पुतिन का ट्रंप को सुनामी जवाब, दुनिया का कोई डिफेंस सिस्टम इस टॉरपीडो परीक्षण को नहीं रोक सकता

Aman Vaishnav | Oct 30, 2025, 17:51 IST
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अमेरिका का आखिरी परमाणु परीक्षण
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अमेरिका ने अपना आखिरी बार पूरा न्यूक्लियर टेस्ट 1992 में किया था। इसके बाद, उन्होंने खुद से इस पर 33 साल की रोक लगा दी थी।
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पुतिन का अजेयता का दावा
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रूसी राष्ट्रपति का दावा है कि उनके नए हथियार इतने आधुनिक हैं कि दुनिया का कोई भी डिफेंस सिस्टम इन्हें रोक नहीं सकता। वहीं, अमेरिका की नई नीति दूसरे देशों के परीक्षणों का केवल जवाब देने पर टिकी है।
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पुतिन का टॉरपीडो जवाब
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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 'पोसाइडन' सुपर टॉरपीडो का सफल परीक्षण कर ट्रंप को करारा जवाब दिया है। इस अंडरवॉटर ड्रोन की परमाणु क्षमता इतनी भयानक है कि यह 500 मीटर तक रेडियोधर्मी सुनामी लाकर पूरे तटीय देशों को तबाह कर सकता है।
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डोनाल्ड ट्रम्प का बयान
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जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति ट्रंप ने बयान दिया था कि अमेरिका के पास ऐसे हथियार भी हैं जो पानी के अंदर युद्ध करने में सक्षम हैं, और जो रूस और चीन की बढ़ती ताकत का मुकाबला कर सकते हैं।
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रूस सबसे आगे
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रक्षा रिपोर्ट के अनुसार परमाणु हथियारों की संख्या में भले ही अमेरिका आगे हो, लेकिन 'पोसाइडन' और 'बुरेवेस्तनिक' जैसे खतरनाक नए हथियारों के मामले में रूस सबसे आगे है।
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एक और सफल परीक्षण
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राष्ट्रपति पुतिन ने ट्रंप के बयान से पहले ही एक और धमाकेदार न्यूक्लियर-सक्षम हथियार 'बुरेवेस्तनिक' का सफल परीक्षण किया था। (अमेरिको को रूस की चेतावनी) 'पोसाइडन' टॉरपीडो का परीक्षण इस सफलता के ठीक बाद किया गया।
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ट्रंप ने भी दिया न्यूक्लियर ऑर्डर
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और चीन की बढ़ती परमाणु ताकत को देखते हुए, अपनी सेना (पेंटागन) को 1992 से लगी रोक तोड़कर, परमाणु हथियारों का परीक्षण 'तुरंत शुरू' करने का आदेश दिया।