श्रीनाथजी मंदिर में एक दिन में 8 बार होती है आरती, जानें क्या है 15 मिनट दर्शन का रहस्य
Aman Vaishnav | Nov 28, 2025, 13:25 IST
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भोग आरती में मशालImage credit : Aman Vaishnav
शाम की भोग आरती में कभी-कभी मशालों का उपयोग किया जाता है, जिससे दर्शन का और शानदार अनुभव होता है।
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15-20 मिनट के दर्शनImage credit : Aman Vaishnav
हर झांकी का समय केवल 15 से 20 मिनट का होता है। इसके लिए भक्त घंटों तक इंतजार करते हैं।
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ठाकुर जी की वेशभूषाImage credit : Aman Vaishnav
श्रीनाथ जी मंदिर नाथद्वारा: ठाकुर जी की वेशभूषा हर झांकी में बदली जाती है और मौसम के अनुसार उन्हें झूले पर भी बिठाया जाता है।
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संगीत का तालमेलImage credit : Aman Vaishnav
हर आरती के लिए समय और मौसम के मुताबिक विशेष राग और भजन गाए जाते हैं, जो झांकी को और अनोखा बनाते हैं।
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राजस्थान का श्रीनाथजी मंदिरImage credit : Aman Vaishnav
श्रीनाथजी मंदिर राजस्थान: यह मंदिर राजस्थान में है। यहां भगवान कृष्ण की सेवा दिन में आठ बार अलग-अलग झांकियों (आरती) के रूप में होती है।
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बाल स्वरूप की पूजाImage credit : Aman Vaishnav
यहां भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा होती है। यहां आरती और सेवा एक मां की तरह लाड़-दुलार के साथ की जाती है।
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अनोखी मंगला झांकीImage credit : Aman Vaishnav
Latest Religious News: सुबह की पहली आरती 'मंगला झांकी' बहुत खास होती है (धार्मिक अपडेट) जिसके लिए भक्त आधी रात से ही लाइन में लग जाते हैं।