उज्जैन मंगल नाथ मंदिर: भगवान शिव के पसीने से हुआ था मंगल ग्रह का जन्म, जानें कैसे
Aman Vaishnav | Dec 14, 2025, 20:24 IST
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जन्म की कहानीImage credit : Aman Vaishnav
कहा जाता है कि एक बार भगवान शिव और एक राक्षस की लड़ाई हुई। शिवजी के पसीने की गर्मी से धरती फट गई और उसी से मंगल ग्रह पैदा हुआ था।
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मंगल नाथ मंदिर उज्जैनImage credit : Aman Vaishnav
उज्जैन का मंगल नाथ मंदिर: मंगलनाथ मंदिर उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर बना है। इसे हिंदू धर्म के 7 सबसे पवित्र मंदिरों में गिना जाता है।
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मंदिर तक पहुंचना आसानImage credit : Aman Vaishnav
यह मंदिर उज्जैन रेलवे स्टेशन से सिर्फ 6 किलोमीटर दूर है। यहां से आप आसानी से टैक्सी या ऑटो लेकर मंदिर तक पहुंच सकते हैं।
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शिवलिंग की भात पूजाImage credit : Aman Vaishnav
इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यहां की भात पूजा है। इस भात पूजा में शिवलिंग को पके हुए चावल (भात) से सजाया जाता है।
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खास दिन पर भीड़Image credit : Aman Vaishnav
इस मंदिर में हर मंगलवार को बहुत सारे भक्त अपने मंगल दोष दूर करने के लिए आते हैं। महाशिवरात्रि और सावन के महीने में भी भक्तों की भीड़ लगती है।
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शिवजी ही मंगलनाथImage credit : Aman Vaishnav
मंदिर के अंदर (गर्भ गृह में) भगवान शिव ही मंगलनाथ बनकर शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं।
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मंगल ग्रह का जन्मImage credit : Aman Vaishnav
पुरानी कहानियों के हिसाब से, इस मंगलनाथ मंदिर को मंगल ग्रह (Mars) का जन्म स्थान माना जाता है।
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मंगल दोष का हलImage credit : Aman Vaishnav
भारत ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लोग यहां आकर अपनी कुंडली का मंगल दोष खत्म करवाते हैं।