क्या आप भी करते हैं Axis Bank में काम, तो ये खबर पढ़कर लग सकता है झटका
एक्सिस बैंक ने अपने कर्मचारियों की संख्या में बड़ी कटौती की है। रिपोर्ट के अनुसार बैंक ने करीब 3 हजार कर्मचारियों को निकाला है। वित्त वर्ष 2025 में कर्मचारियों की संख्या 1.04 लाख थी।
अब यह संख्या घटकर केवल 1.01 लाख ही रह गई है। बैंक के एमडी अमिताभ चौधरी ने खुद यह जानकारी दी। उन्होंने शनिवार को अर्निंग कॉल के दौरान यह बड़ा खुलासा किया। इस खबर से बैंकिंग सेक्टर में काफी हलचल मच गई है। बैंक एक तरफ अपनी नई शाखाएं भी खोल रहा है। ऐसे समय में छंटनी (layoffs) होना सभी के लिए चौंकाने वाला है।
छंटनी का कारण: तकनीक और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन
आमतौर पर बड़ी छंटनी के पीछे आर्थिक मंदी या एआई (AI) को कारण माना जाता है, लेकिन एक्सिस बैंक की कहानी थोड़ी अलग है। बैंक के प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम किसी एक विभाग को निशाना बनाकर नहीं उठाया गया है, बल्कि यह बैंक के निरंतर डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन (Digital Transformation) का परिणाम है।
प्रोडक्टिविटी में सुधार
अमिताभ चौधरी के अनुसार, बैंक पिछले 3-4 सालों से अपने ऑपरेटिंग एक्सपेंडिचर का लगभग 9% से 10% तकनीक पर खर्च कर रहा है।
- टेक्नोलॉजी का फायदा: नई तकनीक और मशीनों पर जो पैसा खर्च किया गया है, उससे बैंक का कामकाज अब बहुत तेज़ और आसान हो गया है।
- नतीजा: अब कम लोगों के साथ भी बैंक ज्यादा काम निपटा पा रहा है और ग्राहकों को पहले से अच्छी सर्विस दे रहा है। बैंक इसे 'वर्कफोर्स ऑप्टिमाइजेशन' कह रहा है, जिसका सीधा मतलब है—कम स्टाफ में भी बेहतरीन तरीके से काम मैनेज करना।
कितने कर्मचारी घटे
- कुल कर्मचारी (2025): 1.04 लाख
- कुल कर्मचारी (2026): 1.01 लाख
- छंटनी की संख्या: ~3 हजार
- तकनीकी खर्च: कुल परिचालन व्यय का 9-10%
- शुद्ध लाभ (मार्च तिमाही): 7 हजार 71 करोड़ रुपए
- घोषित लाभांश (Dividend): 1 रुपए प्रति शेयर
क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) है जिम्मेदार?
मौजूदा दौर में नौकरियों पर एआई के खतरे को लेकर काफी चर्चा है। हालांकि, एक्सिस बैंक ने फिलहाल इसके पीछे एआई के बड़े कंट्रीब्यूशन से इनकार किया है। बैंक का कहना है कि-
- वर्तमान में एआई टूल्स का उपयोग केवल बैंकिंग लेनदेन के समय को कम करने और काम्प्लेक्स प्रोसेस को सरल बनाने के लिए किया जा रहा है।
- एआई अभी नौकरियों को पूरी तरह से बदलने की स्थिति में नहीं है, बल्कि यह मौजूदा कर्मचारियों की मदद कर रहा है।
कर्मचारी घटे पर शाखाएं बढ़ीं
एक तरफ जहां बैंक कर्मचारियों की संख्या कम कर रहा है, वहीं दूसरी ओर उसने अपना भौतिक विस्तार (Physical Expansion) तेज कर दिया है।
- 400 नई शाखाएं: बैंक ने इस साल पूरे देश में करीब 400 नए ऑफिस (ब्रांच) खोले हैं।
- बैलेंस बनाने की तैयारी: बैंक चाहता है कि काम ऑनलाइन भी अच्छे से चले और लोग बैंक जाकर भी अपना काम करा सकें। यानी डिजिटल सिस्टम और बैंक ब्रांच, दोनों का तालमेल बिठाया जा रहा है।
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