मध्य प्रदेश का गुजरी महल, जहां आज भी दीवारों पर दिखती है राजा-रानी की प्रेम कहानी
Aman Vaishnav | Nov 18, 2025, 16:06 IST
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अब बन गया संग्रहालयImage credit : Aman Vaishnav
यह ऐतिहासिक महल अब एक पुरातत्व संग्रहालय बन चुका है। यहां ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों से मिली हुई मूर्तियां, सिक्के और शिलालेख रखे गए हैं।
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दुर्लभ कलाकृतियांImage credit : Aman Vaishnav
यहां खास तौर पर चतुर्भुज विष्णु की मूर्ति, शाक्यमुनि की प्रतिमा और भी देवी-देवताओं की मूर्तियां हैं।
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ग्वालियर किले के भीतरImage credit : Aman Vaishnav
गुजरी महल ग्वालियर किले के अंदर निचले हिस्से में स्थित है। (मानसिंह और मृगनयनी की प्रेम कहानी) रानी मृगनयनी ने महल की जगह इसलिए चुनी थी ताकि उनके पास राय नदी से आने वाला पानी आसानी से पहुंच सके।
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प्रेम की निशानीImage credit : Aman Vaishnav
यह महल राजा मान सिंह तोमर ने अपनी प्रिय रानी मृगनयनी के लिए बनवाया था। (ग्वालियर किला) रानी मृगनयनी गुर्जर समुदाय से थीं। इसलिए इसे गुजरी महल कहा जाता है।
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बेशकीमती मूर्तियांImage credit : Aman Vaishnav
इस संग्रहालय में दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व से लेकर 15वीं शताब्दी तक की हिंदू और जैन धर्म से जुड़ी पत्थर की कई बेशकीमती मूर्तियां देखने को मिलती हैं।
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राजा-महाराजाओं के उपकरणImage credit : Aman Vaishnav
MP Tourism Board: मूर्तियों के अलावा यहां कई पुराने शिलालेख और उस समय के राजा-महाराजाओं द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले पत्थर के उपकरण भी रखे गए हैं।
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महल की शानदार बनावटImage credit : Aman Vaishnav
Gwalior Fort : भले ही यह महल अब संग्रहालय (Museum) बन चुका है लेकिन इस महल की शानदार बनावट आज भी देखने लायक है।