प्याज की कीमतों में जबरदस्त उछाल, एक साल में 51.5% बढ़े थोक भाव
देश की मंडियों में प्याज की कीमतों में मजबूती का दौर जारी है। 26 जुलाई 2026 को खत्म हुए सप्ताह में प्याज का औसत थोक भाव बढ़कर 2,012.69 रुपए प्रति क्विंटल पहुंच गया है। यह डेटा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के एगमार्कनेट के आंकड़ों के मुताबिक है।
पिछले साल इसी समय यह कीमत 1 हजार 328.49 रुपए प्रति क्विंटल थी। यानी सिर्फ एक साल में कीमतों में 51.5% की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
प्रमुख सब्जियों में इस समय प्याज सबसे मजबूत ट्रेंड दिखा रहा है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर दाम, नियंत्रित सप्लाई और मजबूत मांग की वजह से कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। हालांकि हाल के दिनों में तेजी की रफ्तार पहले की तुलना में कुछ धीमी जरूर हुई है।
प्याज की कीमत में मजबूत रिकवरी
पिछले एक साल में प्याज बाजार ने अच्छी वापसी की है। जुलाई 2025 में जहां औसत थोक भाव 1,328.49 रुपए प्रति क्विंटल था, वहीं जुलाई 2026 में यह बढ़कर 2 हजार 012.69 रुपए प्रति क्विंटल पहुंच गया है।
हालांकि मौजूदा कीमतें अभी भी जुलाई 2024 के 2 हजार 658.87 रुपए प्रति क्विंटल के रिकॉर्ड स्तर से 24.3% कम हैं। इससे साफ है कि बाजार में मजबूती तो लौटी है, लेकिन दो साल पहले वाला रिकॉर्ड स्तर अभी नहीं आया है।
अगर जुलाई 2023 की बात करें तो उस समय औसत थोक भाव सिर्फ 1,215.75 रुपए प्रति क्विंटल था। मौजूदा कीमतें उस स्तर से 65.55% ज्यादा हैं।
मासिक आधार पर भी तेजी जारी
प्याज की कीमतें सिर्फ सालाना नहीं, बल्कि महीने-दर-महीने भी बढ़ रही हैं।
26 जून 2026 को औसत थोक भाव 1,844.85 रुपए प्रति क्विंटल था। एक महीने बाद यह बढ़कर 2 हजार12.69 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। यानी एक महीने में 9.09% की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
यह दिखाता है कि बाजार में मांग बनी हुई है और किसानों को बेहतर कीमत मिल रही है।
साप्ताहिक बढ़त जारी, लेकिन रफ्तार थोड़ी धीमी
हाल के सप्ताहों में कीमतें लगातार बढ़ी हैं, लेकिन अब तेजी पहले जैसी नहीं रही है।
19 जुलाई 2026 को औसत थोक भाव 1,989.24 रुपए प्रति क्विंटल था। 26 जुलाई तक यह बढ़कर 2,012.69 रुपए प्रति क्विंटल हो गया।
इस दौरान सिर्फ 1.17% की साप्ताहिक बढ़ोतरी हुई है। इससे संकेत मिलता है कि बाजार मजबूत तो है, लेकिन कीमतों की बढ़त अब धीरे-धीरे संतुलित हो रही है।
तीन साल में कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव
पिछले तीन साल के आंकड़े बताते हैं कि प्याज बाजार में काफी अस्थिरता रही है।
- जुलाई 2023 में कीमतें अपेक्षाकृत कम थीं।
- जुलाई 2024 में कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं।
- जुलाई 2025 में कीमतों में गिरावट दर्ज हुई।
- जुलाई 2026 में फिर से मजबूत सुधार देखने को मिला है।
इससे साफ है कि प्याज का बाजार उत्पादन, मौसम, भंडारण और सप्लाई जैसी परिस्थितियों से काफी प्रभावित होता है।
आगे कैसा रह सकता है बाजार?
विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल प्याज बाजार मजबूत बना हुआ है। पिछले साल की तुलना में कीमतें काफी ऊपर हैं और मासिक आधार पर भी तेजी बनी हुई है।
हालांकि साप्ताहिक बढ़ोतरी की रफ्तार कम होना इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में बाजार ज्यादा संतुलित हो सकता है।
नई फसल की आवक, भंडारण की स्थिति, बाजार की मांग और मानसूनी हालात आगे कीमतों की दिशा तय करेंगे।
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