Ramayana Music Controversy: एआर रहमान की धुनों और कुमार विश्वास के शब्दों पर क्यों मचा शोर, सूफी-कव्वाली टच पर भड़के यूजर्स
मंगल रंग रिलीज होते ही क्यों शुरू हुआ विवाद
रिपोर्ट के मुताबिक, 25 अक्टूबर को फिल्म रामायण का नया गाना मंगल रंग रिलीज हुआ। इस गाने में भगवान राम और माता सीता के स्वयंवर, विवाह और अयोध्या आगमन के दृश्य दिखाए गए हैं। गाने को अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल ने अपनी आवाज दी है।
इसके बोल मशहूर कवि कुमार विश्वास ने लिखे हैं। वहीं, म्यूजिक एआर रहमान ने तैयार किया है। गाने से लोगों को काफी उम्मीदें थीं। लेकिन रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग रिएक्शन सामने आने लगे।
कुछ लोगों का कहना है कि गाने में पारंपरिक भक्ति संगीत का असर कम है। इसके बजाय उन्हें सूफी और कव्वाली जैसी धुनें ज्यादा सुनाई देती हैं। हालांकि, यह दर्शकों की व्यक्तिगत राय है। किसी गाने में अलग-अलग संगीत शैलियों का इस्तेमाल अपने आप में कोई गलती नहीं है।
रहमान के पुराने गाने से होने लगी तुलना
मंगल रंग को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसके म्यूजिक की हो रही है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स इसकी तुलना रॉकस्टार के गाने कुन फाया कुन से कर रहे हैं। कुन फाया कुन एआर रहमान के फेमस गानों में शामिल है। इस गाने में सूफी म्यूजिक का खास असर सुनाई देता है।
कुछ लोगों का दावा है कि मंगल रंग में भी ऐसा ही म्यूजिक इस्तेमाल हुआ है। उनका कहना है कि रहमान अपनी पुरानी स्टाइल दोहरा रहे हैं। वहीं, कई लोगों के लिए यह रहमान की अपनी अलग संगीत पहचान का हिस्सा है। ऐसे में यह बहस म्यूजिक की पसंद और नए प्रयोगों से भी जुड़ी है।
तमिल गाने से भी मिल रही धुन
विवाद सिर्फ कुन फाया कुन तक सीमित नहीं है। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने मंगल रंग की तुलना एक पुराने तमिल गाने से भी की है। यह गाना फिल्म कंडुकोंडैन कंडुकोंडैन का एन्ना सोल्ला पोगिराई है। दिलचस्प बात यह है कि इसका म्यूजिक भी एआर रहमान ने ही दिया था।
सोशल मीडिया पर दोनों गानों की तुलना वाले वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। कुछ लोगों को इनकी धुन और म्यूजिक अरेंजमेंट में समानता सुनाई दे रही है। इसी वजह से रहमान की Original Music को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
हालांकि, इन तुलनाओं से धुनों की नकल होने का आरोप साबित नहीं होता। संगीत की समानता का फैसला केवल सोशल मीडिया रिएक्शन से नहीं किया जा सकता।
रावण तांडव पर भी उठ चुके हैं सवाल
मंगल रंग पहला गाना नहीं है, जिसे लेकर विवाद सामने आया है। इससे पहले 'रामायण' के गाने 'रावण तांडव' की भी आलोचना हुई थी। यह गाना फिल्म में रावण के किरदार से जुड़ा बताया गया है। इसके म्यूजिक और लिरिक्स को लेकर दर्शकों की अलग-अलग उम्मीदें थीं।
कुछ लोगों को लगा कि गाने में वह ताकत और भव्यता नहीं है। खासकर रावण की शिवभक्ति से जुड़े प्रसंग में ज्यादा दमदार म्यूजिक की उम्मीद थी। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इसकी तुलना फिल्म 'आदिपुरुष' के शिव तांडव से भी की।
वहीं, कुछ लोगों ने कुमार विश्वास के लिखे लिरिक्स को सामान्य बताया। इस तरह गाने के बोल और म्यूजिक, दोनों पर चर्चा शुरू हो गई।
आलोचनाओं पर एआर रहमान ने क्या कहा
गानों को लेकर उठ रहे सवालों पर एआर रहमान ने भी अपनी बात रखी है। रिपोर्ट के मुताबिक, रहमान ने बताया कि किसी गाने को तैयार करने में बहुत मेहनत लगती है। इसके पीछे लंबे समय तक सोचने और नए प्रयोग करने की प्रक्रिया होती है।
उनका कहना था कि इतनी मेहनत के बाद जब आलोचना होती है, तो सफाई देना आसान नहीं होता। रहमान ने यह भी कहा कि उन्होंने अपना काम पूरी ईमानदारी से किया है। वह चाहते हैं कि लोग बिना किसी पहले से बनी राय के उनका म्यूजिक सुनें।
उन्होंने यह भी साफ किया कि वह हमेशा अपनी पुरानी फिल्मों के सफल म्यूजिक को नहीं दोहरा सकते। रहमान के मुताबिक, एक कलाकार के लिए नए प्रयोग करना और आगे बढ़ना जरूरी है।
रामायण के म्यूजिक से इतनी उम्मीदें क्यों
एआर रहमान भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के सबसे चर्चित संगीतकारों में शामिल हैं। उन्होंने अपने करियर में कई यादगार गाने दिए हैं। 'रोजा', 'दिल से', 'रॉकस्टार' और 'स्लमडॉग मिलियनेयर' जैसी फिल्मों का म्यूजिक काफी फेमस रहा है।
रहमान ने भारतीय शास्त्रीय संगीत, लोकधुनों, सूफी गायकी और पश्चिमी संगीत के साथ कई प्रयोग किए हैं। यही उनकी अलग पहचान भी रही है। लेकिन 'रामायण' जैसी धार्मिक और सांस्कृतिक कहानी के लिए दर्शकों की उम्मीदें अलग हैं।
कई लोग चाहते हैं कि म्यूजिक कहानी के भावों से पूरी तरह मेल खाए। राम, सीता और रावण जैसे किरदारों के लिए संगीत में अलग अनुभव की उम्मीद की जा रही है। इसी वजह से रहमान का हर नया गाना चर्चा का विषय बन रहा है।
कुमार विश्वास के लिरिक्स पर भी बहस
फिल्म 'रामायण' के गानों को लेकर सिर्फ एआर रहमान ही चर्चा में नहीं हैं। मशहूर कवि और गीतकार कुमार विश्वास भी सोशल मीडिया पर सवालों का सामना कर रहे हैं।
'रावण तांडव' और 'मंगल रंग', दोनों गानों के बोल उन्होंने लिखे हैं। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि कुमार विश्वास से उन्हें ज्यादा दमदार लिरिक्स की उम्मीद थी। खासकर धार्मिक कथाओं और भारतीय परंपराओं पर उनकी पकड़ को देखते हुए उम्मीदें काफी अधिक थीं।
कुछ लोगों ने 'रावण तांडव' के बोलों को सामान्य बताया। वहीं, 'मंगल रंग' के शब्दों और भावों पर भी सवाल उठाए गए। हालांकि, यह आलोचना सभी दर्शकों की राय नहीं मानी जा सकती। गानों को लेकर पसंद और नापसंद अलग-अलग हो सकती है।
अब फिल्म की रिलीज पर सबकी नजर
रिपोर्ट के मुताबिक, रणबीर कपूर की 'रामायण' 5 नवंबर को सिनेमाघरों में आने वाली है। फिल्म को लेकर पहले से काफी चर्चा है। इसकी स्टारकास्ट, विजुअल्स और सेट को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बनी हुई है।
अब म्यूजिक को लेकर शुरू हुई बहस ने फिल्म की चर्चा और बढ़ा दी है। फिलहाल कुछ लोग रहमान और कुमार विश्वास के काम की आलोचना कर रहे हैं।
वहीं, दोनों कलाकार अपनी रचनात्मक सोच और नए प्रयोगों के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में फिल्म रिलीज होने के बाद दर्शक पूरे म्यूजिक को कैसे पसंद करते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा।
रामायण से टक्कर लेगी अक्षय-रवीना की जोड़ी
इस दिवाली बॉक्स ऑफिस पर एक तरफ जहां 4000 करोड़ के भारी भरकम बजट वाली फिल्म रामायण अपना जलवा बिखेरने आ रही है। वहीं दूसरी तरफ अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और रवीना टंडन की 32 साल पुरानी ब्लॉकबस्टर मोहरा भी धमाकेदार एंट्री मार रही है।
त्रिमूर्ति फिल्म्स ने इस 90s एक्शन क्लासिक को 4K रएमस्टरड वर्जन में छह नवंबर को री -रिलीज करने का धांसू ऐलान कर दिया है। तू चीज बड़ी है मस्त मस्त और टिप टिप बरसा पानी जैसे आइकॉनिक गानों और ब्लॉकबस्टर एक्शन से सजी यह फिल्म रामायण से सीधा क्लैश करेगी।
हालांकि ज्यादातर फैंस का ध्यान रणबीर कपूर की रामायण पर रहेगा, लेकिन हाउसफुल शोज और हाई टिकट प्रिंसेस की वजह से जो लोग टिकट नहीं हासिल कर पाएंगे। उनके लिए मोहरा एक परफेक्ट मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकती है। 90s का नॉस्टैल्जिया फील करने वाले सिनेमा लवर्स के लिए बड़े पर्दे पर इस क्लासिक को दोबारा देखना बेहद रोमांचक होने वाला है।