SSC GD Exam 2026: NEET और CBSE के बाद अब SSC GD में भारी लापरवाही, कई केंद्रों पर हंगामा
समझें क्या है पूरा मामला
- एसएससी जीडी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में भारी कुप्रबंधन देखने को मिला है।
- प्रयागराज में कंप्यूटर की क्षमता से दोगुने छात्रों को परीक्षा केंद्र अलॉट कर दिया गया।
- सीट न मिलने से नाराज अभ्यर्थियों ने सेंटर पर तोड़फोड़ की और हाईवे जाम किया।
- बिहार के मुजफ्फरपुर में बिना किसी आधिकारिक नोटिस के अचानक परीक्षा को रद्द कर दिया गया।
- गोरखपुर में रोल नंबर की गड़बड़ी के कारण छात्रों को एंट्री देने से मना कर दिया गया।
कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की कांस्टेबल जीडी परीक्षा 2026 के दौरान भारी प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। प्रयागराज के अंदावा में एक प्राइवेट एजेंसी की गलती से परीक्षा केंद्र रणक्षेत्र में बदल गया।
यहां के एक कॉलेज में कुल 650 कंप्यूटर ही काम करने के लिए उपलब्ध थे। लेकिन परीक्षा कराने वाली कंपनी ने दूसरी शिफ्ट में 1 हजार 35 छात्रों को यह सेंटर अलॉट कर दिया। इतना ही नहीं तीसरी शिफ्ट में भी क्षमता से दोगुने यानी 1 हजार 34 अभ्यर्थियों का सेंटर यहां डाल दिया गया। इसके बाद परीक्षा केंद्र पर भारी अफरा-तफरी मच गई।
जब दूर-दराज के जिलों से आए छात्रों को बैठने के लिए कंप्यूटर नहीं मिले, तो उनका गुस्सा भड़क गया। गुस्साए अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र के कमरों में घुसकर तोड़फोड़ करना शुरू कर दिया।
उन्होंने वहां लगे दर्जनों कंप्यूटर, मॉनिटर, मुख्य सर्वर, एसी और सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह तोड़ डाले। हंगामा इतना बढ़ गया कि कुछ छात्र वहाँ से कंप्यूटर के पार्ट्स लेकर भागने लगे। पुलिस ने एक छात्र को रंगे हाथों लैपटॉप के साथ पकड़ा और उसे तुरंत हिरासत में ले लिया।
परीक्षा केंद्रों पर हंगामा क्यों बढ़ने लगा?
परीक्षा केंद्र पर माहौल बिगड़ते ही परीक्षा कराने आई प्राइवेट कंपनी की पूरी टीम सेंटर छोड़कर भाग खड़ी हुई। जिम्मेदार अधिकारियों के भागने से छात्रों का गुस्सा और ज्यादा बढ़ गया।
अयोध्या, चित्रकूट और मऊ से आए परीक्षार्थियों ने जीटी रोड पर चक्काजाम कर दिया। इसके कारण नेशनल हाईवे पर कई घंटों तक लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा। स्थिति को संभालने के लिए ट्रेनी आईपीएस और एसीपी को भारी पुलिस बल के साथ मोर्चा संभालना पड़ा। पुलिस ने छात्रों को समझाया और मुश्किल से रास्ता साफ कराया।
इस बड़े हंगामे के बाद कर्मचारी चयन आयोग के मध्य क्षेत्र दफ्तर ने एक जरूरी कदम उठाया। आयोग ने परीक्षा केंद्र पर एक लिखित नोटिस चस्पा किया। इसमें बताया गया कि प्रभावित छात्रों की परीक्षाएं अब आगे किसी अन्य तारीख पर कराई जाएंगी।
इस आश्वासन के बाद ही नाराज छात्र शांत हुए और अपने घरों के लिए वापस लौटे। लेकिन इस घटना ने परीक्षा कराने वाली प्रणाली की पोल खोलकर रख दी है। छात्र इस अव्यवस्था से बेहद परेशान नजर आए।
मुजफ्फरपुर और गोरखपुर में बिना नोटिस परीक्षा रद्द
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से भी परीक्षा व्यवस्था में बड़ी नाकामी की तस्वीर सामने आई है। यहां के बीबी कॉलेज सेंटर पर दूसरी और तीसरी शिफ्ट की परीक्षा अचानक रद्द कर दी गई। इसके बाद छात्रों ने कॉलेज परिसर में जमकर हंगामा काटा।
उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न जिलों से आए छात्रों का आरोप था कि उन्हें बहुत देर से इसकी जानकारी दी गई। एसएससी की वेबसाइट पर भी परीक्षा रद्द होने का कोई ऑफिशियल नोटिस जारी नहीं किया गया था।
छात्रों ने सवाल उठाया कि जब पहली शिफ्ट की परीक्षा आराम से हो गई, तो उनकी परीक्षा क्यों रोकी गई। उधर, गोरखपुर के सेंट एंड्रयूज कॉलेज में भी सीट और रोल नंबर की गलत कोडिंग के कारण छात्रों को एंट्री नहीं मिली।
ग्रामीण इलाकों से आए छात्रों ने गेट पर ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। छात्रों का कहना है कि सरकार और आयोग ने युवाओं के भविष्य को एक मज़ाक बना दिया है। उनकी मांग है कि परीक्षा दोबारा जल्द आयोजित की जाए।
FAQ
- प्रयागराज के परीक्षा केंद्र पर छात्रों ने तोड़फोड़ और हंगामा क्यों किया?
प्रयागराज के सेंटर पर कुल 650 कंप्यूटर थे, लेकिन परीक्षा एजेंसी ने वहां 1035 छात्रों को बुला लिया। सीट न मिलने के कारण नाराज अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र पर जमकर तोड़फोड़ की। - मुजफ्फरपुर में एसएससी जीडी कांस्टेबल परीक्षा को लेकर क्या विवाद हुआ?
मुजफ्फरपुर के परीक्षा केंद्र पर बिना किसी पूर्व ऑफिशियल नोटिस के अचानक लाउडस्पीकर से परीक्षा रद्द करने की घोषणा की गई, जिससे नाराज छात्रों ने कॉलेज परिसर में हंगामा किया।
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