उज्जैन महाकाल सवारी में दिखेगा बाबा का अद्भुत स्वरूप, संयोग से होगा हरिहर मिलन
Aman Vaishnav | Nov 03, 2025, 14:35 IST
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धार्मिक महत्व (विशेष संयोग)Image credit : Aman Vaishnav
यह दूसरी सवारी बैकुंठ चतुर्दशी के शुभ दिन पर निकलती है, जिसे 'हरिहर मिलन' कहा जाता है। (महाकाल बाबा की सवारी कितनी तारीख को है) यह मिलन भगवान शिव और भगवान विष्णु के संगम और एकत्व का प्रतीक माना जाता है।
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बाबा की तीसरी सवारीImage credit : Aman Vaishnav
Mahakal Sawari November 2025 Date: आज की सवारी के बाद, कार्तिक और अगले माह की तीसरी (Ujjain Mahakal) सवारी 10 नवंबर 2025, सोमवार को निकाली जाएगी।
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सवारी का मार्गImage credit : Aman Vaishnav
यह सवारी गुदरी चौराहा, बक्शी बाजार और कहारवाड़ी, से होते हुए रामघाट पहुंचेगी और यह लगभग शाम 7:00 बजे तक मंदिर परिसर में वापस लौटेगी।
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महाकाल बाबा का चंद्रमौलेश्वर स्वरूपImage credit : Aman Vaishnav
पहली सवारी में बाबा महाकाल श्री चंद्रमौलेश्वर के दिव्य स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे। यह रजत पालकी में विराजित होकर निकलते हैं और भक्तों को दर्शन देकर उनका कल्याण करते हैं।
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दूसरी सवारी (हरिहर मिलन)Image credit : Aman Vaishnav
हरिहर मिलन की दूसरी सवारी सोमवार की रात 11:00 बजे महाकाल मंदिर से शुरू होगी, जो भगवान विष्णु से भेंट करने के लिए प्रस्थान करेगी।
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उज्जैन महाकाल सवारी 2025Image credit : Aman Vaishnav
महाकाल सवारी का समय: 3 नवंबर 2025, सोमवार को कार्तिक मास के दूसरे सोमवार की यह सवारी, परंपरा अनुसार, ठीक शाम 4:00 बजे महाकालेश्वर मंदिर से शुरू होगी।
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महाकाल बाबा की राजसी सवारीImage credit : Aman Vaishnav
कार्तिक मास की चौथी और सबसे महत्वपूर्ण अंतिम सवारी 17 नवंबर 2025, सोमवार को निकलेगी। इस सवारी को राजसी सवारी भी कहा जाता है। (उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर) जिसमें बाबा महाकाल भव्य रूप में अपनी प्रजा को अंतिम दर्शन देते हैं।