इलेक्टोरल बॉन्ड पर मायावती ने जता दी अपनी नाराजगी, सुप्रीम कोर्ट को लेकर भी यह कह दिया

Dr Rameshwar Dayal | Mar 19, 2024, 10:41 IST
MAYAWATI
मायावती ने कहा है कि रक्षा सौदों आदि में भ्रष्टाचार के बाद चर्चित गुप्त चुनावी बॉन्ड से उगे धनबल द्वारा देश की राजनीति व चुनाव को भी जनहित व जनमत से दूर करने की प्रक्रिया के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का ताज़ा फैसला महत्वपूर्ण है।

इलेक्टोरल बांड के जरिए चंदा न लेने पर मायावती ने दूसरी पार्टियों पर गंभीर हमला बोला है। बहुजन समाज पार्टी ( BSP ) की मुखिया मायावती ( Mayawati ) ने इलेक्टोरल बॉन्ड ( Electoral Bonds) मसले पर सुप्रीम कोर्ट ( supreme court ) की कार्यवाही को सही ठहराया है। उन्होंने वे कारण भी बताए हैं कि जिसके चलते उनकी पार्टियों ने कंपनियों या संस्थाओं से चंदा नहीं लिया। मायावती का मानना है कि जनहित और देश में गरीबी व पिछड़ापन दूर करने के लिए इस तरह के बॉन्ड आड़े आते हैं। बीएसपी सुप्रीमो के अनुसार सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला संविधान व लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक सतत प्रयास है।



सुप्रीम कोर्ट की पहल सही


बॉन्ड के जरिए चंदा न लेने पर मायावती ने भी अपने विचार व्यक्ति किए हैं, साथ ही दूसरी पार्टियों पर भी गंभीर हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर पोस्ट लिखा है कि इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट की पहल को सही ठहराया है, साथ ही ऐसे बॉन्ड के जरिए चंदा लेने वाले राजनीतिक दलों को निशाने पर लिया है। अपनी पोस्ट में उन्होंने इस बात की भी जानकारी ली है कि उनकी पार्टी किन कारणों से बड़े-बड़े पूंजीपतियों और धन्नासेठों से चंदा नहीं लेती है।



चंदा लेने वाली पार्टियां स्वार्थ में लगी रहती हैं


अपनी पहली पोस्ट में मायावती ने कहा है कि रक्षा सौदों आदि में भ्रष्टाचार के बाद चर्चित गुप्त चुनावी बॉन्ड से उगे धनबल द्वारा देश की राजनीति व चुनाव को भी जनहित व जनमत से दूर करने की प्रक्रिया के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का ताज़ा फैसला महत्वपूर्ण है और यह संविधान व लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक जरूरी व सतत प्रयास भी है। उन्होंने कहा कि ’जहां सहारा वहां इशारा’, इससे बचने के लिए बीएसपी बड़े-बड़े पूंजीपतियों व धन्नासेठों के धनबल से दूर है और जिस कारण यूपी में चार बार बनी सरकार में जनहित, जनकल्याण तथा गरीबी व पिछड़ेपन को दूर करने के लिए ऐतिहासिक पहल की गई, जबकि दूसरी पार्टियां अधिकतर स्वार्थ में ही लगी हैं।’



महंगाई, गरीबी हटाने के लिए नहीं लेते हैं चंदा


अपनी बात को और आगे बढ़ाते हुए मायावती ने तीसरी पोस्ट में कहा है कि देश में अब लोकसभा के लिए हो रहे आमचुनाव में जन व देशहित में इन बातों का खास महत्व है, तभी बहुजन हितैषी सरकार देश में बनकर लोगों को जानलेवा महंगाई, बढ़ती गरीबी, बेरोजगारी व पिछड़ेपन के लाचार जीवन से मुक्ति मिल पाएगी, वरना गरीबों की गरीबी व अमीरों की अमीरी लगातार बढ़ती जाएगी।



बॉन्ड की जानकारी में बीएसपी का नाम नहीं है


गौरतलब है कि इलेक्टोरल बॉन्ड के खुलासे में पहले से ही इस बात की जानकारी मिली है कि देश की अनेक राजनीतिक पार्टियों को इसके माध्यम से चंदा मिला है, लेकिन बीएसपी को कोई चंदा नहीं मिला है। इस मसले पर पिछले दिनों बीएसपी के पूर्व विधान परिषद सदस्य और लखनऊ मंडल प्रभारी भीमराव अंबेडकर ने जानकारी दी थी कि देश में सिर्फ एक मात्र दल बहुजन समाज पार्टी ही है, जिसने किसी से भी बॉन्ड के जरिए कोई चंदा नहीं लिया। उनका यह भी कहना था कि देश की सभी पार्टियां भ्रष्ट हैं, सिर्फ बहुजन समाज पार्टी ही गरीबों की हितैषी है, इसीलिए उसे कहीं से कोई पैसा न मिलता है और न ही लेने की जरूरत है।



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