जगन्नाथ पुरी मंदिर के अनोखे रहस्य, मौजूद है श्रीकृष्ण का अंश, पुजारी आंखो पर बांधते है पट्टी
Aman Vaishnav | Dec 05, 2025, 13:57 IST
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जगन्नाथ पुरी मंदिर का झंडाImage credit : Aman Vaishnav
मंदिर के सबसे ऊपर लगा झंडा (ध्वज) हमेशा हवा की उल्टी दिशा में उड़ता है। यह बात आज भी एक बहुत बड़ा और अनसुलझा रहस्य है।
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श्रीकृष्ण का दिलImage credit : Aman Vaishnav
माना जाता है कि जगन्नाथ मंदिर में रखी भगवान जगन्नाथ जी की मूर्ति के अंदर आज भी श्रीकृष्ण का दिल मौजूद है, जो आज भी धड़कता है। इसे ब्रह्म पदार्थ कहते हैं।
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जगन्नाथ पुरी मंदिर (ओडिशा)Image credit : Aman Vaishnav
ओडिशा का श्री जगन्नाथ पुरी मंदिर चार धामों में से एक है। यहां भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विराजते हैं।
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12 से 19 साल में बदलती है मूर्तियांImage credit : Aman Vaishnav
Jagannath Puri Temple : भगवान की पुरानी मूर्तियों को 12 से 19 साल के बीच में बदला जाता है। इस परंपरा को 'नव कलेवर' कहते हैं। नई मूर्तियां नीम की लकड़ी से बनाई जाती हैं।
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पुजारी आंखों पर बांधते हैं पट्टीImage credit : Aman Vaishnav
जब पुजारी भगवान जगन्नाथ के दिल को पुरानी मूर्ति से निकालकर नई मूर्ति में रखते हैं, तो वे इसे देख न सकें, इसलिए आंखों पर पट्टी बांधकर यह काम करते हैं।
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पूरी प्रक्रिया अंधेरे में होती हैImage credit : Aman Vaishnav
jagannathpuri : ब्रह्म पदार्थ (दिल) बदलने की यह पूरी प्रक्रिया अंधेरे में और पूरी गोपनीयता के साथ की जाती है। मंदिर और शहर की बिजली भी काट दी जाती है।
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मंदिर की परछाईImage credit : Aman Vaishnav
Latest Religious News: मंदिर के सबसे ऊंचे शिखर की परछाईं किसी भी समय जमीन पर नहीं दिखती। (धार्मिक अपडेट) यह भी मंदिर को बनाने के तरीके का एक बड़ा रहस्य है।