भारत से अमेरिका तक पहुंची रामायण: 100 साल में बनीं 50 से ज्यादा फिल्में, जानिए कैसे बदला पर्दे पर रामकथा का अंदाज
अगर हनुमान, लव-कुश जैसे पात्रों पर बनी फिल्मों को भी शामिल कर लें तो यह संख्या 200 से ज्यादा हो जाती है। फिल्मों का तरीका बदला है। पहले मूक फिल्में बनती थीं। फिर बोलती फिल्मों का दौर आया। इसके बाद रंगीन फिल्मों और एनिमेशन ने जगह बनाई। अब डिजिटल तकनीक के जरिए भी रामकथा को दर्शकों के सामने पेश किया जा रहा है। लेकिन इन बदलावों के बीच रामायण की कहानी लोगों को लगातार आकर्षित करती रही है।
अब निर्देशक नितेश तिवारी भी इसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उनकी फिल्म रामायण एक बार फिर इस महाकाव्य को बड़े पर्दे पर लेकर आ रही है। इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका में नजर आएंगे। साई पल्लवी सीता का किरदार निभाएंगी। वहीं, यश रावण, रवि दुबे लक्ष्मण और सनी देओल हनुमान की भूमिका में दिखाई देंगे।
भारत ही नहीं, विदेशों में भी बनीं रामायण पर फिल्में
जानकारी के मुताबिक, रामकथा का प्रभाव केवल भारत तक सीमित नहीं रहा है। दूसरे देशों में भी इस कहानी को अलग-अलग तरीकों से दिखाया गया है। वहां के फिल्मकारों ने अपनी संस्कृति और कला के हिसाब से रामायण के प्रसंगों को पर्दे पर उतारा है।
थाईलैंड में द नोबल वॉर (1984), रामावतार (2019) और मंत्रा वारियर (2023) जैसी फिल्में बनाई गईं। इंडोनेशिया में ओपेरा जावा (2006) के जरिए रामकथा से जुड़े प्रसंग दिखाए गए। वहीं, अमेरिका में सीता सिंग्स द ब्लूज (2008) बनाई गई।
इन फिल्मों में रामायण की कहानी को अपने-अपने तरीके से पेश किया गया। इससे पता चलता है कि रामकथा को अलग-अलग देशों के कलाकारों ने भी अपनी कला का हिस्सा बनाया है। हर जगह कहानी कहने का अंदाज अलग रहा, लेकिन रामायण के प्रसंग फिल्मों का आधार बने रहे।
1917 में शुरू हुआ रामायण का फिल्मी सफर
भारतीय सिनेमा में रामकथा दिखाने की शुरुआत काफी पहले हो गई थी। इसका सिनेमाई सफर 1917 में दादासाहेब फाल्के की मूक फिल्म लंका दहन से शुरू हुआ। उस समय फिल्मों में आवाज नहीं होती थी। कलाकारों को अपने हाव-भाव और अभिनय से कहानी समझानी पड़ती थी।
इसके बाद रामायण पर कई दूसरी फिल्में बनीं। साल 1942 में भारत मिलाप रिलीज हुई। इसके अगले साल यानी 1943 में राम राज्य आई। इन फिल्मों को दर्शकों के बीच लोकप्रियता मिली। साल 1961 में संपूर्ण रामायण बनाई गई। इस फिल्म ने भी रामकथा को बड़े पर्दे पर दिखाने की परंपरा को आगे बढ़ाया।
समय के साथ फिल्मों की तकनीक में बदलाव आया। कहानी दिखाने के तरीके बेहतर हुए। इसी दौरान एनिमेशन के जरिए भी रामायण को पेश किया गया। साल 1992 में भारत और जापान ने मिलकर एनिमेटेड फिल्म द लीजेंड ऑफ प्रिंस रामा बनाई। इस फिल्म में एनिमेशन के जरिए रामकथा को दिखाया गया। यह भारतीय सिनेमा में रामायण को नए अंदाज में पेश करने का एक खास उदाहरण बनी।
छोटे पर्दे पर रामायण ने बनाया खास स्थान
रामायण की लोकप्रियता सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रही। टेलीविजन पर भी इस कहानी को दर्शकों का खूब प्यार मिला। साल 1987 में रामानंद सागर ने टीवी सीरियल रामायण बनाया। इसमें अरुण गोविल ने राम, दीपिका चिखलिया ने सीता और सुनील लहरी ने लक्ष्मण की भूमिका निभाई।
इस सीरियल के प्रसारण के बाद तीनों कलाकार घर-घर में पहचाने जाने लगे। दर्शकों के बीच इस धारावाहिक का खास स्थान बन गया। इसके प्रसारण के समय बाजारों में सन्नाटा छा जाने की बातें भी काफी चर्चित रहीं।साल 2020 में कोरोना लॉकडाउन के दौरान इस सीरियल का दोबारा प्रसारण किया गया। उस समय भी दर्शकों ने इसे खूब पसंद किया। पुराने एपिसोड देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग टेलीविजन के सामने बैठे।
नए दौर में भी जारी है रामायण की कहानी
खबरो के मुताबिक, टीवी पर भी रामकथा को अलग-अलग समय पर नए रूप में पेश किया गया। साल 2008 में रामायण नाम से एक और सीरियल आया। इसके बाद 2015 में सिया के राम का प्रसारण हुआ। साल 2024 में श्रीमद रामायण भी दर्शकों के सामने आया। इन सभी प्रस्तुतियों में रामकथा को अलग अंदाज में दिखाया गया। कहीं कहानी को नए तरीके से पेश किया गया तो कहीं पात्रों पर ज्यादा ध्यान दिया गया।
अब नितेश तिवारी की फिल्म रामायण इसी लंबी परंपरा की अगली कड़ी है। इसमें नए कलाकारों और आधुनिक फिल्म तकनीक के जरिए इस कहानी को बड़े पर्दे पर दिखाया जाएगा। करीब 100 साल से ज्यादा समय में सिनेमा के कई रूप बदल चुके हैं। मूक फिल्मों से लेकर डिजिटल दौर तक का सफर पूरा हो चुका है। इसके बावजूद रामायण पर फिल्में और धारावाहिक बनने का सिलसिला जारी है। यही इस महाकाव्य की लोकप्रियता को दिखाता है।
FAQs
- भारतीय सिनेमा में रामायण पर पहली फिल्म कब बनी थी?
भारतीय सिनेमा में रामकथा का सफर 1917 में दादासाहेब फाल्के की मूक फिल्म 'लंका दहन' से शुरू हुआ था। - रामायण पर अब तक कितनी फिल्में बन चुकी हैं?
सिनेमा के 100 से अधिक वर्षों के इतिहास में रामायण पर 50 से ज्यादा फिल्में बनी हैं। हनुमान, लव-कुश जैसे पात्रों और एनिमेटेड फिल्मों को मिलाकर यह संख्या 200 से अधिक हो जाती है। - नितेश तिवारी की फिल्म रामायण में कौन-कौन से कलाकार हैं?
फिल्म में रणबीर कपूर राम, साई पल्लवी सीता, यश रावण, रवि दुबे लक्ष्मण और सनी देओल हनुमान की भूमिका निभा रहे हैं।