डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा एम्स: 28 बड़े संस्थानों में 23 हजार से ज्यादा पद खाली

Manya Jain | Aug 12, 2026, 12:45 IST
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केंद्र सरकार के 28 अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों में 23 हजार से ज्यादा पद खाली हैं। यह जानकारी स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने राज्यसभा में दी। एम्स दिल्ली में सबसे ज्यादा वैकेंसी है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • केंद्र सरकार के 28 अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों में 23 हजार से ज्यादा पद खाली हैं।
  • यह जानकारी स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने राज्यसभा में दी।
  • सीपीआई (CPI) (एम) सांसद वी शिवदासन के सवाल पर यह जवाब आया।
  • एम्स दिल्ली में अकेले 2,921 पद रिक्त हैं।
  • कई अन्य बड़े संस्थानों में भी हजारों वैकेंसी हैं।

एम्स दिल्ली में सबसे ज्यादा वैकेंसी

नई दिल्ली स्थित एम्स में सबसे ज्यादा पद खाली हैं। यहां कुल 1,313 फैकल्टी पदों में से 873 भरे जा चुके हैं। बाकी 440 पद अब भी खाली पड़े हैं।



नॉन-फैकल्टी कैटेगरी में स्थिति थोड़ी बेहतर है। यहां 13,913 सैंक्शन पदों में से 11,432 भरे गए हैं। इसके बावजूद 2,481 पद अब भी रिक्त हैं।



18 एम्स संस्थानों की तस्वीर

प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत बने 18 एम्स संस्थानों में 2026-27 के लिए कुल 4,850 फैकल्टी पद सैंक्शन हुए हैं। इनमें से 3,205 पद भरे जा चुके हैं।



यानी यहां 1,645 पद अभी भी खाली हैं। यह कुल सैंक्शन क्षमता का करीब 34% है।



कुछ नए एम्स संस्थानों में स्थिति ज्यादा गंभीर है। राजकोट एम्स में 183 में से 89 फैकल्टी पद खाली हैं। गुवाहाटी में 183 में से 64 पद रिक्त हैं। बिलासपुर में 217 में से 78 और गोरखपुर में 213 में से 92 पद अब भी खाली हैं।



अन्य बड़े संस्थानों में भी कमी

एम्स के अलावा कई अन्य केंद्रीय संस्थानों में भी बड़ी संख्या में वैकेंसी है। पुडुचेरी के जिपमर (JIPMER – Jawaharlal Institute of Postgraduate Medical Education and Research) में 1,223 पद खाली हैं। चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर (PGIMER – Postgraduate Institute of Medical Education and Research) में यह आंकड़ा 1,936 है।



दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में 1,179 पद रिक्त हैं। आरएमएल अस्पताल में 469 और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और उससे जुड़े अस्पतालों में 624 पद खाली हैं।



बेंगलुरु के निम्हांस (NIMHANS – National Institute of Mental Health and Neurosciences) में 507 पद रिक्त हैं। शिलॉन्ग के नाइग्रिम्स (NEIGRIHMS – North Eastern Indira Gandhi Regional Institute of Health and Medical Sciences) में 599 पद खाली हैं। इंफाल के रिम्स (RIMS – Regional Institute of Medical Sciences) में यह संख्या 386 है। दिल्ली के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ ट्यूबरकुलोसिस एंड रेस्पिरेटरी डिजीज में 77 पद रिक्त हैं।



सैंक्शन पदों में भी आई कमी

आंकड़े यह भी बताते हैं कि कुछ संस्थानों में सैंक्शन पदों की संख्या ही घट गई है। आरएमएल अस्पताल में यह संख्या 2021-22 में 4,093 थी। यह 2025-26 में घटकर 3,152 रह गई।



लेडी हार्डिंग अस्पताल में भी यही ट्रेंड देखा गया। यहां सैंक्शन पद 3,097 से घटकर 2,841 हो गए। इसी अवधि में यह गिरावट दर्ज हुई।



सांसद ने की समयबद्ध भर्ती की मांग

सांसद वी शिवदासन ने कहा कि खाली पदों का सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि इससे मरीजों को इलाज मिलने में दिक्कत होती है।



उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि बेड क्षमता, मरीजों की संख्या और इलाज की जरूरत के हिसाब से नए पद बनाए जाएं। साथ ही मौजूदा खाली पदों को तय समय सीमा में भरा जाए।



FAQ

  1. केंद्र सरकार के अस्पतालों में कुल कितने पद खाली हैं?
    28 केंद्रीय अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों में 23 हजार से ज्यादा पद खाली हैं। यह जानकारी राज्यसभा में स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने दी।
  2. एम्स दिल्ली में कितनी वैकेंसी है?
    एम्स दिल्ली में कुल 2,921 पद रिक्त हैं। इसमें 440 फैकल्टी और 2,481 नॉन-फैकल्टी पद शामिल हैं।
  3. 18 एम्स संस्थानों में कुल कितनी फैकल्टी वैकेंसी है?
    18 एम्स संस्थानों में 4,850 सैंक्शन फैकल्टी पदों में से 1,645 पद खाली हैं। यह कुल क्षमता का करीब 34% है।

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