुक कहानी पर आधारित है। अनुपम खेर ने फिल्म में एक ऐसे बुजुर्ग का रोल निभाया जो भूलने की बीमारी से पीड़ित है।
उसे लगता है कि उसने गलती से गांधी जी को मार दिया था। फिल्म आज के दौर में गांधीवादी विचारों की जरूरत को बहुत सुंदर ढंग से समझाती है।
लगे रहो मुन्ना भाई (2006)
संजय दत्त और राजकुमार हिरानी की यह फिल्म बहुत बड़ी सुपरहिट साबित हुई थी। फिल्म ने गांधीगिरी शब्द को देश के हर कोने में फेमस बना दिया था।
फिल्म में गांधी जी के विचार आज की समस्याओं का समाधान करते दिखते हैं। हंसते-हंसाते सत्य और अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाली यह एक पारिवारिक फिल्म है।
गांधी माई फादर (2007)
यह फिल्म महात्मा गांधी और उनके बेटे हरिलाल के जटिल रिश्तों पर बनी है। फिल्म में दर्शन जरीवाला ने गांधी जी और अक्षय खन्ना ने हरिलाल का रोल किया।
यह फिल्म एक राष्ट्रपिता और उनके पिता रूप के बीच के संघर्ष को दिखाती है। फिल्म आपको एक महान इंसान के निजी जीवन की कड़वी सच्चाइयों से रूबरू कराती है।
सरदार (1993)
केतन मेहता की यह फिल्म सरदार वल्लभभाई पटेल के लाइफ पर बेस्ड है। इसमें अन्नू कपूर ने महात्मा गांधी का किरदार निभाया था। फिल्म में गांधी जी और सरदार पटेल के बीच के वैचारिक तालमेल को दिखाया गया है। देश की आजादी और रियासतों के विलय में दोनों की भूमिका साफ दिखती है।
गांधी जयंती के दिन बापू के सिद्धांतों को याद करने का मौका देता है। ये फिल्में आपको इतिहास के पन्नों में ले जाती हैं। इनमें मनोरंजन भी है और जीवन की गहरी सीख भी है। तो इस दो अक्टूबर आप अपने परिवार के साथ इन्हें जरूर देखें।