भोपाल में महिला अपराध का बढ़ता ग्राफ, 26% बढ़ोतरी के साथ पिछले साल से 585 मामले ज्यादा दर्ज, देखिए रिपोर्ट
महिला अपराध में 26 प्रतिशत बढ़ोतरी
महिलाओं के खिलाफ अपराधके मामलों में 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी रोजाना दर्ज होने वाले केसों में भी दिखती है। औसतन देखें तो नौ महीने में हर दिन 10 से ज्यादा मामले दर्ज हुए। जबकि पिछले साल इसी अवधि में रोजाना करीब 8 केस दर्ज होते थे।
भोपाल में महिलाओं के खिलाफ अपराध के आंकड़ों में पिछले तीन साल में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 2024 में इसी अवधि के दौरान दो हजार 482 मामले दर्ज हुए थे। 2025 में यह संख्या घटकर दो हजार 216 रह गई। वहीं, 2026 में मामले बढ़कर 2024 के आंकड़े से भी करीब 13 प्रतिशत ज्यादा हो गए।
किस श्रेणी में कितने केस बढ़े?
सबसे ज्यादा बढ़ोतरी धमकी के मामलों में हुई। ऐसे 221 केस बढ़े। वहीं, अपहरण के 168 और क्रूरता के 136 मामले ज्यादा आए। छेड़छाड़ के 34 और दुष्कर्म के 25 केस बढ़े। यानी सबसे ज्यादा बढ़ोतरी धमकी और अपहरण के मामलों में दर्ज की गई।
अपहरण के मामले 50 प्रतिशत बढे
अपहरण के मामले पिछले साल 337 थे, जो इस साल बढ़कर 505 हो गए। यानी इनमें करीब 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। दुष्कर्म के मामले भी 276 से बढ़कर 301 हो गए।
इसमें 9.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, 2026 में सामूहिक दुष्कर्म का एक मामला दर्ज हुआ, जबकि 2025 में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया था। 2024 में सामूहिक दुष्कर्म के तीन मामले दर्ज हुए थे।
छेड़छाड़ के मामले भोपाल में बढे
भोपाल में छेड़छाड़ के मामले 289 से बढ़कर 323 हो गए हैं। यानी इनमें 11.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। साल 2024 में छेड़छाड़ के 277 केस दर्ज किए गए थे।
हत्या की कोशिश के मामले भी बढ़े हैं। पिछले साल ऐसे 5 केस दर्ज हुए थे, जबकि इस साल इनकी संख्या बढ़कर 15 हो गई। यानी मामले तीन गुना हो गए। वहीं, हत्या के केस 8 से बढ़कर 10 हो गए।
आपराधिक धमकी और हिंसा की धमकी से जुड़े मामले सबसे ज्यादा रहे। इस साल ऐसे 796 केस दर्ज हुए, जबकि पिछले साल इनकी संख्या 575 थी। यानी इनमें 38.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
क्रूरता और अन्य बीएनएस अपराध भी बढे
बीएनएस (BNS) की धारा 85 क्रूरता के मामलों पर लगती है। ऐसे केस 437 से बढ़कर 573 हो गए। यह 31.1 प्रतिशत की बढत है। अन्य बीएनएस अपराध 159 से बढकर 207 हो गए।
2024 के मुकाबले कहां कितनी बढत
2024 के मुकाबले क्रूरता के मामले 412 से बढ़कर 573 हो गए। यानी 161 केस बढ़े। छेड़छाड़ के मामले भी 277 से बढ़कर 323 हो गए, यानी 46 केस ज्यादा आए।
हालांकि, सभी तरह के मामलों में बढ़ोतरी नहीं हुई। साधारण चोट के मामले 78 से घटकर 42 रह गए। गंभीर चोट के केस भी नौ से घटकर सात हो गए। वहीं, दहेज हत्या के मामले आठ से घटकर छह रह गए।
भोपाल पुलिस कमिश्नर ने क्या कहा?
Bhopal police commissioner संजय कुमार ने पुलिस के जागरूकता अभियानों का भी जिक्र किया। ये अभियान महिलाओं और लड़कियों के लिए चलाए गए हैं। पुलिसकर्मियों को ऐसे मामले संवेदनशीलता से संभालने के लिए भी तैयार किया गया है।
इनमें सेल्फ डिफेंस (आत्मरक्षा) ट्रेनिंग के कार्यक्रम और लड़कियों के कोर्स शामिल हैं। मकसद उनकी सुरक्षा और आत्मविश्वास बढ़ाना है।
महिला सुरक्षा भोपाल का सवाल
भोपाल में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर रिपोर्ट में सामने आए आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। ये आंकड़े महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। ऐसे में राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा के लिए तुरंत जरूरी कदम उठाने की जरूरत है।
पुलिस ने इस दिशा में कई अभियान चलाए हैं। अब देखना होगा कि इन अभियानों से अपराध के मामलों में कितनी कमी आती है।
भोपाल में अपराध से जुड़े ये आंकड़े अहम हैं, क्योंकि हर मामले के पीछे एक पीड़ित और उसका परिवार होता है। आने वाले महीनों में भी भोपाल में अपराध और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों पर नजर रखना जरूरी होगा।
FAQ
- भोपाल में महिलाओं के खिलाफ अपराध कितने प्रतिशत बढ़े?
भोपाल में महिलाओं के खिलाफ अपराध करीब 26 प्रतिशत बढे हैं। एक जनवरी से 30 सितंबर 2026 तक 2,801 केस दर्ज हुए। पिछले साल इसी अवधि में 2,216 केस थे। - संख्या के हिसाब से किस अपराध में सबसे ज्यादा बढोतरी हुई?
आपराधिक धमकी के केस संख्या में सबसे ज्यादा बढे। ये 575 से बढकर 796 हो गए। अपहरण के केस 337 से 505 हुए। - भोपाल पुलिस कमिश्नर ने क्या कहा?
भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के मुताबिक जांच सर्वोच्च प्राथमिकता से होती है। जांच पूरी होते ही चार्जशीट दाखिल की जाती है। पुलिस ने सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग के कार्यक्रम और जागरूकता अभियान भी चलाए हैं।