SRK Birthday: जीरो से हजार करोड़ी मुकाम तक, जानें कैसे एक आम लड़के ने बदला भारतीय सिनेमा का पूरा इतिहास
दुनिया के कई देशों में उनके चाहने वाले मौजूद हैं। कोई उन्हें रोमांस का बादशाह कहता है। कोई प्यार से किंग खान बुलाता है। लेकिन इस पहचान तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं था। शाहरुख खान का जन्म 2 नवंबर 1965 को दिल्ली में हुआ था। उनका बॉलीवुड करियर 34 साल पूरे कर चुका है। इस लंबे सफर में उन्होंने कई यादगार किरदार निभाए हैं।
कभी वह खतरनाक विलेन बने, तो कभी मोहब्बत में डूबे आशिक। कभी हॉकी टीम के सख्त कोच बने। कभी देश लौटने वाला NASA वैज्ञानिक बनकर दर्शकों के सामने आए। शाहरुख के करियर में सफलता के साथ मुश्किल दौर भी आए। कुछ फिल्में दर्शकों को पसंद आईं, तो कुछ उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं। लेकिन उन्होंने नए किरदार चुनना बंद नहीं किया। आइए जानें वे बॉलीवुड के किंग खान कैसे बने।
दिल्ली की गलियों से टीवी स्टार बनने तक का सफर
बॉलीवुड के किंग खान यानी शाहरुख खान का जन्म 2 नवंबर 1965 को नई दिल्ली में हुआ था। उनके पिता का नाम मीर ताज मोहम्मद खान और मां का नाम लतीफ फातिमा खान था। शाहरुख बचपन से ही पढ़ाई के साथ खेल और एक्टिंग में दिलचस्पी रखते थे।
उन्होंने दिल्ली के सेंट कोलंबा स्कूल से शुरुआती पढ़ाई की। इसके बाद हंसराज कॉलेज से अर्थशास्त्र की पढ़ाई पूरी की। कॉलेज के दिनों में उनका एक्टिंग के प्रति जुनून बढ़ने लगा। शाहरुख ने मशहूर थिएटर डायरेक्टर बैरी जॉन से एक्टिंग की ट्रेनिंग ली।
थिएटर में उन्होंने डायलॉग डिलीवरी, एक्सप्रेशन और बॉडी लैंग्वेज की बारीकियां सीखीं। इसके बाद साल 1988 में टीवी सीरियल फौजी से उन्हें बड़ी पहचान मिली। इसमें उन्होंने अभिमन्यु राय का किरदार निभाया। उनकी दमदार एक्टिंग और स्क्रीन प्रेजेंस ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया।
फौजी के बाद शाहरुख सर्कस जैसे फेमस टीवी शो में नजर आए। इस सीरियल में कलाकारों की जिंदगी और संघर्ष दिखाया गया था। टीवी पर मिली लोकप्रियता ने उनके बॉलीवुड करियर का रास्ता खोल दिया। यहीं से एक साधारण दिल्ली का लड़का फिल्मी दुनिया में बड़ा स्टार बनने की ओर बढ़ चला।
शाहरुख का बॉलीवुड स्टार बनने का सफर
टीवी की दुनिया में पहचान बनाने के बाद शाहरुख खान ने मुंबई का रुख किया। उस दौर में बॉलीवुड में कई बड़े स्टार्स का दबदबा था। लेकिन शाहरुख ने अपने अलग अंदाज से इंडस्ट्री में जगह बनाई।
साल 1992 में फिल्म दीवाना से उनका बॉलीवुड डेब्यू हुआ। इसमें ऋषि कपूर और दिव्या भारती भी नजर आए। शाहरुख की दमदार एक्टिंग ने दर्शकों का दिल जीत लिया। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट मेल डेब्यू अवॉर्ड मिला।
साल 1993 उनके करियर का बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। फिल्म बाजीगर में उन्होंने निगेटिव शेड वाला किरदार निभाकर सबको चौंका दिया। इसके लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर अवॉर्ड मिला।
इसी साल यश चोपड़ा की फिल्म डर रिलीज हुई। इसमें शाहरुख ने जुनूनी आशिक राहुल का किरदार निभाया। दोनों फिल्मों की सफलता ने उन्हें बॉलीवुड के उभरते सितारों में शामिल कर दिया।
कैसे बने शाहरुख बॉलीवुड के रोमांस किंग
साल 1995 में रिलीज हुई दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे (DDLJ) ने शाहरुख खान की किस्मत बदल दी। आदित्य चोपड़ा की इस फिल्म में शाहरुख ने राज मल्होत्रा का किरदार निभाया। वहीं, काजोल सिमरन के रोल में नजर आईं। दोनों की रोमांटिक केमिस्ट्री ने दर्शकों का दिल जीत लिया। फिल्म के गाने और डायलॉग्स भी सुपरहिट हुए।
इसके बाद शाहरुख ने रोमांटिक फिल्मों से बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई। साल 1997 में दिल तो पागल है रिलीज हुई। इसमें माधुरी दीक्षित और करिश्मा कपूर उनके साथ नजर आईं। साल 1998 में करण जौहर की कुछ कुछ होता है ने नया रिकॉर्ड बनाया। काजोल और रानी मुखर्जी के साथ उनकी केमिस्ट्री खूब पसंद की गई।
इसके बाद मोहब्बतें और कभी खुशी कभी गम जैसी फिल्में आईं। लगातार हिट फिल्मों ने उन्हें बॉलीवुड का रोमांस किंग बनाया। उनकी जबरदस्त पॉपुलैरिटी के चलते फैंस उन्हें किंग खान कहने लगे।
देवदास से चक दे इंडिया तक, एक्टिंग का अलग अंदाज
बॉलीवुड के रोमांस किंग शाहरुख खान ने अपने करियर में कई अलग किरदार निभाए। साल 2002 में संजय लीला भंसाली की फिल्म देवदास रिलीज हुई। इसमें शाहरुख ने प्यार में टूटे देवदास का इमोशनल रोल निभाया।
ऐश्वर्या राय पारो और माधुरी दीक्षित चंद्रमुखी के रोल में नजर आईं। फिल्म की शानदार कहानी और दमदार एक्टिंग ने दर्शकों का दिल जीत लिया। देवदास को कान फिल्म फेस्टिवल में भी दिखाया गया। साल 2004 में शाहरुख फिल्म स्वदेश में नजर आए।
आशुतोष गोवारिकर की इस फिल्म में उन्होंने NASA वैज्ञानिक मोहन भार्गव का किरदार निभाया। फिल्म में देशप्रेम और गांव की समस्याओं को खूबसूरती से दिखाया गया। इसी साल उनकी मैं हूं ना और वीर-जारा भी रिलीज हुईं।
साल 2007 में आई चक दे इंडिया ने शाहरुख की एक्टिंग को नई पहचान दी। उन्होंने महिला हॉकी टीम के कोच कबीर खान का किरदार निभाया। इस रोल के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर अवॉर्ड मिला। इसी साल ओम शांति ओम में उनका ग्लैमरस अंदाज भी खूब पसंद किया गया।
ग्लोबल स्टार बनने से लेकर शानदार कमबैक तक
शाहरुख खान ने अपनी दमदार एक्टिंग से भारत ही नहीं, विदेशों में भी पहचान बनाई। साल 2010 में करण जौहर की फिल्म माई नेम इज खान रिलीज हुई। इसमें उन्होंने रिजवान खान का किरदार निभाया। फिल्म को इंटरनेशनल लेवल पर भी खूब सराहना मिली।
शाहरुख ने 1991 में गौरी खान से शादी की थी। उनके तीन बच्चे आर्यन, सुहाना और अबराम हैं। उन्होंने गौरी के साथ रेड चिलीज एंटरटेनमेंट की भी शुरुआत की। हालांकि, उनके करियर में मुश्किल दौर भी आया। फैन, जब हैरी मेट सेजल और जीरो जैसी फिल्में उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं। इसके बाद उन्होंने फिल्मों से लंबा ब्रेक लिया।
साल 2023 में पठान से शाहरुख ने जबरदस्त कमबैक किया। फिल्म ने दुनियाभर में एक हजार करोड़ रुपए से ज्यादा कमाए। इसके बाद जवान ने 11 सौ करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार किया। उसी साल उनकी फिल्म डंकी भी रिलीज हुई। साल 2024 में उन्हें लोकार्नो फिल्म फेस्टिवल (Locarno Film Festival) में सम्मानित किया गया।
शाहरुख खान की आठ सदाबहार फिल्में और गाने
- तुझे देखा तो ये जाना सनम
- मेहंदी लगा के रखना
- कुछ कुछ होता है (टाइटल ट्रैक)
- तुम पास आए (पास आए)
- दिल तो पागल है (टाइटल ट्रैक)
- अरे रे अरे ये क्या हुआ
- तेरे लिये Hum Hain Jiyen
- मैं यहां हूं
- सूरज हुआ मद्धम
- कभी खुशी कभी गम (टाइटल ट्रैक)
- हर घड़ी बदल रही है (कल हो ना हो)
- माही वे
- वो चांद जैसी लड़की
- मोहे रंग दो लाल
- झूम जो पठान
- बेशर्म रंग
तो टीवी से बॉलीवुड के किंग खान बनने तक उनका सफर कई पीढ़ियों के लिए यादगार रहा है।