सुधा- चंदर ही नहीं भोपाल से मुहब्बत की कहानी भी है मुसाफिर कैफे

Manya Jain | Jul 29, 2026, 18:39 IST
musafir cafe review bhopal mussoorie
नेटफ्लिक्स की सीरीज मुसाफिर कैफे भोपाल में फ़िल्माई गई है। विक्रांत मैसी, वेदिका पिंटो और महिमा मकवाना अभिनीत यह कहानी प्रेम एक शहर की खूबसूरती की कहानी भी है…

नेटफ्लिक्स पर एक नई रोमांटिक सीरीज आई है। नाम है मुसाफिर कैफे। यह लेखक दिव्य प्रकाश दुबे के इसी नाम के लोकप्रिय हिंदी उपन्यास पर आधारित है। लंबे समय बाद आई ये रोमांटिक सीरीज सिर्फ मनुष्यों के प्रेम की कहानी नहीं है, बल्कि उस भोपाल की कहानी भी है, जिसकी खूबसूरती को अभी भी एक्सप्लोर नहीं किया जा सका है।



कभी कर्मचारियों का शहर तो कभी नवाबी शहर… लेकिन अभी भी इसे उस शहर का दर्जा नहीं मिलता, जिससे इश्क हो जाए। मुसाफिर कैफे इसी दर्जे को भरने की कोशिश करती है। एक शहर जो दो कैरेक्टर के बीच तीसरे और जरूरी कैरेक्टर के बीच अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करवाता है।



musafir cafe


भोपाल की झीलों वाली कहानी

कहानी चंदर मोहन शर्मा (विक्रांत मैसी) से शुरू होती है। वह एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और सुरक्षित जिंदगी जीता है। उसकी मुलाकात निडर तलाक कराने वाली वकील सुधा (वेदिका पिंटो) से होती है। यह मुलाकात उसकी पूरी जिंदगी बदल देती है।



कहानी में प्रीति (महिमा मकवाना) भी है। वह एक शांत और स्थिर भविष्य की उम्मीद बनकर आती है। लेकिन इस सीरीज की असली जान इसकी लोकेशंस हैं। यह सिर्फ प्रेम कहानी नहीं, एक ट्रैवलॉग भी है।


सीरीज के कई अहम दृश्य भोपाल में फिल्माए गए हैं। बड़ा तालाब, कहानी का अहम हिस्सा है। यहां राजा भोज की विशाल प्रतिमा और चारों ओर हरियाली नजर आती है। यह शांत माहौल कहानी के भावुक पलों को गहराई देता है।



भोपाल की झीलें और हरा-भरा वातावरण दर्शकों को शहर घूमने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। ट्राइबल म्यूजियम, वन विहार नेशनल पार्क और स्टेट म्यूजियम जैसी जगहें इसमें शामिल हैं।



देखिए मुसाफिर कैफे का ट्रेलर



मसूरी की वादियों का भी जादू

कहानी का अगला पड़ाव उत्तराखंड के मसूरी में पहुंचता है। यहां घुमावदार सड़कें और बादलों से घिरी पहाड़ियां माहौल पूरी तरह बदल देती हैं। जॉर्ज एवरेस्ट पीक, मॉल रोड, भट्टा फॉल्स और कंपनी गार्डन जैसी जगहें सीरीज में शामिल हैं।



musafir cafe


हर लोकेशन को सिर्फ बैकड्रॉप की तरह नहीं दिखाया गया। हर जगह कहानी के भावनात्मक ढांचे का हिस्सा बनती है। इसी वजह से हर फ्रेम एक ट्रैवल गोल जैसा लगता है।



निर्देशक की सोच और अभिनय

खास बात यह है कि यह विक्रांत मैसी के करियर की पहली नेटफ्लिक्स सीरीज है। कुल आठ एपिसोड की सीरीज की कहानी शरण्या राजगोपाल ने लिखी है।



सीरीज के निर्देशक रुचिर अरुण मानते हैं कि किसी कहानी का असर सिर्फ अभिनय से नहीं बनता। जिस दुनिया में किरदार जीते हैं, वह भी उतनी ही अहम होती है। इसी सोच के साथ हर लोकेशन को चुना गया।



कहानी की रफ्तार और अंत

सीरीज की रफ्तार कुछ जगहों पर धीमी लगती है। लेकिन चंदर की तलाश, सुधा की स्वतंत्रता और प्रीति की सादगी दर्शकों को बांधे रखती है। कहानी धीमी जीवनशैली और खुद को समझने के विचार पर आधारित है।



ये भी पढ़ें...



सोशल मीडिया छोड़ टपरी पर जम रही Gen Z की महफिल, फेस टू फेस कर रहे बातें





तो इस दिन से शुरू होगी Bigg Boss 20 की शूटिंग, सामने आई नई डेट 7 साल बाद बड़े पर्दे पर गोविंदा की हो रही वापसी, इस एक्ट्रेस संग करेंगे रोमांस Jana Nayagan Review: सीएम थलपति विजय की आखिरी फिल्म ने पर्दे पर मचाया धमाल

Tags:
  • भोपाल
  • नेटफ्लिक्स
  • शूटिंग
  • मसूरी
  • भोपाल की झीले
  • विक्रांत मैसी